23 जुलाई 2026
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SAF की हिस्सेदारी 2026 में 1% से कम रहने का अनुमान, IATA ने धीमी प्रगति पर चिंता जताई

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SAF की हिस्सेदारी 2026 में 1% से कम रहने का अनुमान, IATA ने धीमी प्रगति पर चिंता जताई

सारांश

IATA के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि 2026 में SAF की हिस्सेदारी कुल एविएशन ईंधन में 1% से भी कम रहेगी — जबकि उद्योग ने 2050 तक नेट-ज़ीरो का वादा किया है। अप्रभावी नीतियाँ और तेल कंपनियों की अरुचि इस लक्ष्य को और दूर धकेल रही हैं।

मुख्य बातें

IATA के अनुसार 2026 में SAF का वैश्विक उत्पादन 24 लाख टन रहने का अनुमान है।
कुल एविएशन ईंधन खपत में SAF की हिस्सेदारी मात्र 0.8 प्रतिशत — यानी 1% से भी कम।
एयरलाइंस इस वर्ष SAF पर लगभग 4.3 अरब डॉलर खर्च करने की राह पर हैं।
विमानन उद्योग का लक्ष्य भविष्य में 65% ईंधन ज़रूरतें SAF से पूरी करना है, जो अभी बेहद दूर है।
IATA के विली वाल्श ने अप्रभावी सरकारी नीतियों और तेल कंपनियों की अरुचि को धीमी प्रगति का कारण बताया।

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) का वैश्विक उत्पादन 2026 में 24 लाख टन रहने का अनुमान है, जो कुल एविएशन ईंधन खपत का मात्र 0.8 प्रतिशत है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि विमानन उद्योग का कार्बन उत्सर्जन घटाने का मार्ग अभी भी कितना लंबा और कठिन है।

मौजूदा स्थिति और खर्च

IATA के अनुमान के मुताबिक, एयरलाइंस इस वर्ष SAF पर लगभग 4.3 अरब डॉलर खर्च करने की राह पर हैं। इसके बावजूद उत्पादन स्तर उस सीमा से काफी नीचे बना हुआ है, जो विमानन क्षेत्र के दीर्घकालिक जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक माना जाता है। गौरतलब है कि उद्योग ने 2050 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है।

IATA की चेतावनी

IATA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (सस्टेनेबिलिटी) एवं मुख्य अर्थशास्त्री विली वाल्श ने कहा कि नेट-ज़ीरो प्रतिबद्धता के पाँच साल बाद भी SAF के विकास की रफ्तार निराशाजनक बनी हुई है। उन्होंने चेताया कि यदि 2026 में SAF की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम रहती है, तो भविष्य में लगभग 65 प्रतिशत ईंधन आवश्यकताओं को SAF से पूरा करने का लक्ष्य और दूर होता जाएगा।

धीमी प्रगति के कारण

वाल्श ने धीमी प्रगति के लिए दो प्रमुख कारण गिनाए — अप्रभावी सरकारी नीतियाँ और तेल कंपनियों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में अरुचि। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में ऊर्जा बाज़ारों में आए व्यवधानों से नवीकरणीय ईंधनों में निवेश को गति मिलनी चाहिए थी, लेकिन एक व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य SAF बाज़ार बनाने के लिए आवश्यक प्रोत्साहन अभी तक नहीं मिले हैं।

उद्योग की माँगें और आगे की राह

IATA ने सरकारों और उद्योग हितधारकों से कई कदम उठाने का आग्रह किया है — नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति का विस्तार, ईंधन अवसंरचना तक खुली पहुँच सुनिश्चित करना, उत्पादन प्रोत्साहन एवं निवेश ढाँचे को मज़बूत करना, और पर्याप्त मात्रा तथा व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य मूल्य निर्धारण के साथ एक वैश्विक SAF बाज़ार का विकास। आलोचकों का कहना है कि बिना बाध्यकारी नीतिगत हस्तक्षेप के यह लक्ष्य केवल कागज़ पर ही रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

या बाध्यकारी नियामक दबाव के बिना यह लक्ष्य महज़ घोषणापत्र बना रहेगा। ऊर्जा बाज़ारों में हालिया उथल-पुथल के बावजूद नवीकरणीय ईंधन में निवेश न बढ़ना यह संकेत देता है कि बाज़ार अकेले इस संक्रमण को नहीं कर सकता। बिना सत्यापन-योग्य मील के पत्थर और ठोस नीतिगत हस्तक्षेप के, 65% SAF का लक्ष्य उन महत्वाकांक्षी जलवायु वादों की सूची में जुड़ने का जोखिम उठाता है जो कागज़ पर ही रहे।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?
SAF एक नवीकरणीय या कम-कार्बन ईंधन है जो पारंपरिक जेट फ्यूल की जगह विमानों में इस्तेमाल किया जा सकता है और कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक घटा सकता है। विमानन उद्योग ने 2050 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है, जिसमें SAF की भूमिका केंद्रीय मानी जाती है।
2026 में SAF का उत्पादन कितना रहने का अनुमान है?
IATA के अनुसार 2026 में SAF का वैश्विक उत्पादन लगभग 24 लाख टन रहने का अनुमान है, जो कुल एविएशन ईंधन खपत का मात्र 0.8 प्रतिशत है। यह आंकड़ा उद्योग के दीर्घकालिक जलवायु लक्ष्यों से बहुत नीचे है।
SAF की प्रगति इतनी धीमी क्यों है?
IATA के मुख्य अर्थशास्त्री विली वाल्श के अनुसार, अप्रभावी सरकारी नीतियाँ और तेल कंपनियों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में अरुचि इसके प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, ऊर्जा बाज़ारों में हालिया व्यवधानों के बावजूद SAF में निवेश के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं मिले हैं।
भविष्य में SAF का कितना हिस्सा एविएशन ईंधन में होना चाहिए?
उद्योग के लक्ष्य के अनुसार भविष्य में लगभग 65 प्रतिशत एविएशन ईंधन ज़रूरतें SAF से पूरी होनी चाहिए। लेकिन 2026 में 1% से कम हिस्सेदारी के साथ यह लक्ष्य बेहद चुनौतीपूर्ण दिख रहा है।
IATA ने SAF बाज़ार को बढ़ावा देने के लिए क्या सुझाव दिए हैं?
IATA ने सरकारों और उद्योग हितधारकों से नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति का विस्तार करने, ईंधन अवसंरचना तक खुली पहुँच सुनिश्चित करने, उत्पादन प्रोत्साहन एवं निवेश ढाँचे को मज़बूत करने और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य मूल्य निर्धारण के साथ एक वैश्विक SAF बाज़ार विकसित करने का आग्रह किया है।
राष्ट्र प्रेस
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