विमेंस आयरिश ओपन 2026: दीक्षा डागर समेत 4 भारतीय खिलाड़ी 27 अगस्त से किल्डारे में मैदान में
सारांश
मुख्य बातें
दीक्षा डागर के नेतृत्व में चार भारतीय गोल्फरों का दल 27 अगस्त 2026 से आयरलैंड के काउंटी किल्डारे में शुरू हो रहे विमेंस आयरिश ओपन में देश की चुनौती पेश करेगा। द के क्लब के पामर साउथ कोर्स पर 27 से 30 अगस्त तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में ₹4,50,000 यूरो के प्राइज पूल के लिए 34 देशों की 129 से अधिक खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगी।
टूर्नामेंट का परिचय और इस संस्करण की खासियत
यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का 20वाँ संस्करण है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक पड़ाव है। इस बार रिकॉर्ड 16 आयरिश खिलाड़ी मैदान में हैं — जिनमें 9 पेशेवर और 7 एमेच्योर शामिल हैं। पामर साउथ कोर्स को रणनीतिक बाधा क्षेत्रों (हैजर्ड्स), चुनौतीपूर्ण एप्रोच शॉट्स और संभावित तेज़ हवाओं के साथ खिलाड़ियों के खेल के हर पहलू की कड़ी परीक्षा लेने के लिए तैयार किया गया है।
दीक्षा डागर: भारतीय उम्मीदों का केंद्र
दीक्षा डागर दो बार लेडीज यूरोपियन टूर (LET) खिताब जीत चुकी हैं और यूरोपियन सर्किट पर सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाली भारतीय गोल्फरों में गिनी जाती हैं। फिलहाल वह ऑर्डर ऑफ मेरिट में 11वें स्थान पर हैं, जो इस सीजन में उनकी मज़बूत स्थिति को दर्शाता है।
भारतीय दल: अनुभव और युवा प्रतिभा का संगम
प्रणवी उर्स ने इस सीजन में 17 इवेंट में से 12 बार कट पार किया है और LET सीजन स्टैंडिंग में 46वें स्थान पर हैं। मैसूर की यह गोल्फर स्विस लेडीज ओपन में क्वालीफाई करने वाली एकमात्र भारतीय थीं, जहाँ वह संयुक्त रूप से 38वें स्थान पर रहीं।
18 वर्षीय अवनि प्रशांत ने इस सीजन की शुरुआत में पूरा LET कार्ड हासिल किया था। डच लेडीज ओपन में वह दीक्षा डागर के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रही थीं और जाब्रा लेडीज में संयुक्त रूप से पाँचवाँ स्थान हासिल किया था। स्विस इवेंट से ब्रेक के बाद वह इस टूर्नामेंट में वापसी कर रही हैं।
त्वेसा मलिक चार खिलाड़ियों की इस टीम को पूरा करती हैं। स्विट्जरलैंड में कट से बाहर होने के बाद वह बेहतरीन फॉर्म में वापसी के लिए तैयार हैं। उन्होंने जाब्रा लेडीज ओपन में संयुक्त रूप से पाँचवाँ स्थान हासिल कर इस सीजन में अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता साबित की है।
आगे क्या
टूर्नामेंट 30 अगस्त 2026 को समाप्त होगा। भारतीय दल का प्रदर्शन LET सीजन स्टैंडिंग को प्रभावित कर सकता है — विशेष रूप से दीक्षा के लिए, जो ऑर्डर ऑफ मेरिट में और ऊपर चढ़ने की स्थिति में हैं। पामर साउथ कोर्स की चुनौतियाँ यह तय करेंगी कि कौन सी खिलाड़ी इस ऐतिहासिक 20वें संस्करण में इतिहास रचती हैं।