क्या इंफाल में 21वीं गवर्नर्स कप फेंसिंग चैंपियनशिप की शुरुआत हो गई?

सारांश
Key Takeaways
- राज्यपाल ने खेल के प्रति अनुशासन और उत्कृष्टता की आवश्यकता पर जोर दिया।
- युवाओं को अपनी सीमाओं को चुनौती देने के लिए प्रेरित किया गया।
- मणिपुर की खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए यह चैंपियनशिप महत्वपूर्ण है।
- प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं।
- आयोजन के दौरान प्रदर्शनी मुकाबले भी आयोजित किए गए।
इंफाल, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने गुरुवार को इंफाल के इंडोर स्टेडियम में 21वीं गवर्नर्स कप स्टेट लेवल फेंसिंग चैंपियनशिप 2025 का औपचारिक उद्घाटन किया।
सभा में राज्यपाल ने कहा कि यह आयोजन केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निष्पक्ष खेल, अनुशासन, धैर्य और उत्कृष्टता की खोज का प्रतीक है। उन्होंने युवा तलवारबाजों से अपील की कि वे स्वयं को चुनौती दें, असफलताओं का सामना करें और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य और राष्ट्र का गौरव बढ़ाने का प्रयास करें।
राज्यपाल ने आयोजकों, प्रशिक्षकों और परिवारों के अटूट सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयास मणिपुर की खेल संस्कृति को मजबूत बनाने में सहायक हैं।
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि यह चैंपियनशिप युवाओं को अपने सपनों को साकार करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।
उद्घाटन समारोह में प्रदर्शनी मुकाबले आयोजित किए गए, जिसमें एथलीट्स, प्रशिक्षकों, परिवारों और खेल अधिकारियों ने भाग लिया।
मणिपुर फेंसिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित यह चार दिवसीय चैंपियनशिप 31 अगस्त को समाप्त होगी। इस प्रतियोगिता में लगभग 220 पुरुष और महिला फेंसर शामिल हो रहे हैं।
मणिपुर फेंसिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सिनम प्रीतमकुमार सिंह ने पत्रकारों से कहा, "यह 21वां गवर्नर्स कप है। यह स्टेट लेवल फेंसिंग चैंपियनशिप है। हमारे आयोजन का उद्देश्य अपने तलवारबाजों के उत्साह को बढ़ाना है, ताकि वे भविष्य में भारत का नाम रोशन कर सकें। हमारे पास कई ऐसे तलवारबाज हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अधिकांश को राज्य सरकार से नौकरी भी मिली है।"
तलवारबाजी चैंपियनशिप खेल भावना, अनुशासन और साहस को प्रोत्साहित करती है। यह युवाओं को आत्मविश्वास, धैर्य और मानसिक मजबूती प्रदान करती है। प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमताएं दिखाने का अवसर पाते हैं। साथ ही, यह राज्य और देश की खेल संस्कृति को मजबूत करता है।