फीफा वर्ल्ड कप 2030: बिलबाओ और सैन सेबेस्टियन ने मिलाए हाथ, बास्क क्षेत्र की संयुक्त बोली तैयार
सारांश
मुख्य बातें
स्पेन के बास्क क्षेत्र के दो प्रमुख शहरों — बिलबाओ और सैन सेबेस्टियन — ने फीफा वर्ल्ड कप 2030 की मेजबानी के लिए एक संयुक्त एकल बोली पेश करने का औपचारिक निर्णय लिया है। यह ऐतिहासिक टूर्नामेंट स्पेन, पुर्तगाल और मोरक्को में आयोजित होगा, और तीन महाद्वीपों तथा छह देशों को एक साथ जोड़ने वाला फुटबॉल इतिहास का पहला विश्व कप बनेगा।
संयुक्त बोली का फैसला
दोनों शहरों के अधिकारियों और बास्क क्षेत्रीय सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि पिछले चार वर्षों से मेजबानी की तैयारी में जुटे इन दोनों शहरों के संस्थान अब एक साझा रणनीति के तहत आगे बढ़ेंगे। बास्क संस्थानों के अनुसार, अलग-अलग दो बोलियाँ पेश करने के बजाय आपसी परामर्श से फीफा के समक्ष एक ही बजट और प्रस्ताव रखा जाएगा।
इस साझा प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया है कि दोनों स्थानों को मिलाकर एक ही मेजबान स्थल माना जाएगा। प्रत्येक स्टेडियम में ग्रुप चरण के दो-दो मैच खेले जाएंगे।
मुख्य स्टेडियम और भौगोलिक निकटता
इस कदम से एथलेटिक बिलबाओ के प्रतिष्ठित सैन मैम्स स्टेडियम और रियल सोसाइडाड के अनोएटा स्टेडियम — जो एक-दूसरे से महज 101 किलोमीटर की दूरी पर हैं — अब एक साझा दावेदारी के तहत विश्व कप की मेजबानी के लिए प्रस्तुत होंगे। इससे पहले दोनों शहर अलग-अलग बोलियाँ लगा रहे थे, जिसका अब औपचारिक रूप से अंत हो गया है।
ऐतिहासिक उपलब्धियों का गवाह बनेगा वर्ल्ड कप 2030
फीफा वर्ल्ड कप 2030 कई मायनों में अभूतपूर्व होगा। यह पहली बार होगा जब वर्ल्ड कप का आयोजन उत्तरी अफ्रीका में होगा — 2010 के बाद अफ्रीका में टूर्नामेंट की वापसी। इसके अलावा, 2014 के बाद दक्षिण अमेरिका और 2018 के बाद यूरोप में भी यह प्रतियोगिता आयोजित होगी।
देशों के लिहाज से देखें तो मोरक्को, पुर्तगाल और पराग्वे पहली बार विश्व कप की मेजबानी करेंगे। वहीं उरुग्वे 1930 के उद्घाटन विश्व कप के बाद, अर्जेंटीना 1978 के बाद और स्पेन 1982 के बाद फिर से मेजबान की भूमिका निभाएंगे।
आगे क्या होगा
बास्क संस्थानों का कहना है कि संयुक्त बोली की प्रक्रिया आगामी चरणों में भी जारी रहेगी और फीफा को एक समेकित प्रस्ताव सौंपा जाएगा। यह निर्णय बास्क क्षेत्र की फुटबॉल विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह वर्ल्ड कप तीन महाद्वीपों — यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका — तथा छह देशों में एक साथ आयोजित होने वाला फुटबॉल इतिहास का सबसे व्यापक टूर्नामेंट होगा।