आईपीएल 2008 में दिल्ली ने विराट कोहली को क्यों नहीं चुना? वीरेंद्र सहवाग का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। क्रिकेट की कमेंट्री में जब पुराने मैचों की बात होती है, तो कमेंटेटर अक्सर दिलचस्प किस्से साझा करते हैं। इनमें से कई कहानियाँ क्रिकेट प्रशंसकों के लिए आश्चर्यजनक होती हैं। आईपीएल 2026 के दौरान कमेंट्री करते हुए, भारतीय टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने विराट कोहली से जुड़ी एक अनोखी कहानी सुनाई।
जियोहॉटस्टार पर 'चैंपियंस वाली कमेंट्री' के दौरान, वीरेंद्र सहवाग ने बताया कि क्यों आईपीएल के पहले सीजन (आईपीएल 2008) में दिल्ली डेयरडेविल्स ने विराट कोहली के बजाय तेज गेंदबाज प्रदीप सांगवान को चुना।
सहवाग ने कहा, "मुझे याद है। आईपीएल 2008 में दिल्ली डेयरडेविल्स में तिलकरत्ने दिलशान और शिखर धवन दोनों ओपनर के रूप में शामिल थे। लेकिन हम उन्हें तीसरे और पांचवें स्थान पर बल्लेबाजी कराते थे, क्योंकि गौतम गंभीर और मैं पारी की शुरुआत करते थे। मनोज तिवारी ने चौथे स्थान पर बल्लेबाजी की थी। हमारी टीम में कई शीर्ष क्रम के बल्लेबाज थे, और उन सभी को बल्लेबाजी क्रम में समायोजित करना चुनौतीपूर्ण हो रहा था। उस समय, विराट कोहली भी तीसरे या चौथे स्थान पर बल्लेबाजी कर रहे थे। इसलिए हमारे पास उन्हें टीम में शामिल करने के लिए कोई जगह नहीं थी। हमें एक गेंदबाज की आवश्यकता थी, इसलिए हमने कोहली के बजाय प्रदीप सांगवान को लेने का निर्णय लिया।"
दिल्ली, सहवाग, गंभीर, और शिखर धवन की तरह ही विराट की भी घरेलू टीम थी, लेकिन आईपीएल 2008 में दिल्ली डेयरडेविल्स ने विराट कोहली को नहीं खरीदा। विराट इसी सीज़न में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का हिस्सा बने और आईपीएल 2026 में भी उसी टीम के लिए खेल रहे हैं। यह आईपीएल का रिकॉर्ड है कि किसी खिलाड़ी ने किसी फ्रेंचाइजी के साथ इतना लंबा समय बिताया है। विराट की फॉर्म और फिटनेस को देखते हुए ऐसा लगता है कि वह कम से कम आईपीएल 2028 तक आरसीबी का हिस्सा रहेंगे।
विराट ने लंबे समय तक आरसीबी की कप्तानी की है, और उनकी टीम की लोकप्रियता और ब्रांड वैल्यू में उनका योगदान सबसे बड़ा है। आईपीएल 2025 में टीम को चैंपियन बनाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान था। वहीं, दिल्ली अब तक आईपीएल का खिताब नहीं जीत पाई है।