क्या खेलो इंडिया बीच गेम्स से खिलाड़ी जोश में नजर आ रहे हैं?

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क्या खेलो इंडिया बीच गेम्स से खिलाड़ी जोश में नजर आ रहे हैं?

सारांश

खेलो इंडिया बीच गेम्स का दूसरा सीजन दीव में शुरू हो गया है, जिसमें 1,100 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। विभिन्न खेलों में चुनौतीपूर्ण माहौल और खिलाड़ियों के अनुभव इस बार के इवेंट की खासियत हैं। क्या खिलाड़ी अपनी मेहनत और लगन से पदक जीत पाएंगे?

Key Takeaways

  • खेलो इंडिया बीच गेम्स में 1,100 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
  • यह इवेंट 5 जनवरी से 10 जनवरी तक चल रहा है।
  • 32 गोल्ड मेडल दांव पर हैं।
  • बीच पर खेलना खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण है।
  • नए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का मौका।

दीव, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 'खेलो इंडिया बीच गेम्स' (केआईबीजी) का दूसरा सीजन 5 जनवरी को शुरू हुआ। 10 जनवरी तक, इस प्रतियोगिता में देशभर के लगभग 1,100 खिलाड़ी 8 विभिन्न खेलों में भाग ले रहे हैं।

खेलो इंडिया बीच गेम्स में 2026 में वॉलीबॉल, पेंचक सिलाट, ओपन वाटर स्विमिंग, मल्लखंब, फुटबॉल, सेपक टकरा, कबड्डी और रस्साकशी शामिल हैं। मल्लखंब और रस्साकशी के अलावा, अन्य सभी खेलों में 32 गोल्ड मेडल दांव पर लगे हैं।

दमन और दीव टीम के कबड्डी खिलाड़ी अमित तिवारी ने राष्ट्र प्रेस को बताया, "हमारी टीम खेलो इंडिया बीच गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। बीच पर कबड्डी खेलना एक बड़ी चुनौती है। मैट पर कबड्डी खेलने में उतनी थकान नहीं होती, जितनी कि रेत पर कबड्डी खेलते समय होती है, क्योंकि रेत में चलना और कूदना कठिन होता है। हम कठिन परिस्थितियों में प्रैक्टिस करते हुए अपने प्रदर्शन को निखारना चाहेंगे।"

दमन और दीव टीम के कबड्डी खिलाड़ी सौरव ठाकुर ने कहा, "बीच पर कबड्डी खेलना बहुत चुनौतीपूर्ण है। हम पदक जीतने के लिए अपना शत प्रतिशत दे रहे हैं। मेडल जीतने के लिए हमने ज़बरदस्त मेहनत की है।"

दिल्ली के सेपक टाकरा खिलाड़ी संदीप कुमार ने कहा, "हम पिछले साल भी खेलो इंडिया बीच गेम्स में भाग ले चुके हैं। उस समय हमने 2 गोल्ड और एक सिल्वर जीता था। यहां का मौसम बेहद शानदार है। हम यहां दूसरी बार आए हैं और एक बार फिर पदक जीतने का प्रयास करेंगे। सेपक टाकरा एक इंडोर खेल है और जूतों के बिना खेलना बहुत कठिन है, लेकिन हम इसकी आदत डाल रहे हैं। हमें इसे खेलते हुए बहुत मजा आता है।"

जूनियर विश्व कप 2023 के स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ी जय भगवान ने कहा, "मैं यहां दूसरी बार आया हूं। यहां का प्रबंधन बहुत शानदार है। बीच पर कबड्डी खेलते समय हमें चोट का डर नहीं रहता, हालांकि, इसमें प्रत्येक रेड डू-एंड-डाई की होती है, जिसमें स्टैमिना की बहुत आवश्यकता होती है। नई पीढ़ी को खेलो इंडिया के तहत प्रेरित किया जा रहा है।"

मल्लखंब खिलाड़ी काव्या ने कहा, "हम यहां पहली बार आए हैं। स्कूल में हमारे पास काफी सुविधाएं हैं। हमें यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। अगले साल हम अपने प्रदर्शन में निखार लाएंगे। सरकार ने हमें काफी सुविधाएं दी हैं।"

Point of View

बल्कि यह युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित करने में भी सहायक होते हैं। इस तरह के इवेंट्स से देश में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ती है और नई प्रतिभाओं को पहचानने का अवसर मिलता है।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

खेलो इंडिया बीच गेम्स का आयोजन कब हुआ?
खेलो इंडिया बीच गेम्स का आयोजन 5 जनवरी से 10 जनवरी तक किया गया है।
इस प्रतियोगिता में कितने खिलाड़ी भाग ले रहे हैं?
इसमें लगभग 1,100 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
खेलो इंडिया बीच गेम्स में कौन-कौन से खेल शामिल हैं?
इसमें वॉलीबॉल, पेंचक सिलाट, ओपन वाटर स्विमिंग, मल्लखंब, फुटबॉल, सेपक टकरा, कबड्डी और रस्साकशी शामिल हैं।
क्या इस इवेंट में गोल्ड मेडल की संख्या है?
इस इवेंट में 32 गोल्ड मेडल दांव पर लगे हैं।
खिलाड़ियों का अनुभव कैसा रहा?
खिलाड़ियों ने बीच पर खेलना चुनौतीपूर्ण बताया और अपनी मेहनत का जिक्र किया।
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