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ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन होंगी भारत की ध्वजवाहक, 23 जुलाई को करेंगी मार्च

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ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन होंगी भारत की ध्वजवाहक, 23 जुलाई को करेंगी मार्च

सारांश

टोक्यो ओलंपिक की रजत और कांस्य पदक विजेता — मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन — 23 जुलाई को ग्लासगो में भारत का तिरंगा थामेंगी। IOA अध्यक्ष पीटी उषा की यह घोषणा भारतीय खेलों में महिला नेतृत्व का प्रतीक है।

मुख्य बातें

मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का ध्वजवाहक चुना गया।
दोनों 23 जुलाई को उद्घाटन समारोह में 126-सदस्यीय भारतीय दल का नेतृत्व करेंगी।
IOA अध्यक्ष पीटी उषा ने 18 जुलाई को यह आधिकारिक घोषणा की।
मीराबाई ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में रजत और बर्मिंघम CWG 2022 में स्वर्ण पदक जीता था।
लवलीना ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य और 2023 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था।
लवलीना का ग्लासगो में पहला कॉमनवेल्थ पदक जीतने का लक्ष्य है।

ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में 126-सदस्यीय भारतीय दल का ध्वजवाहक नियुक्त किया गया है। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने शनिवार, 18 जुलाई को यह आधिकारिक घोषणा की। दोनों दिग्गज खिलाड़ी 23 जुलाई को ओपनिंग सेरेमनी में तिरंगा थामकर भारतीय दल का नेतृत्व करेंगी।

ऐतिहासिक फैसला: दो महिला ध्वजवाहक

उद्घाटन समारोह में दो महिला एथलीटों को एक साथ ध्वजवाहक बनाए जाने के इस निर्णय को भारतीय खेलों में महिला खिलाड़ियों की बढ़ती भूमिका और उनकी उपलब्धियों के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। पीटी उषा ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे भारतीय खेल समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने विश्वास जताया कि मीराबाई और लवलीना अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय दल को प्रेरणा देंगी।

मीराबाई चानू: वेटलिफ्टिंग की 'गोल्डन गर्ल'

मणिपुर की वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था और भारत के लिए उस ओलंपिक का पहला पदक हासिल किया था। वह विश्व चैंपियनशिप में भी कई पदक अपने नाम कर चुकी हैं। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। पेरिस ओलंपिक 2024 में वह पदक जीतने से चूक गई थीं, लिहाजा ग्लासगो में उनका लक्ष्य एक बार फिर स्वर्ण पदक की वापसी होगा।

लवलीना बोरगोहेन: असम की मुक्केबाज़ी की शान

असम की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने 2023 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक और हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में रजत पदक जीतकर अपनी विश्वस्तरीय क्षमता साबित की। हालाँकि कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक वह पदक नहीं जीत सकी हैं — ग्लासगो 2026 उनके लिए इस कमी को पूरा करने का सुनहरा मौका है।

भारतीय दल की उम्मीदें

यह ऐसे समय में आया है जब भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी पदक तालिका को और मज़बूत करने की कोशिश में है। 126 सदस्यीय भारतीय दल से कई खेलों में पदक की उम्मीद है, और मीराबाई व लवलीना इस अभियान की सबसे मज़बूत कड़ी मानी जा रही हैं। गौरतलब है कि दोनों खिलाड़ी न केवल पदक की प्रबल दावेदार हैं, बल्कि युवा भारतीय खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं। 23 जुलाई को ग्लासगो में जब वे तिरंगा थामकर मैदान में उतरेंगी, तो पूरे देश की निगाहें उन पर होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी मैदान पर होगी। मीराबाई के लिए पेरिस ओलंपिक की निराशा के बाद यह वापसी का मंच है, जबकि लवलीना के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक का अधूरा सपना पूरा करने का मौका। गौरतलब है कि भारत ने हाल के वर्षों में महिला एथलीटों को ध्वजवाहक बनाने की परंपरा को मज़बूत किया है — यह बदलाव केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि खेल नीति में महिला प्राथमिकता का संकेत भी है। अब देखना यह होगा कि क्या यह सम्मान पदक तालिका में भी परिलक्षित होता है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के ध्वजवाहक कौन हैं?
वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में भारत का ध्वजवाहक चुना गया है। IOA अध्यक्ष पीटी उषा ने 18 जुलाई को इसकी घोषणा की।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का उद्घाटन समारोह कब है?
उद्घाटन समारोह 23 जुलाई 2026 को ग्लासगो में आयोजित होगा, जिसमें मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन 126-सदस्यीय भारतीय दल का नेतृत्व करेंगी।
मीराबाई चानू की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में रजत पदक और बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में स्वर्ण पदक जीता है। वह विश्व चैंपियनशिप में भी कई पदक जीत चुकी हैं, हालाँकि पेरिस ओलंपिक 2024 में वह पदक से चूक गई थीं।
लवलीना बोरगोहेन ने अब तक कौन-कौन से बड़े पदक जीते हैं?
लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक, 2023 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक और हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में रजत पदक जीता है। हालाँकि कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक उनके नाम कोई पदक नहीं है।
ग्लासगो CWG 2026 में भारतीय दल में कितने खिलाड़ी हैं?
2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का 126 सदस्यीय दल भाग ले रहा है, जिसका नेतृत्व मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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