दिल्ली सरकार ने ATF पर VAT 25% से घटाकर 7% किया, राम मोहन नायडू बोले — यात्री किराया होगा सस्ता
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने रविवार, 17 मई 2026 को कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) को 25 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत करने का निर्णय यात्रियों के लिए हवाई सफर को किफायती बनाएगा और मध्य पूर्व संकट के बीच एयरलाइंस को आवश्यक राहत प्रदान करेगा। महाराष्ट्र के बाद दिल्ली इस कदम को उठाने वाला दूसरा प्रमुख राज्य बन गया है।
मंत्री की प्रतिक्रिया
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस फैसले की सराहना की। उन्होंने लिखा कि यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब वैश्विक परिचालन में एविएशन सेक्टर गंभीर लागत दबाव झेल रहा है। नायडू के अनुसार, राज्य सरकारों के ऐसे कदम एयरलाइंस को ज़रूरी सहारा देंगे और आम यात्रियों की जेब पर बोझ कम करेंगे।
मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि देश के सबसे व्यस्त विमानन केंद्रों में शुमार दिल्ली को इस निर्णय से विशेष लाभ होगा — परिचालन स्थिरता बेहतर होगी और प्रतिदिन लाखों यात्रियों के लिए सस्ती कनेक्टिविटी बनी रहेगी।
दिल्ली सरकार का आधिकारिक अधिसूचना
दिल्ली सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, अब ATF पर लागू VAT की दर 'एक रुपए में सात पैसे' होगी, जो पहले 'पच्चीस पैसे' थी। यह नई दर अधिसूचना जारी होने की तिथि से अगले छह महीने तक प्रभावी रहेगी। यह कटौती केंद्र सरकार की उस अपील के बाद आई है, जिसमें मध्य पूर्व में जारी तनाव के मद्देनज़र राज्यों से ईंधन पर VAT घटाने का आग्रह किया गया था।
महाराष्ट्र की पहल — पृष्ठभूमि
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने ATF पर VAT को 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया था। महाराष्ट्र वैल्यू एडेड टैक्स अधिनियम, 2002 के तहत जारी अधिसूचना के अनुसार, यह कटौती 15 मई 2026 से 14 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी। दिल्ली का यह कदम महाराष्ट्र की राह पर चलते हुए उठाया गया है, जो दर्शाता है कि केंद्र की अपील पर राज्य सक्रिय रूप से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
आम जनता और एविएशन सेक्टर पर असर
ATF किसी भी एयरलाइन की परिचालन लागत का एक बड़ा हिस्सा होती है। VAT में इस कमी से एयरलाइंस की लागत घटेगी, जिसका लाभ अंततः टिकट दरों में कमी के रूप में यात्रियों तक पहुँचने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे समय में जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर हैं और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है, राज्यों का यह कदम एविएशन सेक्टर को स्थिरता देने में सहायक हो सकता है।
यह देखना होगा कि आने वाले महीनों में अन्य राज्य भी इस दिशा में कदम उठाते हैं या नहीं, क्योंकि ATF पर VAT दरें अलग-अलग राज्यों में अभी भी व्यापक रूप से भिन्न हैं।