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आईपीएल 2026: सीएसके-केकेआर के खिलाड़ियों ने क्यों बांधी काली पट्टी?

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आईपीएल 2026: सीएसके-केकेआर के खिलाड़ियों ने क्यों बांधी काली पट्टी?

सारांश

आईपीएल 2026 के मैच में सीएसके और केकेआर के खिलाड़ियों ने दिवंगत क्रिकेटर गोपीनाथ को श्रद्धांजलि देते हुए काली पट्टी बांधी। यह एक भावुक पल था, जो क्रिकेट के प्रति उनके योगदान को दर्शाता है।

मुख्य बातें

गोपीनाथ का योगदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास में महत्वपूर्ण था।
उन्होंने 1952 में भारत की पहली टेस्ट जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर 1951 से 1960 तक रहा।
गोपीनाथ ने तमिलनाडु की कप्तानी करते हुए रणजी ट्रॉफी जीताई।
उनके निधन के बाद चंद्रकांत पाटणकर सबसे वृद्ध जीवित टेस्ट क्रिकेटर बने।

चेन्नई, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच मंगलवार को हो रहे मुकाबले में दोनों टीमों के क्रिकेटरों ने काली पट्टी बांधकर खेलना शुरू किया। यह कदम दिवंगत क्रिकेटर गोपीनाथ के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए उठाया गया, जिनका पिछले सप्ताह 96 वर्ष की आयु में निधन हुआ था।

गोपीनाथ भारत के सबसे वृद्ध टेस्ट क्रिकेटरों में से एक थे और नील हार्वे के बाद विश्व के दूसरे सबसे उम्रदराज क्रिकेटर माने जाते थे।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपने आधिकारिक बयान में गोपीनाथ को श्रद्धांजलि देते हुए उनके निधन को भारतीय क्रिकेट के लिए एक गंभीर क्षति बताया। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, "सीडी गोपीनाथ उस पीढ़ी के सदस्य थे जिसने भारतीय क्रिकेट के प्रारंभिक दौर को आकार दिया। भारत की पहली टेस्ट जीत का हिस्सा होना एक ऐसा गौरव है, जिसे हम कभी नहीं भूल सकते।"

गोपीनाथ ने भारतीय क्रिकेट के प्रारंभिक वर्षों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह उस टीम का हिस्सा थे जिसने 1952 में मद्रास (अब चेन्नई) में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की पहली टेस्ट जीत हासिल की थी। यह क्षण देश के क्रिकेट इतिहास में एक ऐतिहासिक घटना थी। गोपीनाथ ने 1951 से 1960 के बीच भारत के लिए 8 टेस्ट मैच खेले और अपने पहले ही मैच में 50 नाबाद और 42 रन बनाकर अपनी छाप छोड़ी।

अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के अलावा, गोपीनाथ तमिलनाडु क्रिकेट में भी एक महत्वपूर्ण नाम थे। उन्होंने 1954-55 के सीजन में तमिलनाडु की कप्तानी की और टीम को अपनी पहली रणजी ट्रॉफी जिताने में मदद की, जिसमें उन्होंने फाइनल में शतक भी लगाया। अपने फर्स्ट-क्लास करियर में उन्होंने 60 मुकाबलों में 4,259 रन बनाए।

खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेने के बाद, गोपीनाथ ने राष्ट्रीय चयनकर्ता के तौर पर कार्य किया, जिसमें कुछ समय के लिए चेयरमैन भी रहे। वर्ष 1979 में इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के मैनेजर रहे। गोपीनाथ के निधन के पश्चात, चंद्रकांत पाटणकर भारत के सबसे वृद्ध जीवित टेस्ट क्रिकेटर बन गए हैं, जिन्होंने 1956 में केवल एक टेस्ट मैच खेला।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण भी है। गोपीनाथ का योगदान भारतीय क्रिकेट की नींव रखने में महत्वपूर्ण था।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काली पट्टी बांधने का कारण क्या था?
सीएसके और केकेआर के खिलाड़ियों ने दिवंगत क्रिकेटर गोपीनाथ को श्रद्धांजलि देने के लिए काली पट्टी बांधी।
गोपीनाथ ने कितने टेस्ट मैच खेले?
गोपीनाथ ने भारत के लिए 8 टेस्ट मैच खेले।
गोपीनाथ ने किस टीम की कप्तानी की?
गोपीनाथ ने तमिलनाडु की टीम की कप्तानी की और 1954-55 में रणजी ट्रॉफी जीतने में मदद की।
बीसीसीआई ने गोपीनाथ के निधन पर क्या कहा?
बीसीसीआई ने गोपीनाथ के निधन को भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ी क्षति बताया।
राष्ट्र प्रेस
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