11 अक्टूबर 2026
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शारदीय नवरात्रि 2026: ICC अध्यक्ष जय शाह ने दी शुभकामनाएं, मां दुर्गा से हिम्मत की प्रेरणा लेने की अपील

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शारदीय नवरात्रि 2026: ICC अध्यक्ष जय शाह ने दी शुभकामनाएं, मां दुर्गा से हिम्मत की प्रेरणा लेने की अपील

सारांश

ICC अध्यक्ष जय शाह ने शारदीय नवरात्रि 2026 पर एक्स पर संदेश साझा किया और मां दुर्गा से हर चुनौती को हिम्मत से स्वीकार करने की प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस वर्ष महानवमी 19 अक्टूबर और विजयादशमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

मुख्य बातें

ICC अध्यक्ष जय शाह ने 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि पर एक्स के ज़रिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने मां दुर्गा के आशीर्वाद से 'हर चुनौती को हिम्मत से और हर मौके को उम्मीद के साथ अपनाने' की प्रेरणा की कामना की।
शारदीय नवरात्रि अश्विन मास में कलश स्थापना से शुरू होती है; नौ दिन नवदुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है।
पहला दिन देवी शैलपुत्री को समर्पित है।
महानवमी 19 अक्टूबर 2026 और विजयादशमी (दशहरा) 20 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्यक्ष जय शाह ने 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उन्हें मां दुर्गा से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। रविवार से शुरू हुए इस नौ दिवसीय पर्व पर उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपना संदेश साझा किया।

जय शाह का संदेश

जय शाह ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'मां दुर्गा का आशीर्वाद हमें हर चुनौती को हिम्मत से और हर मौके को उम्मीद के साथ अपनाने की प्रेरणा दे।' उनके इस संदेश में त्योहार के आध्यात्मिक महत्व को केंद्र में रखा गया, जो शक्ति, कल्याण और समृद्धि का प्रतीक है।

शारदीय नवरात्रि का महत्व

हिंदू चंद्र पंचांग के अनुसार अश्विन मास में मनाया जाने वाला शारदीय नवरात्रि कलश स्थापना के साथ आरंभ होता है, जो शुभ काल के आगमन का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व में भक्त देवी दुर्गा के नौ रूपों — नवदुर्गा — की आराधना करते हैं और उनसे शक्ति एवं आशीर्वाद की प्रार्थना करते हैं। देश भर के घरों और मंदिरों में उत्साहपूर्वक तैयारियाँ की जाती हैं।

पर्व का पहला दिन देवी शैलपुत्री को समर्पित है, जिनका अर्थ है 'पहाड़ की पुत्री'। भक्त उनकी पूजा-अर्चना कर शक्ति, स्थिरता और मंगल की कामना करते हैं। इसके बाद प्रत्येक दिन देवी के एक नए स्वरूप की उपासना की जाती है।

उत्सव की परंपराएं

उपवास, भक्ति समारोह और विशेष प्रार्थनाएं इस त्योहार के अभिन्न अंग हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में धार्मिक रीति-रिवाजों में स्थानीय विविधता देखी जाती है, जो भारतीय सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है। गौरतलब है कि यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक उत्सव का भी महत्वपूर्ण अवसर है।

महानवमी और विजयादशमी

इस वर्ष नौ दिवसीय उत्सव की परिणति महानवमी 19 अक्टूबर 2026 को होगी। इसके अगले दिन 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी — जिसे दशहरा भी कहा जाता है — मनाई जाएगी। विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और उत्सव के पर्व-काल का समापन करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी ICC जैसी वैश्विक संस्था के प्रमुख का भारतीय पर्व पर इस तरह सक्रिय रहना उनकी सार्वजनिक छवि-निर्माण की रणनीति को दर्शाता है। यह नवरात्रि की व्यापक सांस्कृतिक प्रासंगिकता को भी रेखांकित करता है, जो क्रिकेट प्रशासन जैसे गैर-धार्मिक क्षेत्रों तक अपनी पहुँच रखती है। मुख्यधारा की कवरेज इसे महज शुभकामना संदेश के रूप में देखती है, लेकिन इसमें निहित सांस्कृतिक कूटनीति और सार्वजनिक व्यक्तित्व की राजनीति भी ध्यान देने योग्य है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ICC अध्यक्ष जय शाह ने नवरात्रि पर क्या कहा?
जय शाह ने एक्स पर लिखा कि मां दुर्गा का आशीर्वाद हमें हर चुनौती को हिम्मत से और हर मौके को उम्मीद के साथ अपनाने की प्रेरणा दे। उन्होंने 11 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई शारदीय नवरात्रि पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
शारदीय नवरात्रि 2026 कब से कब तक है?
शारदीय नवरात्रि 2026 का आरंभ 11 अक्टूबर को हुआ और यह नौ दिनों तक चलेगी। महानवमी 19 अक्टूबर और विजयादशमी (दशहरा) 20 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी।
नवरात्रि के पहले दिन किस देवी की पूजा होती है?
नवरात्रि का पहला दिन देवी शैलपुत्री को समर्पित है, जिनका अर्थ है 'पहाड़ की पुत्री'। भक्त इस दिन शक्ति, स्थिरता और कल्याण की प्रार्थना करते हैं।
शारदीय नवरात्रि का धार्मिक महत्व क्या है?
शारदीय नवरात्रि हिंदू चंद्र मास अश्विन में मनाई जाती है और इसमें देवी दुर्गा के नौ रूपों — नवदुर्गा — की पूजा की जाती है। यह पर्व शक्ति, भलाई और समृद्धि के लिए मां दुर्गा के आशीर्वाद का आह्वान करता है।
विजयादशमी और दशहरा में क्या संबंध है?
विजयादशमी और दशहरा एक ही पर्व के दो नाम हैं। यह नवरात्रि के दसवें दिन मनाया जाता है और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस वर्ष यह 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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