यशस्वी जायसवाल का 6 पारियों में दूसरा वनडे शतक, सबसे तेज़ दो ODI सेंचुरी के मामले में बने नंबर-1 भारतीय
सारांश
मुख्य बातें
यशस्वी जायसवाल ने 20 जून 2026 को चेन्नई में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरे और निर्णायक मुकाबले में 86 गेंदों पर 17 चौकों की मदद से 110 रन की नाबाद पारी खेली। यह उनके महज छठे वनडे मैच में दूसरा अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय शतक था, जिसने उन्हें सबसे कम पारियों में दो वनडे शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर पहुँचा दिया।
मुख्य घटनाक्रम
भारत के सलामी बल्लेबाज जायसवाल ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ पहले विकेट के लिए 170 रन की साझेदारी कर अफगानिस्तान के गेंदबाजों को शुरू से ही बैकफुट पर धकेल दिया। अफगानिस्तान को पहले बल्लेबाजी करते हुए 44.2 ओवरों में 218 रन पर समेट दिया गया, जिसके जवाब में भारत ने मात्र 28.4 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर सीरीज अपने नाम की।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड
24 वर्षीय जायसवाल ने इस उपलब्धि के साथ पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने अपना दूसरा वनडे शतक 7वीं पारी में लगाया था। इस सूची में केदार जाधव (9 पारियाँ) तीसरे, विराट कोहली (17 पारियाँ) और शुभमन गिल (18 पारियाँ) क्रमशः उनके बाद हैं। गौरतलब है कि यह रिकॉर्ड भारतीय वनडे क्रिकेट इतिहास में किसी बल्लेबाज की सबसे तेज़ दोहरी शतकीय उपलब्धि है।
जायसवाल की प्रतिक्रिया
मैच के बाद प्रसारकों से बातचीत में जायसवाल ने कहा, "शुरुआत में मुझे पावर-प्ले में कुछ रन मिले, इसलिए मैं बस खेलते रहना चाहता था और आखिर तक डटा रहना चाहता था। इसलिए मैं सच में इसका लुत्फ उठा रहा था।" अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित रखने की बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैं बस अपनी प्रक्रिया पर ध्यान देता हूँ, जो मेरे वश में है। मैं जितनी हो सके उतनी कड़ी मेहनत करने की कोशिश करता हूँ। इस बीच सपोर्ट स्टाफ का हमेशा साथ मिलता है।"
बड़े मौकों का फायदा उठाने की सोच
अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील करने की अपनी मानसिकता के बारे में जायसवाल ने कहा, "मैं भाग्यशाली रहा हूँ, इसलिए अगर मुझे अच्छी शुरुआत मिलती है तो मैं उसे शतक में बदलने की कोशिश करता हूँ। खेल में, खासकर जब आपका दिन हो, तो उसका पूरा फायदा उठाना चाहिए।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हाल के कुछ मैचों में चीजें उनके अनुसार नहीं हुई थीं, लेकिन आज वे "पूरी तरह पक्के इरादे के साथ" मैदान पर उतरे थे।
आगे क्या
इस प्रदर्शन के साथ जायसवाल ने भारतीय वनडे टीम में अपनी स्थिति और मज़बूत की है। 24 साल की उम्र में इस तरह की निरंतरता उन्हें आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए भारत का एक प्रमुख ओपनर बनाती है। क्रिकेट विश्लेषकों की नज़र अब उनके अगले प्रदर्शन पर होगी कि क्या वे यह लय बरकरार रख पाते हैं।