श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में भारत के टॉप-3 बल्लेबाज और गेंदबाज: तेंदुलकर से कुंबले तक के रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारत और श्रीलंका के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज 15 अगस्त 2025 से शुरू होने वाली है। पहला टेस्ट गॉल में और दूसरा 23 अगस्त से खेला जाएगा। शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम श्रीलंका पहुँच चुकी है और अभ्यास सत्र शुरू कर दिया है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2027 के फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत के लिए यह सीरीज जीतना अनिवार्य है।
सीरीज का महत्व
श्रीलंका और भारत के बीच टेस्ट क्रिकेट हमेशा कड़ी टक्कर का गवाह रहा है। गॉल की स्पिन-अनुकूल पिचें भारतीय स्पिनरों के लिए अनुकूल मानी जाती हैं, लेकिन मेज़बान टीम के अनुभव को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टीम नई कप्तानी के नेतृत्व में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही है।
श्रीलंका के खिलाफ भारत के टॉप-3 बल्लेबाज
सचिन तेंदुलकर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में भारत के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। 1990 से 2010 के बीच 25 टेस्ट की 36 पारियों में उन्होंने 60.45 की औसत से 1,995 रन बनाए, जिनमें 9 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 203 रन है।
दूसरे स्थान पर पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ हैं, जिन्होंने 1997 से 2010 के बीच 20 टेस्ट की 32 पारियों में 48.64 की औसत से 1,508 रन बनाए। इस दौरान 3 शतक और 9 अर्धशतक के साथ उनका सर्वोच्च स्कोर 177 रन रहा।
तीसरे स्थान पर विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग हैं, जिन्होंने 2005 से 2010 के बीच 11 टेस्ट की 18 पारियों में 72.88 की शानदार औसत से 1,239 रन बनाए। उनके बल्ले से 5 शतक और 3 अर्धशतक निकले और सर्वोच्च स्कोर 293 रन रहा।
श्रीलंका के खिलाफ भारत के टॉप-3 गेंदबाज
गेंदबाज़ी में सबसे आगे दिग्गज लेग स्पिनर अनिल कुंबले हैं। 1993 से 2008 के बीच 18 मैचों की 28 पारियों में उन्होंने 74 विकेट चटकाए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 59 रन देकर 7 विकेट रहा। कुंबले ने 4 बार एक पारी में 5 या अधिक विकेट और 2 बार एक टेस्ट में 10 या अधिक विकेट लेने का कारनामा किया।
दूसरे सफल गेंदबाज दाएँ हाथ के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन हैं, जिन्होंने 2015 से 2022 के बीच 11 टेस्ट की 21 पारियों में 62 विकेट लिए। उन्होंने 3 बार एक पारी में 5 विकेट और 1 बार एक मैच में 10 या अधिक विकेट लेने की उपलब्धि हासिल की।
तीसरे स्थान पर दाएँ हाथ के ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह हैं। 1999 से 2015 के बीच 16 मैचों की 26 पारियों में उन्होंने 53 विकेट लिए। हरभजन ने 2 बार एक पारी में 5 विकेट और 2 बार एक मैच में 10 या अधिक विकेट झटके।
आगामी सीरीज पर नज़र
गौरतलब है कि ये सभी रिकॉर्ड उस दौर के हैं जब भारतीय क्रिकेट अपने स्वर्णिम युग में था। अब शुभमन गिल की अगुवाई में युवा भारतीय टीम के सामने इन दिग्गजों की विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2027 की अंक तालिका में बेहतर स्थान के लिए यह सीरीज भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।