6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

फॉर्मूला वन का कार्बन फुटप्रिंट 2018 के मुकाबले 35% घटा, 2030 तक नेट-जीरो का संकल्प

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
फॉर्मूला वन का कार्बन फुटप्रिंट 2018 के मुकाबले 35% घटा, 2030 तक नेट-जीरो का संकल्प

सारांश

फॉर्मूला वन ने 2018 के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन 35% घटाकर और 2024 से 12% की अतिरिक्त कमी दर्ज कर यह साबित किया है कि ग्लोबल स्पोर्ट्स और ग्रीन एजेंडा साथ चल सकते हैं। 2030 का नेट-जीरो लक्ष्य अब महज़ वादा नहीं, बल्कि रोडमैप बन चुका है।

मुख्य बातें

फॉर्मूला वन ने 2018 के बेसलाइन की तुलना में कार्बन फुटप्रिंट 35 प्रतिशत कम किया।
2024 की तुलना में उत्सर्जन में 12 प्रतिशत की अतिरिक्त कटौती दर्ज की गई।
2018 के बाद से कुल 80,000 टन CO₂ की बचत हुई — लंदन-न्यूयॉर्क की 1,00,000 से अधिक वन-वे उड़ानों के बराबर।
यात्रा उत्सर्जन में 2018 के बाद से 27 प्रतिशत की गिरावट; SAF और रिमोट ब्रॉडकास्ट प्रमुख कारक।
2030 तक ब्रॉडकास्ट सामग्री का 50%+ हिस्सा हवाई परिवहन से हटाने का लक्ष्य।
इस सीज़न 22 ग्रांप्री के बावजूद उत्सर्जन में कमी जारी।

फॉर्मूला वन ने सस्टेनेबिलिटी रिव्यू रिपोर्ट 2025 के अनुसार, 2018 के बेसलाइन की तुलना में अपना कुल कार्बन फुटप्रिंट 35 प्रतिशत तक घटा लिया है। 17 जून को जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक, खेल के वैश्विक विस्तार के बावजूद चैंपियनशिप के परिचालन में पर्यावरणीय सुधार की गति बनी हुई है और 2030 तक नेट-जीरो कार्बन स्पोर्ट बनने का लक्ष्य अब अधिक व्यावहारिक दिखने लगा है।

ताज़ा आँकड़े क्या कहते हैं

रिपोर्ट के अनुसार, 2024 की तुलना में कार्बन उत्सर्जन में 12 प्रतिशत की अतिरिक्त कमी दर्ज की गई है। यह आँकड़ा इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि इस सीज़न 22 ग्रांप्री आयोजित करने की योजना है — यानी रेस कैलेंडर के विस्तार के बावजूद उत्सर्जन नीचे आया है। 2018 के बाद से फॉर्मूला वन के परिचालन से कुल मिलाकर लगभग 80,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड कम हुई है।

यात्रा उत्सर्जन में बड़ी कटौती

कार्बन में कमी का एक प्रमुख स्रोत यात्रा से जुड़ा उत्सर्जन रहा है, जिसमें 2018 के बाद से 27 प्रतिशत की गिरावट आई है। टीमों ने सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) में निवेश बढ़ाया है, जबकि फॉर्मूला वन ने दुनिया भर में स्टाफ और उपकरणों की आवाजाही कम करने के लिए रिमोट ब्रॉडकास्ट ऑपरेशन का विस्तार किया है। फॉर्मूला वन के बयान के अनुसार, 80,000 टन CO₂ की यह बचत एक व्यक्ति के 50 करोड़ किलोमीटर से अधिक उड़ान भरने या लंदन से न्यूयॉर्क के बीच 1,00,000 से अधिक वन-वे ट्रांसअटलांटिक यात्राओं के बराबर है।

2030 तक का रोडमैप

फॉर्मूला वन ने स्पष्ट किया है कि 2030 तक उसके मौजूदा ब्रॉडकास्ट और संबद्ध सामग्री का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हवाई परिवहन से हटा दिया जाएगा। यह कदम उत्सर्जन में न्यूनतम कटौती के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह लक्ष्य तब और चुनौतीपूर्ण हो जाता है जब कैलेंडर में हर साल नई रेस जोड़ी जा रही हैं।

डोमेनिकाली का बयान

फॉर्मूला वन के अध्यक्ष एवं सीईओ स्टेफानो डोमेनिकाली ने कहा, 'मुझे उस टीमवर्क पर गर्व है जिसने हमें 2030 तक नेट-जीरो तक पहुँचने की राह पर बनाए रखा है। कैलेंडर को बेहतर बनाकर, सस्टेनेबल फ्यूल और वैकल्पिक ऊर्जा समाधानों में निवेश करके, हमने खेल के बढ़ते दायरे के बावजूद अपने फुटप्रिंट को कम किया है।' डोमेनिकाली ने यह भी कहा कि ताज़ा आँकड़े टीमों, साझेदारों और आयोजकों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। आने वाले वर्षों में रेस वेन्यू के बीच लॉजिस्टिक्स उत्सर्जन को और घटाने पर ध्यान केंद्रित रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने वाली बात है कि यह आँकड़ा 22-रेस कैलेंडर के विस्तार के साथ आया है — यानी प्रति-रेस उत्सर्जन में कमी और भी तेज़ रही होगी, जो असली पैमाना है। रिमोट ब्रॉडकास्ट और SAF जैसे कदम सही दिशा में हैं, पर 2030 का नेट-जीरो लक्ष्य तब और कठिन होगा जब हर नया बाज़ार — जैसे मध्य पूर्व, अमेरिका — नई रेसें जोड़ रहा है। असली परीक्षा यह है कि क्या ऑफसेटिंग के बजाय वास्तविक उत्सर्जन कटौती से यह लक्ष्य हासिल होगा — एक सवाल जिसका जवाब रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फॉर्मूला वन ने कार्बन फुटप्रिंट कितना कम किया है?
सस्टेनेबिलिटी रिव्यू रिपोर्ट 2025 के अनुसार, फॉर्मूला वन ने 2018 के बेसलाइन की तुलना में अपना कुल कार्बन फुटप्रिंट 35 प्रतिशत कम किया है। इसके अलावा, 2024 की तुलना में 12 प्रतिशत की अतिरिक्त कटौती भी दर्ज की गई है।
फॉर्मूला वन का 2030 नेट-जीरो लक्ष्य क्या है?
फॉर्मूला वन का लक्ष्य 2030 तक नेट-जीरो कार्बन स्पोर्ट बनना है। इसके तहत 2030 तक ब्रॉडकास्ट और संबद्ध सामग्री का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हवाई परिवहन से हटाने की योजना है।
फॉर्मूला वन उत्सर्जन कम करने के लिए क्या कदम उठा रहा है?
फॉर्मूला वन ने सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) में निवेश बढ़ाया है और रिमोट ब्रॉडकास्ट ऑपरेशन का विस्तार किया है, जिससे स्टाफ व उपकरणों की यात्रा कम हुई है। 2018 के बाद से यात्रा उत्सर्जन में 27 प्रतिशत की गिरावट आई है।
80,000 टन CO₂ की बचत कितनी बड़ी है?
फॉर्मूला वन के अनुसार, 2018 के बाद से बचाई गई 80,000 टन CO₂ एक व्यक्ति के 50 करोड़ किलोमीटर से अधिक उड़ान भरने या लंदन से न्यूयॉर्क के बीच 1,00,000 से अधिक वन-वे ट्रांसअटलांटिक यात्राओं के बराबर है।
स्टेफानो डोमेनिकाली ने इस रिपोर्ट पर क्या कहा?
फॉर्मूला वन के अध्यक्ष एवं सीईओ स्टेफानो डोमेनिकाली ने कहा कि कैलेंडर को बेहतर बनाकर और सस्टेनेबल फ्यूल में निवेश करके खेल के बढ़ते दायरे के बावजूद फुटप्रिंट कम किया गया है। उन्होंने टीमों, साझेदारों और आयोजकों की साझा प्रतिबद्धता को इसका श्रेय दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले