कॉमनवेल्थ गेम्स 2030: गगन नारंग बोले — अहमदाबाद की तैयारी देख यकीन हो गया, यह सबसे यादगार खेल होंगे
सारांश
मुख्य बातें
ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और भारत के पूर्व स्टार निशानेबाज गगन नारंग ने कहा है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी के लिए अहमदाबाद में जिस स्तर की तैयारियाँ हो रही हैं, वे अभूतपूर्व हैं। नारंग के अनुसार, भारत सरकार और गुजरात सरकार के संयुक्त प्रयासों से यह आयोजन अब तक का सबसे यादगार कॉमनवेल्थ गेम्स बनेगा।
फिट इंडिया मूवमेंट में शामिल हुए नारंग
गगन नारंग रविवार को फिट इंडिया मूवमेंट के तहत आयोजित संडे ऑफ साइकिल इवेंट के 75वें संस्करण में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में चलाई जा रही इस फिटनेस मुहिम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल नागरिकों को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि खेल संस्कृति को भी जड़ों से मज़बूत करते हैं।
अहमदाबाद की खेल अवसंरचना पर नारंग का भरोसा
नारंग ने कहा, 'बहुत ही अच्छी प्लानिंग और तैयारियाँ की जा रही हैं। भारत और गुजरात सरकार एक साथ मिलकर बहुत अच्छे स्तर की तैयारियों की स्थापना करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं, और मुझे उम्मीद है कि यह सबसे यादगार कॉमनवेल्थ गेम्स रहेगा।' उन्होंने अहमदाबाद में विकसित हो रही खेल अवसंरचना को 'तारीफ के काबिल' बताया और कहा कि शहर के लोगों में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्साह और ऊर्जा दिख रही है।
स्पोर्ट्स साइंस और आधुनिक तैयारी
नारंग ने खिलाड़ियों की तैयारियों में स्पोर्ट्स साइंस को दिए जा रहे महत्व की भी प्रशंसा की। उनके अनुसार, स्पोर्ट्स साइंस की मदद से खिलाड़ी अपने शरीर और खेल को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और प्रदर्शन में सुधार कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि अब हर खेल संघ (फेडरेशन) इसके महत्व को समझने लगा है, जो भारतीय खेलों के भविष्य के लिए शुभ संकेत है।
मेजबानी से मेडल की उम्मीद
नारंग ने माना कि घरेलू मेजबानी भारत के लिए मेडल तालिका में बड़ा फर्क लाएगी। उन्होंने कहा कि मेजबान देश होने के नाते भारत पर इवेंट चयन की कोई बाध्यता नहीं होगी, जिससे अधिक खेलों में भागीदारी और बेहतर प्रदर्शन संभव होगा। शूटिंग के बारे में उन्होंने कहा कि यह खेल अब इतने ऊँचे मुकाम पर पहुँच गया है कि एक-दो नामों पर निर्भरता नहीं रही — हर निशानेबाज कड़ी मेहनत कर रहा है और अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार है।
आगे की राह
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है — न केवल पदकों के लिहाज़ से, बल्कि वैश्विक खेल मंच पर देश की छवि को और मज़बूत करने के लिए भी। अहमदाबाद के उत्साही माहौल और सरकार की सुनियोजित रणनीति के साथ, यह आयोजन भारतीय खेल इतिहास में एक नया अध्याय लिखने की ओर अग्रसर है।