दीक्षा डागर एआईजी विमेंस ओपन में कट से चूकीं, पर एलईटी 'रेस टू कोस्टा डेल सोल' में आठवें स्थान पर बरकरार
सारांश
मुख्य बातें
दीक्षा डागर 4 अगस्त 2026 को रॉयल लिथम एंड सेंट एंस में खेले गए एआईजी विमेंस ओपन में कट से बाहर हो गईं, लेकिन इस झटके के बावजूद वे लेडीज यूरोपियन टूर (एलईटी) की सीजन-भर चलने वाली 'रेस टू कोस्टा डेल सोल' स्टैंडिंग में आठवें स्थान पर बनी हुई हैं। एलईटी पर दो खिताब जीत चुकीं दीक्षा इस सर्किट पर सर्वोच्च रैंकिंग वाली भारतीय गोल्फर हैं और भारतीय चुनौती की अगुवाई कर रही हैं।
मेजर में कट से चूकीं, पर सीजन पर असर नहीं
साल के अंतिम मेजर टूर्नामेंट — एआईजी विमेंस ओपन — में रॉयल लिथम एंड सेंट एंस पर कट से बाहर होने के कारण दीक्षा 'ऑर्डर ऑफ मेरिट' में छठे से आठवें स्थान पर खिसक गईं। हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि एक टूर्नामेंट की यह निराशा उनके समग्र सीजन की चमक को धूमिल नहीं करती। उन्होंने इस साल कई बार टॉप-10 में जगह बनाई है, जो लगातार और उच्च स्तरीय प्रदर्शन की गवाही देता है।
गौरतलब है कि दीक्षा बाएं हाथ से खेलने वाली गोल्फर हैं — एलईटी पर यह विशेषता उन्हें अलग पहचान देती है। इस सीजन में उनका प्रदर्शन उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ सीजन-एंडिंग फिनिश की संभावना खोलता है।
लंदन चैंपियनशिप: अगला बड़ा मौका
अब दीक्षा की निगाहें सेंचुरियन क्लब, लंदन में होने वाली पीआईएफ लंदन चैंपियनशिप पर टिकी हैं। यह टूर्नामेंट 'रेस टू कोस्टा डेल सोल' में अहम अंक दिलाने का मौका है, जिससे दीक्षा अपनी टॉप-10 स्थिति को और मज़बूत कर सकती हैं। वे इस इवेंट में पाँच सदस्यीय भारतीय टीम की अगुवाई करेंगी।
भारतीय खिलाड़ियों का हाल
लंदन चैंपियनशिप में दीक्षा के साथ चार अन्य भारतीय गोल्फर भी मैदान में उतरेंगी। बेंगलुरु की रूकी अवनी प्रशांत अपने पहले पूरे एलईटी सीजन में 'रेस टू कोस्टा डेल सोल' में 45वें स्थान पर हैं और कई बार लगातार अच्छा प्रदर्शन कर अपनी क्षमता का परिचय दे चुकी हैं।
प्रणवी उर्स 48वें स्थान पर हैं और सेंचुरियन क्लब में मज़बूत प्रदर्शन से स्टैंडिंग में ऊपर चढ़ने की कोशिश करेंगी। यूरोपियन टूर पर भारत की सबसे सफल गोल्फर और पाँच एलईटी खिताब जीत चुकीं अदिति अशोक इस सीजन में मिले-जुले प्रदर्शन के बाद 58वें स्थान पर हैं। हिताशी बख्शी अपने पहले पूरे एलईटी सीजन में 127वें स्थान पर हैं और यूरोप के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ खेलने का महत्त्वपूर्ण अनुभव हासिल कर रही हैं।
'रेस टू कोस्टा डेल सोल' में कड़ा मुकाबला
सीजन के अगले चरण में खिताबी दौड़ बेहद रोमांचक बनी हुई है। दक्षिण अफ्रीका की कैसंड्रा अलेक्जेंडर शानदार प्रदर्शन के दम पर 'ऑर्डर ऑफ मेरिट' में शीर्ष पर हैं, जबकि सिंगापुर की शैनन टैन भी अग्रणी खिलाड़ियों से अंतर पाटने की कोशिश में हैं। 2026 के शेड्यूल में अभी कई टूर्नामेंट बाकी हैं, इसलिए हर इवेंट में अंकों का महत्त्व और बढ़ जाता है।
आगे की राह
पीआईएफ लंदन चैंपियनशिप सभी भारतीय खिलाड़ियों के लिए सीजन के निर्णायक दौर से पहले अपनी स्थिति मज़बूत करने का अहम अवसर है। दीक्षा के लिए यह टूर्नामेंट करियर के सर्वश्रेष्ठ सीजन-एंडिंग फिनिश की दिशा में एक और निर्णायक कदम हो सकता है।