दीक्षा डागर का दमदार आगाज: साउथ अफ्रीकन विमेंस ओपन में 5-अंडर 68, भारतीय खिलाड़ियों में अव्वल
सारांश
Key Takeaways
- दीक्षा डागर ने साउथ अफ्रीकन विमेंस ओपन के पहले राउंड में 5-अंडर 68 का स्कोर बनाकर 11वां स्थान हासिल किया।
- दीक्षा ने बैक नाइन में पांच बर्डी लगाईं और 11वें होल के बाद शानदार वापसी की।
- दीक्षा डागर इससे पहले 2019 में इसी टूर्नामेंट की विजेता रह चुकी हैं।
- प्रणवी उर्स ने 2-अंडर 70 के स्कोर के साथ 20वां स्थान हासिल किया।
- जर्मनी की पैट्रिशिया श्मिट 10-अंडर 63 के साथ टूर्नामेंट में शीर्ष पर हैं।
- हिताशी बख्शी, अवनी प्रशांत, त्वेसा मलिक और वाणी कपूर को कट पार करने के लिए अगले राउंड में सुधार करना होगा।
केप टाउन, 24 अप्रैल। भारतीय गोल्फर दीक्षा डागर ने केप टाउन में जारी साउथ अफ्रीकन विमेंस ओपन के पहले राउंड में 5-अंडर 68 का शानदार स्कोर दर्ज करते हुए 11वां स्थान हासिल किया है। वह इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहीं सभी भारतीय खिलाड़ियों में सबसे आगे हैं। 2019 में इसी टूर्नामेंट को जीत चुकीं दीक्षा ने एक बार फिर अपने अनुभव और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया है।
बैक नाइन में दीक्षा का धमाकेदार खेल
बाएं हाथ से खेलने वाली दीक्षा डागर का पहले नौ होल में प्रदर्शन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहा। हालांकि, 11वें होल के बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की। बैक नाइन यानी आखिरी नौ होल में उन्होंने पांच बर्डी लगाईं, जो उनके खेल की परिपक्वता और मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है।
गोल्फ के जानकारों के अनुसार, बैक नाइन में इस तरह का लगातार प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी के लिए टूर्नामेंट में बने रहने की मजबूत नींव होता है। दीक्षा का यह फॉर्म आगामी राउंड में उनकी दावेदारी को और पुख्ता करता है।
प्रणवी उर्स ने भी दिखाया दम
भारत की दूसरी प्रमुख गोल्फर प्रणवी उर्स ने भी पहले राउंड में 2-अंडर 70 का स्कोर बनाकर 20वां स्थान हासिल किया। उनके खेल में फ्रंट नाइन पर तीन बर्डी और 11वें तथा 17वें होल पर बढ़त शामिल रही।
हालांकि, 15वें होल पर बोगी लगने के कारण वह लीडरबोर्ड पर और ऊपर चढ़ने से चूक गईं। संयम और संघर्ष के मिश्रण से खेलते हुए प्रणवी ने यह साबित किया कि वह भी इस टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा में बनी हुई हैं।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
शेष भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। हिताशी बख्शी ने 72 और अवनी प्रशांत ने 73 का स्कोर बनाया, दोनों 64वें स्थान पर हैं। त्वेसा मलिक ने 74 का स्कोर बनाकर 82वां स्थान हासिल किया, जबकि वाणी कपूर 75 के स्कोर के साथ 92वें स्थान पर हैं।
इन खिलाड़ियों को अगले राउंड में उल्लेखनीय सुधार करना होगा, अन्यथा कट पार करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भारतीय गोल्फ के लिए यह एक महत्वपूर्ण मंच है जहां युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका मिलता है।
जर्मनी की पैट्रिशिया श्मिट सबसे आगे
टूर्नामेंट में फिलहाल जर्मनी की पैट्रिशिया श्मिट 10-अंडर 63 के अविश्वसनीय स्कोर के साथ शीर्ष पर काबिज हैं। उनके और दीक्षा के बीच अभी 5 शॉट का अंतर है, जो आगामी राउंड में पाटा जा सकता है।
यह उल्लेखनीय है कि दीक्षा डागर ने 2019 में इसी टूर्नामेंट का खिताब जीता था, जिससे वह इस कोर्स की बारीकियों से भली-भांति परिचित हैं। उनका अनुभव और कोर्स की जानकारी उन्हें बाकी प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त दे सकती है।
भारतीय महिला गोल्फ का बढ़ता कद
भारतीय महिला गोल्फ पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी पहचान बना रही है। दीक्षा डागर जैसी खिलाड़ियां न केवल मैदान पर बल्कि युवा गोल्फरों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में भी उभरी हैं। लेडीज यूरोपियन टूर (LET) पर भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ती उपस्थिति इस खेल में देश की गहरी होती जड़ों का प्रमाण है।
अगर दीक्षा डागर अपनी मौजूदा फॉर्म को दूसरे और तीसरे राउंड में भी बनाए रखती हैं, तो वह खिताब की प्रबल दावेदार बन सकती हैं। साउथ अफ्रीकन विमेंस ओपन के अगले राउंड पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।