क्या जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना और रॉयल एनफील्ड ने मिलकर मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया?
सारांश
Key Takeaways
- इस रैली का आयोजन भारतीय सेना और रॉयल एनफील्ड द्वारा किया गया।
- रैली का उद्देश्य पूर्व सैनिकों के बलिदान को सम्मानित करना है।
- रैली में भाग लेने वाले राइडर्स ने सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
- यह आयोजन युवाओं को सेना के मूल्यों से जोड़ने में मदद करता है।
- रैली ने नागरिकों में राष्ट्रप्रेम और एकजुटता की भावना को बढ़ावा दिया।
उधमपुर, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने रॉयल एनफील्ड के सहयोग से 10वें वेटरन्स डे 2026 के उपलक्ष्य में ‘ध्रुव मोटरसाइकिल रैली’ का आयोजन किया। इस रैली का उद्देश्य उन सैनिकों के शौर्य, बलिदान और समर्पण को श्रद्धांजलि देना था, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सेवा की।
रैली को लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में जवान मौजूद रहे।
इस दौरान राइडर्स ने भारतीय सैनिकों को दिल से सलाम करते हुए इस रैली को नई पीढ़ी को सेना के मूल्यों से जोड़ने और वेटरन्स के योगदान को सम्मान देने का सशक्त माध्यम बताया है। कई पूर्व सैनिकों ने इसे गर्व और भावनात्मक क्षण बताया।
मोहन वीर सिंह ने कहा, "मैंने इसके लिए छुट्टी ली है। अगले 10 दिन हम आर्मी के साथ इसमें हिस्सा लेंगे। हमें अपनी सेना पर गर्व है। हमारे सैनिक दिन-रात मुश्किल परिस्थितियों में रहते हुए देश की रक्षा करते हैं। हम अपने सैनिकों को दिल से सलाम करते हैं।"
एक अन्य राइडर ने कहा, "इस आयोजन के लिए रॉयल एनफील्ड का धन्यवाद, जिन्होंने हमें ये मौका दिया। इससे हमें आर्मी को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलेगा। हम सिर्फ यह जानते हैं कि सैनिकों का जीवन मुश्किल है, लेकिन यह कितना मुश्किल है, ये उनके साथ रहकर ही पता लगाया जा सकता है। यह हमारे लिए बहुत अच्छा मौका है।"
यह रैली देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों के शौर्य, बलिदान और योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान देने का प्रतीक है। तिरंगे के साथ आयोजित रैली नागरिकों में राष्ट्रप्रेम और एकजुटता की भावना को मजबूत करती है। यह युवाओं को सेना के अनुशासन, साहस और सेवा-भाव से जोड़कर उन्हें प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम है। ऐसी पहल से आम जनता और भारतीय सेना के बीच भावनात्मक जुड़ाव और विश्वास बढ़ता है।