वर्ल्ड स्केट गेम्स 2026 में भारत ने जीते 7 पदक, आरएसएफआई अध्यक्ष तुलसी राम ने खिलाड़ियों को सराहा
सारांश
मुख्य बातें
रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (आरएसएफआई) के अध्यक्ष तुलसी राम अग्रवाल ने 22 अक्टूबर 2026 को पराग्वे की राजधानी असुनसियन में आयोजित वर्ल्ड स्केट गेम्स 2026 में भारतीय दल के प्रदर्शन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस प्रतिष्ठित वैश्विक टूर्नामेंट में भारत ने कुल 7 पदक — 2 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य — जीतकर देश का नाम रोशन किया।
टूर्नामेंट का संक्षिप्त परिचय
वर्ल्ड स्केट गेम्स 2026 का आगाज़ 2 अक्टूबर को हुआ था, जिसमें 90 देशों के लगभग 10,000 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इटली, कोलंबिया, चीनी ताइपे, स्पेन, फ्रांस, अमेरिका, ईरान, चिली, जर्मनी, वेनेजुएला, पुर्तगाल, चेकोस्लोवाकिया, साउथ कोरिया, ग्वाटेमाला और मेजबान पराग्वे जैसी दिग्गज टीमों की मौजूदगी ने इसे अत्यंत प्रतिस्पर्धी बनाया।
भारत के पदक विजेता खिलाड़ी
केरल के स्केटर अनिरुद्धन विनोद ने 'जूनियर मेंस रोड 1-लैप' स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। उसी प्रतियोगिता में पुडुचेरी के लोहनाथ अरुण प्रसाद ने रजत पदक अपने नाम किया, जिससे एकल स्पर्धा में भारत ने पोडियम के दो शीर्ष स्थान हासिल किए।
तुलसी राम ने बताया कि स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं के बीच समय का अंतर मात्र 0.24 सेकंड (240 मिलीसेकंड) था, जो प्रतियोगिता की कड़ी टक्कर को दर्शाता है। इसके अलावा, आनंदकुमार वेलकुमार ने 42 किलोमीटर की रोड रेस में स्वर्ण पदक और 1,000 मीटर की ट्रैक रेस में रजत पदक जीता।
आरएसएफआई अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
खिलाड़ियों के स्वागत समारोह में तुलसी राम ने कहा, 'पराग्वे एक बहुत दूर और कठिन जगह है। वहां तक स्केटर्स को ले जाना मुश्किल था, लेकिन हम पीछे नहीं हटे और पूरी टीम को टूर्नामेंट में ले गए।' उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अनुभव से युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई सोच और सीख मिली है।
तुलसी राम ने कोलंबिया की स्केटिंग संस्कृति की तुलना भारत के क्रिकेट से करते हुए कहा, 'जिस तरह हमारे देश में क्रिकेट को लगभग एक धर्म माना जाता है, कोलंबिया में स्केटिंग का भी वही दर्जा है। यही वजह है कि स्पीड स्केटिंग में कोलंबिया को हराना नामुमकिन है।'
आम खिलाड़ियों और खेल पर असर
गौरतलब है कि पुडुचेरी जैसे छोटे केंद्र शासित प्रदेश और केरल जैसे राज्य से पदक विजेताओं का उभरना भारत में रोलर स्केटिंग के बढ़ते भौगोलिक विस्तार को रेखांकित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में गैर-मुख्यधारा खेलों को प्रोत्साहित करने की माँग तेज हो रही है।
आगे क्या
आरएसएफआई अध्यक्ष के अनुसार, इस अनुभव और प्रदर्शन से भारतीय रोलर स्केटिंग का आधार और मज़बूत होगा। फेडरेशन का लक्ष्य आने वाले सत्र में और अधिक युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में उतारना है, ताकि वर्ल्ड स्केट गेम्स में भारत की पदक संख्या आगे और बढ़ सके।