हांगकांग सिक्सेस: शशांक सिंह की 15 गेंदों में 50 रन की धमाकेदार पारी, भारत ने बांग्लादेश को 5 विकेट से हराया
सारांश
मुख्य बातें
हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट में लगातार तीन हार के बाद टीम इंडिया ने 1 नवंबर 2026 को मोंग कोक के मिशन रोड ग्राउंड पर अपनी पहली जीत दर्ज की, जब उसने बांग्लादेश को पारी की आखिरी गेंद पर 5 विकेट से पराजित किया। शशांक सिंह की मात्र 15 गेंदों पर 7 छक्कों और 1 चौके की मदद से खेली गई 50 रन की विस्फोटक पारी इस जीत की नींव बनी।
बांग्लादेश की बल्लेबाज़ी: रोनी का तूफान
टॉस जीतकर गेंदबाज़ी का फैसला करने वाली भारतीय टीम के सामने बांग्लादेश ने 6 ओवर में 5 विकेट पर 116 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। बांग्लादेश के कप्तान अबू हिदर रोनी ने मात्र 18 गेंदों पर 8 छक्कों और 3 चौकों की बदौलत नाबाद 62 रन की आक्रामक पारी खेली, जो पारी की रीढ़ साबित हुई।
इनके अलावा हबीबुर रहमान सोहन ने 6 गेंद पर 18 रन, सब्बीर रहमान ने 4 गेंद पर 13 रन और चौधरी मोहम्मद रिजवान ने 5 गेंदों पर 12 रन जोड़े।
भारतीय गेंदबाज़ी: क्रुणाल का दबदबा
भारत की ओर से कप्तान क्रुणाल पांड्या सबसे सफल गेंदबाज़ रहे। पांड्या ने 2 ओवर में 25 रन देकर 3 अहम विकेट चटकाए और बांग्लादेश की पारी पर ब्रेक लगाया। राहुल त्रिपाठी ने भी 1 विकेट अपने नाम किया।
शशांक सिंह की तूफानी पारी: भारत की जीत की बुनियाद
117 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने पारी की आखिरी गेंद पर मंजिल हासिल की। शशांक सिंह ने 15 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख पलट दिया; वह बाद में रिटायर्ड हर्ट हुए।
राहुल त्रिपाठी ने 12 गेंदों पर 3 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 32 रन बनाए। राहुल तेवतिया ने 5 गेंदों पर नाबाद 16 और नितीश राणा ने 4 गेंदों पर नाबाद 10 रन बनाकर टीम को जीत के पार पहुँचाया। क्रुणाल पांड्या को गेंद और बल्ले दोनों में योगदान के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
ग्रुप में भारत की स्थिति
ग्रुप सी में भारतीय टीम का सफर निराशाजनक रहा था — पहले मैच में पाकिस्तान से 4 विकेट से, दूसरे में यूएई से 6 विकेट से और तीसरे में इंग्लैंड से 3 विकेट से हार मिली थी। यह ऐसे समय में आया जब 12 टीमों के इस टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन अपेक्षाओं से बेहद नीचे था।
बांग्लादेश पर इस जीत के बाद भी भारतीय टीम टूर्नामेंट में 11वें स्थान पर रही, जो दर्शाता है कि इस संस्करण में टीम का अभियान काफी मुश्किलों से भरा रहा। आने वाले मैचों में टीम को अपनी बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी की एकजुटता सुधारनी होगी।