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तमिलनाडु में एटीएफ पर 29% वैट घटाने की तैयारी, एयरलाइंस को मिलेगी बड़ी राहत

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तमिलनाडु में एटीएफ पर 29% वैट घटाने की तैयारी, एयरलाइंस को मिलेगी बड़ी राहत

सारांश

तमिलनाडु देश की सबसे ऊँची एटीएफ वैट दरों में से एक — 29% — में कटौती की तैयारी कर रहा है। महाराष्ट्र और दिल्ली के 7% पर आने के बाद यह कदम राष्ट्रीय रुझान से मेल खाता है और राज्य के एविएशन सेक्टर को नई प्रतिस्पर्धात्मक ताकत दे सकता है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार एटीएफ पर 29 प्रतिशत वैट — देश की सर्वाधिक दरों में से एक — घटाने पर विचार कर रही है।
प्रस्ताव की घोषणा आगामी राज्य बजट में होने की संभावना; सटीक नई दर अभी तय नहीं।
आंध्र प्रदेश 1%, तेलंगाना 16%, कर्नाटक 18% एटीएफ वैट लगाते हैं — तमिलनाडु इन सबसे काफी ऊपर है।
लगभग दो माह पूर्व महाराष्ट्र और दिल्ली ने एटीएफ वैट घटाकर 7 प्रतिशत किया था।
केंद्र सरकार राज्यों से एविएशन फ्यूल कर को तर्कसंगत बनाने की बार-बार अपील कर चुकी है।

तमिलनाडु सरकार एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर लगने वाले वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) में कटौती करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार, आगामी राज्य बजट में इस प्रस्ताव की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है, जिसका उद्देश्य एयरलाइंस के परिचालन खर्च को कम करना और तमिलनाडु के विमानन क्षेत्र को पड़ोसी राज्यों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।

मौजूदा स्थिति और प्रस्ताव का आधार

प्रस्ताव की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार एटीएफ पर लागू 29 प्रतिशत वैट की समीक्षा कर रही है — यह दर देश में सर्वाधिक दरों में से एक मानी जाती है। हालाँकि नई दर का सटीक प्रतिशत अभी तय नहीं किया गया है, इसकी घोषणा राज्य बजट के हिस्से के रूप में होने की उम्मीद है।

यह प्रस्तावित कदम केंद्र सरकार की उन बार-बार की अपीलों के अनुरूप है, जिनमें राज्यों से एविएशन फ्यूल पर कर ढाँचे को तर्कसंगत बनाने का आग्रह किया गया है।

दक्षिणी राज्यों में एटीएफ कर दरों का तुलनात्मक चित्र

इस वर्ष की शुरुआत में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत आँकड़ों के अनुसार, दक्षिणी राज्यों के बीच एटीएफ कर दरों में व्यापक असमानता है।

आंध्र प्रदेश मात्र 1 प्रतिशत वैट लगाता है, जबकि पुडुचेरी 14.5 प्रतिशत, तेलंगाना 16 प्रतिशत और कर्नाटक 18 प्रतिशत वसूलते हैं। केरल में 5 प्रतिशत सेल्स टैक्स के साथ 1 प्रतिशत सेस लगाया जाता है; इसके अतिरिक्त तिरुवनंतपुरम, कोच्चि (नेडुम्बसेरी), कन्नूर और कोझिकोड के हवाई अड्डे अलग से 1 प्रतिशत कर और 1 प्रतिशत सेस वसूलते हैं।

राष्ट्रीय प्रवृत्ति: महाराष्ट्र और दिल्ली पहले ही उठा चुके हैं कदम

तमिलनाडु का यह प्रस्तावित निर्णय एटीएफ कर में कटौती के व्यापक राष्ट्रीय रुझान का हिस्सा है। लगभग दो माह पूर्व, महाराष्ट्र और दिल्ली दोनों ने एटीएफ पर वैट को क्रमशः 18 प्रतिशत और 25 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया था। दिल्ली ने यह कटौती प्रारंभिक छह माह की अवधि के लिए लागू की, जबकि महाराष्ट्र ने नई दर के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की।

एयरलाइंस और एविएशन सेक्टर पर संभावित असर

एटीएफ एयरलाइंस के लिए सबसे बड़े परिचालन खर्चों में से एक है। उद्योग विशेषज्ञों का लंबे समय से तर्क रहा है कि राज्य-स्तरीय कर में कमी से परिचालन लागत घटती है, हवाई संपर्क बेहतर होता है और एयरलाइंस को नए मार्गों पर सेवाएँ बढ़ाने का प्रोत्साहन मिलता है।

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो तमिलनाडु उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा जिन्होंने एविएशन फ्यूल पर कर को तर्कसंगत बनाया है। इससे राज्य के हवाई अड्डों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में सुधार होने, एयरलाइन परिचालन को समर्थन मिलने और हवाई संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

आगे क्या

प्रस्तावित कटौती की आधिकारिक घोषणा आगामी राज्य बजट में अपेक्षित है। नई दर की घोषणा के बाद यह स्पष्ट होगा कि तमिलनाडु पड़ोसी राज्यों की कम एटीएफ कर प्रणाली के कितने करीब आता है — जिन्हें एयरलाइन ऑपरेटरों के लिए अधिक आकर्षक गंतव्य माना जाता रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि नई दर कितनी होगी — 7% (दिल्ली-महाराष्ट्र स्तर) या केवल मामूली कटौती। यदि कटौती आधी-अधूरी रही, तो आंध्र प्रदेश के 1% के सामने प्रतिस्पर्धात्मक खाई बनी रहेगी। गौरतलब है कि एटीएफ कर युक्तिकरण की माँग एक दशक से उठती रही है, और राज्यों ने तभी कदम उठाए जब राजस्व दबाव या राजनीतिक प्रोत्साहन मिला। असली परीक्षा यह है कि क्या तमिलनाडु दर को वास्तव में प्रतिस्पर्धी स्तर पर लाता है या केवल औपचारिकता निभाता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में एटीएफ पर अभी कितना वैट लगता है?
तमिलनाडु में एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर फिलहाल 29 प्रतिशत वैट लगता है, जो देश में सबसे अधिक दरों में से एक है। सरकार इसी दर की समीक्षा कर रही है और आगामी राज्य बजट में कटौती की घोषणा संभव है।
तमिलनाडु एटीएफ वैट क्यों घटाना चाहता है?
राज्य सरकार का लक्ष्य एयरलाइंस के परिचालन खर्च को कम करना, हवाई संपर्क बेहतर बनाना और तमिलनाडु के हवाई अड्डों को पड़ोसी राज्यों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। केंद्र सरकार भी राज्यों से एटीएफ कर तर्कसंगत बनाने की अपील करती रही है।
दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में एटीएफ पर कितना कर लगता है?
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के लोकसभा में पेश आँकड़ों के अनुसार, आंध्र प्रदेश 1%, पुडुचेरी 14.5%, तेलंगाना 16% और कर्नाटक 18% वैट लगाते हैं। केरल में 5% सेल्स टैक्स के साथ 1% सेस है, और राज्य के चार प्रमुख हवाई अड्डे अतिरिक्त 1% कर व 1% सेस वसूलते हैं।
क्या अन्य राज्यों ने भी हाल ही में एटीएफ कर घटाया है?
हाँ, लगभग दो माह पहले महाराष्ट्र और दिल्ली दोनों ने एटीएफ वैट को क्रमशः 18% और 25% से घटाकर 7% कर दिया। दिल्ली ने यह कटौती छह माह के लिए लागू की, जबकि महाराष्ट्र ने कोई समय-सीमा तय नहीं की।
तमिलनाडु में एटीएफ वैट कटौती की घोषणा कब होगी?
अधिकारियों के अनुसार इस प्रस्ताव की घोषणा आगामी राज्य बजट में होने की संभावना है। हालाँकि नई दर का सटीक प्रतिशत अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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