गुरनूर बरार: अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट-वनडे में चयन, गिल-नेहरा-रबाडा ने संवारा करियर
सारांश
मुख्य बातें
तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टेस्ट और वनडे श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया है। BCCI के मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर ने 6 फीट 5 इंच लंबे इस पंजाबी गेंदबाज को 'भविष्य की संभावना' करार दिया है। बाउंस और रिवर्स स्विंग के दम पर बल्लेबाजों को परेशान करने वाले बरार की यह राष्ट्रीय टीम में पहली दस्तक है।
क्रिकेट की ओर अनोखा सफर
गुरनूर बरार का क्रिकेट से शुरुआती रिश्ता महज संयोग था। स्कूल के दिनों में वे टेनिस और फुटबॉल खेला करते थे। एक दोस्त की सलाह पर उन्होंने क्रिकेट ट्रायल दिया और वहीं से उनकी ज़िंदगी बदल गई। डेल स्टेन के प्रशंसक बरार, सड़क पार करते वक्त भी स्टेन, ब्रेट ली और शोएब अख्तर के गेंदबाजी एक्शन की नकल उतारा करते थे।
ट्रायल के करीब दो साल बाद उनकी मुलाकात शुभमन गिल से हुई, जिन्हें बरार की गति ने तुरंत प्रभावित किया। गिल की पहल पर ही बरार को डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट में खेलने का पहला मौका मिला — एक ऐसी मदद जो आगे चलकर उनके करियर की नींव बनी।
घरेलू क्रिकेट में उभरना
2021 में गुरनूर बरार ने पंजाब की ओर से लिस्ट-ए क्रिकेट में पदार्पण किया। अगले ही वर्ष उन्हें फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी डेब्यू का मौका मिला। प्रदर्शन से प्रभावित होकर पंजाब किंग्स ने उन्हें नेट बॉलर के रूप में टीम से जोड़ा। नेट सत्रों में उन्होंने शिखर धवन को प्रभावित किया और मुख्य टीम में जगह बनाई। हालांकि, 2023 में उन्हें केवल एक आईपीएल मैच खेलने का मौका मिला, जिसमें कोई विकेट नहीं आया।
चोट, संघर्ष और गुजरात टाइटंस का साथ
शेर-ए-पंजाब ट्रॉफी के दौरान चोट लगने से बरार को 2023-24 सीजन से बाहर रहना पड़ा। इस कठिन दौर में उनके पास आईपीएल अनुबंध भी नहीं था। ऐसे में एक बार फिर शुभमन गिल आगे आए और उन्हें गुजरात टाइटंस में नेट बॉलर के रूप में शामिल कराया।
गुजरात टाइटंस में बरार को दो बड़े गुरु मिले। मुख्य कोच आशीष नेहरा ने उन्हें गेंदबाजी के साथ-साथ बॉडी मैनेजमेंट और वर्कलोड बैलेंस का महत्व समझाया। वहीं, दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा से दोस्ती हुई, जिन्होंने हमेशा सरल और अनुशासित गेंदबाजी की सलाह दी। यह दोनों मार्गदर्शन बरार की गेंदबाजी को एक नई परिपक्वता देने में सहायक रहे।
आईपीएल 2025 के लिए गुजरात टाइटंस ने बरार को ₹1.3 करोड़ में अपने साथ जोड़ा, हालांकि अब तक उन्हें इस टीम के लिए कोई आईपीएल मैच खेलने का अवसर नहीं मिल सका है।
आँकड़ों में गुरनूर बरार
बरार के घरेलू करियर के आँकड़े उनकी क्षमता की गवाही देते हैं। 18 फर्स्ट क्लास मैचों में उन्होंने 27.30 की औसत से 52 विकेट लिए हैं। 9 लिस्ट-ए मुकाबलों में 12 विकेट और 9 टी20 मैचों में 10 विकेट उनके खाते में हैं। यह संख्याएँ बताती हैं कि क्यों आगरकर ने उन्हें 'भविष्य की संभावना' कहा।
आगे की राह
अफगानिस्तान के खिलाफ यह श्रृंखला गुरनूर बरार के लिए अपनी गेंदबाजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का पहला और अहम मंच होगी। गिल, नेहरा और रबाडा जैसे दिग्गजों के मार्गदर्शन में तराशे गए इस गेंदबाज से भारतीय क्रिकेट को लंबे समय तक उम्मीदें हैं।