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फीफा वर्ल्ड कप 2026: कोलंबियाई मिडफील्डर जैमिंटन कैम्पाज को जानलेवा धमकियाँ, फेडरेशन ने जाँच की माँग की

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फीफा वर्ल्ड कप 2026: कोलंबियाई मिडफील्डर जैमिंटन कैम्पाज को जानलेवा धमकियाँ, फेडरेशन ने जाँच की माँग की

सारांश

वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद एक चूके हुए शॉट ने कोलंबियाई मिडफील्डर जैमिंटन कैम्पाज को जानलेवा धमकियों के निशाने पर ला दिया। 1994 में आंद्रेस एस्कोबार की हत्या की दर्दनाक याद के साथ, यह घटना फुटबॉल और हिंसा के खतरनाक गठजोड़ पर फिर से सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

कोलंबियाई मिडफील्डर जैमिंटन कैम्पाज को फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में हार के बाद सोशल मीडिया पर जानलेवा धमकियाँ मिलीं।
वैंकूवर में स्विट्जरलैंड से पेनाल्टी शूटआउट में 3-4 से हारकर कोलंबिया वर्ल्ड कप से बाहर हुआ।
एक्स्ट्रा टाइम में कैम्पाज का शॉट क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया — अगर गोल होता तो कोलंबिया क्वार्टर फाइनल में होता।
कोलंबियाई फुटबॉल फेडरेशन ( एफसीएफ ) ने अटॉर्नी जनरल से धमकी देने वालों की तुरंत पहचान कर मुकदमा चलाने का आग्रह किया।
26 वर्षीय कैम्पाज ने सोशल मीडिया पर माफी माँगी और कहा कि देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता में कोई कमी नहीं थी।
इस घटना ने 1994 में डिफेंडर आंद्रेस एस्कोबार की मेडेलिन में हत्या की याद दिला दी।

कोलंबियाई फुटबॉल फेडरेशन (एफसीएफ) ने शनिवार, 11 जुलाई को अधिकारियों से आग्रह किया कि मिडफील्डर जैमिंटन कैम्पाज को मिल रही जानलेवा धमकियों की तत्काल जाँच की जाए — यह धमकियाँ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में स्विट्जरलैंड से पेनाल्टी शूटआउट में 3-4 से हारने के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ शुरू हुईं। 26 वर्षीय यह खिलाड़ी उस मौके के लिए निशाने पर आए जब एक्स्ट्रा टाइम में उनका शॉट गोल के बजाय क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया।

मैच में क्या हुआ

वैंकूवर में खेले गए इस राउंड ऑफ 16 मुकाबले में निर्धारित समय और एक्स्ट्रा टाइम तक स्कोर गोल-रहित बना रहा। एक्स्ट्रा टाइम के दौरान कैम्पाज के सामने गोलकीपर को छकाने का स्पष्ट अवसर था, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर चला गया। अगर वह गोल होता, तो कोलंबिया क्वार्टर फाइनल में पहुँच जाता। पेनाल्टी शूटआउट में 3-4 से हार के साथ कोलंबिया का वर्ल्ड कप सफर समाप्त हो गया।

धमकियाँ और फेडरेशन की प्रतिक्रिया

हार के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कैम्पाज को जान से मारने की धमकियाँ मिलने लगीं। एफसीएफ ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'हम जैमिंटन कैम्पाज, उनके परिवार, कोलंबियाई राष्ट्रीय टीम के सभी खिलाड़ियों और पूरे प्रतिनिधिमंडल के साथ पूरी एकजुटता और समर्थन जाहिर करते हैं। हम अटॉर्नी जनरल के ऑफिस से यह भी अनुरोध करते हैं कि वे इन हरकतों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने, उन पर मुकदमा चलाने और उन्हें सजा देने के लिए तुरंत जरूरी जाँच करें।'

फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि उसने सरकारी वकीलों से धमकी देने वालों की तुरंत पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। एफसीएफ ने यह भी कहा, 'फुटबॉल एकता, सम्मान और उम्मीद की जगह होनी चाहिए, न कि नफरत, डराने-धमकाने या हिंसा का मंच।'

कैम्पाज का बयान

हार के बाद अर्जेंटीना के क्लब रोसारियो सेंट्रल के लिए खेलने वाले कैम्पाज कोलंबिया नहीं लौटे। उन्होंने सोशल मीडिया पर दुख में चेहरा ढके हुए अपनी एक तस्वीर साझा कर प्रशंसकों से माफी माँगी। कैम्पाज ने लिखा, 'मुझे इस बात का बेहद अफसोस है कि मैं आपको वह खुशी नहीं दे पाया जिसकी हम सभी को उम्मीद थी, लेकिन मैं चाहता हूँ कि आप जानें कि इस जर्सी के लिए मेरी प्रतिबद्धता, समर्पण या प्यार में कभी कोई कमी नहीं रही। मैंने मैदान पर अपना सब कुछ झोंक दिया। मैं अपने देश के लिए ऐसा हजारों बार करूँगा।'

1994 की दर्दनाक याद

इस घटना ने कोलंबियाई फुटबॉल के सबसे काले अध्याय की याद ताजा कर दी। फीफा वर्ल्ड कप 1994 में डिफेंडर आंद्रेस एस्कोबार ने अमेरिका के खिलाफ एक 'ओन गोल' किया था, जिसके बाद मेडेलिन में उनकी हत्या कर दी गई थी। तीन दशक बाद भी कोलंबियाई फुटबॉल में खिलाड़ियों के खिलाफ हिंसक प्रतिक्रिया की यह प्रवृत्ति चिंता का विषय बनी हुई है।

आगे क्या होगा

एफसीएफ के आग्रह पर कोलंबिया के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय द्वारा जाँच शुरू किए जाने की उम्मीद है। यह मामला न केवल एक खिलाड़ी की सुरक्षा का सवाल है, बल्कि खेल के मैदान में हार-जीत को हिंसा से जोड़ने की खतरनाक सोच पर भी बहस छेड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और कोलंबियाई अधिकारी इस बार वास्तविक जवाबदेही सुनिश्चित कर पाएँगे — या यह भी महज एक बयान बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैमिंटन कैम्पाज को धमकियाँ क्यों मिल रही हैं?
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में स्विट्जरलैंड के खिलाफ एक्स्ट्रा टाइम में कैम्पाज का शॉट क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया, जिससे कोलंबिया गोल से चूक गया और बाद में पेनाल्टी शूटआउट में 3-4 से हारकर वर्ल्ड कप से बाहर हो गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जानलेवा धमकियाँ मिलने लगीं।
कोलंबियाई फुटबॉल फेडरेशन ने इस मामले में क्या कदम उठाया?
एफसीएफ ने 11 जुलाई को एक आधिकारिक बयान जारी कर कोलंबिया के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय से धमकी देने वालों की तुरंत पहचान करने, उन पर मुकदमा चलाने और सजा दिलाने के लिए तत्काल जाँच करने का आग्रह किया। फेडरेशन ने कैम्पाज और उनके परिवार के साथ पूरी एकजुटता जताई।
कोलंबिया फीफा वर्ल्ड कप 2026 से कैसे बाहर हुआ?
वैंकूवर में खेले गए राउंड ऑफ 16 मुकाबले में कोलंबिया और स्विट्जरलैंड के बीच निर्धारित समय और एक्स्ट्रा टाइम तक स्कोर गोल-रहित रहा। पेनाल्टी शूटआउट में स्विट्जरलैंड ने 4-3 से जीत दर्ज की और कोलंबिया का वर्ल्ड कप सफर समाप्त हो गया।
क्या इससे पहले भी कोलंबियाई खिलाड़ियों को ऐसी धमकियाँ मिली हैं?
हाँ, 1994 फीफा वर्ल्ड कप में डिफेंडर आंद्रेस एस्कोबार ने अमेरिका के खिलाफ एक ओन गोल किया था, जिसके बाद मेडेलिन में उनकी हत्या कर दी गई थी। कैम्पाज वाली घटना ने उसी दर्दनाक इतिहास की याद ताजा कर दी है।
जैमिंटन कैम्पाज कौन हैं और उन्होंने हार पर क्या कहा?
जैमिंटन कैम्पाज 26 वर्षीय कोलंबियाई मिडफील्डर हैं जो अर्जेंटीना के क्लब रोसारियो सेंट्रल के लिए खेलते हैं। हार के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर माफी माँगते हुए कहा कि जर्सी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और प्यार में कभी कोई कमी नहीं रही और उन्होंने मैदान पर अपना सब कुछ दिया।
राष्ट्र प्रेस
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