क्या पलानी, भटनागर और क्लेयर आईसीसी की मुख्य कार्यकारी समिति में शामिल हुए?

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क्या पलानी, भटनागर और क्लेयर आईसीसी की मुख्य कार्यकारी समिति में शामिल हुए?

सारांश

गुरुमूर्ति पलानी, अनुराग भटनागर और गुरदीप क्लेयर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की मुख्य कार्यकारी समिति के लिए चुना गया है। यह चुनाव क्रिकेट विश्व में एक नई दिशा देने का संकेत है। जानिए इस चुनाव की खास बातें और इसकी महत्वता।

मुख्य बातें

गुरुमूर्ति पलानी , अनुराग भटनागर , और गुरदीप क्लेयर का चुनाव आईसीसी सीईसी में हुआ।
इनका कार्यकाल दो वर्षों का होगा।
सीईसी क्रिकेट के विकास और नीतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
चुनाव में 40 सहयोगी सदस्यों ने भाग लिया।
यह एजीएम का पहला बड़ा आयोजन है।

नई दिल्ली, 17 जुलाई (राष्ट्र प्रेस) । गुरुमूर्ति पलानी, अनुराग भटनागर और गुरदीप क्लेयर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की प्रमुख कार्यकारी समिति (सीईसी) के लिए चुना गया है।

फ्रांस के गुरुमूर्ति पलानी, हांगकांग के अनुराग भटनागर और कनाडा के गुरदीप क्लेयर ने मुख्य कार्यकारी पदों के चुनाव में जीत हासिल की। उन्होंने सुमोद दमोदर (बोत्सवाना) और शंकर रंगनाथन (सिएरा लियोन) को पीछे छोड़ दिया। चुनाव के विजेताओं की पुष्टि उनके संबंधित बोर्ड के सोशल मीडिया हैंडल पर की गई।

इसके अलावा, दामोदर और रेंगनाथन के साथ-साथ टिम कटलर (वानुअतु), स्टेला सियाले (समोआ) और सारा गोमर्सल (जर्सी) ने भी सीईसी चुनावों में भाग लिया। इस चुनाव में अमेरिका, एशिया, अफ्रीका, यूरोप और पूर्वी एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 40 सहयोगी सदस्य और 5 क्षेत्रीय प्रतिनिधि शामिल थे।

सीईसी, आईसीसी के सबसे शक्तिशाली बोर्डों में से एक है, जिसमें सभी पूर्ण सदस्य देशों के बोर्ड प्रतिनिधि और निर्वाचित एसोसिएट प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

सीईसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट के प्रचार-प्रसार से संबंधित नीतियों, प्रशासन और दिशा-निर्देशों को आकार देने में महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली भूमिका निभाता है।

एसोसिएट सदस्यों की सीटें बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। यह आईसीसी के शीर्ष बोर्ड और इसके बाहर के सदस्य देशों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करती हैं।

आईसीसी के नियमों के अनुसार, सीईसी चुनावों के लिए उम्मीदवारों को किसी एसोसिएट सदस्य या वर्तमान/पूर्व आईसीसी निदेशक का प्रतिनिधि होना आवश्यक था।

पलानी, भटनागर और क्लेयर का कार्यकाल दो वर्षों का होगा। ये तीनों एसोसिएट सदस्य समिति का भी हिस्सा होंगे, जो एसोसिएट स्तर पर क्रिकेट के संचालन और नियमन के लिए कार्य करती है।

तीन प्रतिष्ठित एसोसिएट सदस्य सीटों के लिए हुए चुनावों के साथ, गुरुवार को सिंगापुर में आईसीसी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) की शुरुआत हुई, जो 20 जुलाई तक चलेगी।

यह एजीएम चेयरमैन जय शाह और हाल ही में नियुक्त सीईओ संजोग गुप्ता के कार्यकाल में आयोजित होने वाली पहली बड़ी आईसीसी बैठक भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह चुनाव न केवल क्रिकेट की दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह दिखाता है कि किस प्रकार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद में विविधता और समावेशिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। हम इन नए सदस्यों से उम्मीद करते हैं कि वे क्रिकेट को और अधिक लोकप्रिय बनाएंगे और इसके विकास में योगदान देंगे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईसीसी की मुख्य कार्यकारी समिति का क्या महत्व है?
सीईसी, आईसीसी के सबसे शक्तिशाली बोर्ड में से एक है, जो क्रिकेट के विकास और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पलानी, भटनागर और क्लेयर का कार्यकाल कब तक है?
इनका कार्यकाल दो वर्षों का होगा।
सीईसी चुनावों में कौन-कौन शामिल था?
दामोदर, रेंगनाथन, कटलर, सियाले, और गोमर्सल भी चुनावों में शामिल थे।
आईसीसी चुनावों में उम्मीदवारों के लिए क्या आवश्यकताएँ हैं?
उम्मीदवारों को किसी एसोसिएट सदस्य या वर्तमान/पूर्व आईसीसी निदेशक का प्रतिनिधि होना आवश्यक है।
इस चुनाव का क्रिकेट पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह चुनाव क्रिकेट के विकास में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस