भारतीय अंडर-19 टीम जुलाई 2026 में श्रीलंका दौरे पर, 3 वनडे और 2 चार-दिवसीय मैच का कार्यक्रम तय
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष अंडर-19 क्रिकेट टीम जुलाई 2026 में श्रीलंका का दौरा करेगी, जहाँ 3 वनडे और 2 चार-दिवसीय मैचों की द्विपक्षीय सीरीज खेली जाएगी। श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने बुधवार, 20 मई को इस दौरे की आधिकारिक घोषणा की। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत हाल ही में जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतकर लौटा है।
दौरे का पूरा कार्यक्रम
भारतीय अंडर-19 टीम 30 जून को श्रीलंका पहुँचेगी। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 4 जुलाई को हंबनटोटा के महिंदा राजपक्षे इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (MRICS) में खेला जाएगा। दूसरा और तीसरा वनडे भी इसी मैदान पर क्रमशः 6 जुलाई और 9 जुलाई को आयोजित होगा।
चार-दिवसीय सीरीज का पहला मैच 13 से 16 जुलाई तक गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। दूसरा चार-दिवसीय मुकाबला 20 से 23 जुलाई तक कोलंबो के आर. प्रेमदासा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होगा।
वैभव सूर्यवंशी पर सबकी नज़र
15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस सीरीज के लिए उम्र के लिहाज से योग्य होंगे और उन पर सबसे अधिक ध्यान रहेगा। इस युवा बल्लेबाज ने 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की अंडर-19 सीरीज के दौरान महज 13 साल की उम्र में यूथ टेस्ट मैच में 62 गेंदों पर 104 रन की तूफानी पारी खेलकर सुर्खियाँ बटोरी थीं। सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भी भारत की विजय में अहम योगदान दिया।
फिलहाल वैभव इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में राजस्थान रॉयल्स (RR) के साथ हैं। IPL 2026 का फाइनल 31 मई को खेला जाना है, जिसके बाद वे 9 से 21 जून तक श्रीलंका में होने वाली 50-ओवर की ट्राई-सीरीज में भारत-ए की तरफ से खेलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज भी तय
श्रीलंका दौरे के बाद भारतीय अंडर-19 टीम ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करेगी। तीन वनडे मुकाबलों की यह सीरीज राजकोट में 18, 21 और 23 सितंबर को खेली जाएगी। इसके बाद दो चार-दिवसीय मैच — पहला 27 सितंबर को राजकोट में और दूसरा 5 अक्टूबर को अहमदाबाद में — आयोजित होंगे।
युवा क्रिकेटरों के लिए क्यों अहम है यह दौरा
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सीरीज में वनडे और लंबे प्रारूप दोनों शामिल होने से दोनों देशों के उभरते क्रिकेटरों को बहुमूल्य अनुभव मिलेगा। गौरतलब है कि अंडर-19 स्तर पर इस तरह की द्विपक्षीय सीरीज भविष्य के सीनियर खिलाड़ियों की नींव तैयार करती है। वर्ल्ड कप विजेता भारतीय टीम के लिए यह दौरा अपनी श्रेष्ठता को और पुख्ता करने का मौका होगा।