पीआईएफ लंदन चैंपियनशिप: दीक्षा डागर और अदिति अशोक टॉप-20 में, प्रणवी उर्स तीसरे राउंड में फिसलीं
सारांश
मुख्य बातें
दीक्षा डागर और अदिति अशोक ने 9 अगस्त को सेंचुरियन क्लब, लंदन में जारी $2 मिलियन पीआईएफ लंदन चैंपियनशिप के तीसरे राउंड के बाद टॉप-20 में अपनी जगह बनाए रखी। वहीं, प्रणवी उर्स तीसरे राउंड में 6-ओवर 78 के कठिन स्कोर के चलते लीडरबोर्ड पर नीचे खिसक गईं।
भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
दीक्षा डागर ने तीसरे राउंड में 1-ओवर 72 का स्कोर किया और संयुक्त-22वें से तीन पायदान ऊपर चढ़कर संयुक्त-19वें स्थान पर पहुँच गईं। टूर्नामेंट में उनके तीनों राउंड के स्कोर — 75, 70 और 72 — के साथ 54 होल के बाद वह 1-ओवर 215 पर हैं। लेडीज यूरोपियन टूर (LET) के ऑर्डर ऑफ मेरिट में सर्वोच्च रैंकिंग वाली भारतीय खिलाड़ी के रूप में दीक्षा फाइनल राउंड में मजबूत समापन की कोशिश करेंगी।
अदिति अशोक ने शुरुआती 71 और 73 के बाद तीसरे राउंड में भी 73 का स्कोर किया और संयुक्त-19वें स्थान पर बनी रहीं। वह दिन की शुरुआत संयुक्त-16वें स्थान से कर रही थीं, लेकिन तीसरे राउंड में एक पायदान का नुकसान हुआ।
शुरुआती दो राउंड में भारतीय खिलाड़ियों में सबसे आगे रहीं प्रणवी उर्स — जो 71 और 72 के स्कोर के साथ संयुक्त-12वें स्थान पर थीं — तीसरे राउंड में 6-ओवर 78 के कारण 5-ओवर 221 के कुल स्कोर के साथ संयुक्त-38वें स्थान पर खिसक गईं।
लीडरबोर्ड पर हुआंग का दबदबा
कनाडा की एना हुआंग ने तीसरे राउंड में बिना एक भी बोगी के 8-अंडर 65 का शानदार स्कोर किया और टूर्नामेंट में 19-अंडर के कुल स्कोर के साथ शीर्ष पर काबिज हैं। 18 वर्षीय इस खिलाड़ी ने फाइनल राउंड से पहले इंग्लैंड की चार्ली हल पर तीन शॉट की बढ़त बना ली है।
हुआंग ने अपने राउंड में पहले, चौथे, आठवें, नौवें, 14वें और 15वें होल पर बर्डी लगाई और लगातार तीसरे दिन 18वें होल पर ईगल के साथ राउंड का समापन किया। तीन एलईटी खिताब जीत चुकीं हुआंग टूर्नामेंट की शुरुआत से ही अग्रणी रही हैं। यदि वह लंदन में जीत दर्ज करती हैं, तो वह चार एलईटी खिताब जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगी।
चार्ली हल दूसरे स्थान पर
पाँच बार की एलईटी विजेता चार्ली हल ने तीसरे राउंड में 6-अंडर 67 का स्कोर किया — जिसमें नौ बर्डी और तीन बोगी शामिल रहीं — और 16-अंडर के कुल स्कोर के साथ अकेले दूसरे स्थान पर हैं। दूसरे राउंड में उनके 11-अंडर के प्रदर्शन ने उन्हें शीर्ष दावेदारों में बनाए रखा है।
फाइनल राउंड की चुनौती
खिताबी दौड़ अब निर्णायक अंतिम राउंड की ओर बढ़ रही है। भारतीय तिकड़ी — दीक्षा, अदिति और प्रणवी — अपने अभियान को सकारात्मक नोट पर समाप्त करने के लिए उतरेंगी। दीक्षा और अदिति के लिए टॉप-15 में प्रवेश अभी भी संभव है, जबकि प्रणवी के सामने तीसरे राउंड की गिरावट से उबरने की चुनौती होगी।