7 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शारदीय नवरात्र 2026: मां दुर्गा हाथी पर करेंगी आगमन, मुर्गे पर होगी विदाई — जानिए वाहन मान्यता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शारदीय नवरात्र 2026: मां दुर्गा हाथी पर करेंगी आगमन, मुर्गे पर होगी विदाई — जानिए वाहन मान्यता

सारांश

इस साल शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू हो रहा है, इसलिए धार्मिक मान्यता के अनुसार मां दुर्गा हाथी पर आगमन करेंगी — जो समृद्धि और शुभता का प्रतीक है। विदाई 20 अक्टूबर को मुर्गे पर होगी, जिसे चुनौतीपूर्ण संकेत माना जाता है।

मुख्य बातें

शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर 2026, रविवार से आरंभ होगा।
रविवार को नवरात्र शुरू होने से मां दुर्गा का आगमन वाहन हाथी माना जाता है — शक्ति और समृद्धि का प्रतीक।
विजयादशमी (दशहरा) 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी।
मंगलवार को विदाई होने से देवी का प्रस्थान वाहन मुर्गा (कुक्कुट) माना गया है, जिसे कम शुभ समझा जाता है।
आगमन वाहन में हाथी के अलावा घोड़ा, नौका और डोली भी प्रचलित हैं — वार के अनुसार निर्धारित होते हैं।

शारदीय नवरात्र 2026 में मां दुर्गा इस बार हाथी पर सवार होकर भक्तों के द्वार पधारेंगी, जबकि उनकी विदाई मुर्गे (कुक्कुट) पर होने की धार्मिक मान्यता है। यह पावन पर्व 11 अक्टूबर 2026, रविवार से आरंभ होगा और 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को विजयादशमी (दशहरा) के साथ सम्पन्न होगा।

नवरात्र 2026 का शुभारंभ और आगमन वाहन

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन अर्थात प्रतिपदा को पड़ने वाले वार के आधार पर मां दुर्गा के आगमन का वाहन तय होता है। इस वर्ष नवरात्र का शुभारंभ रविवार को हो रहा है। परंपरा के अनुसार, यदि नवरात्र रविवार या सोमवार को आरंभ हो, तो देवी का आगमन वाहन हाथी माना जाता है।

इस प्रकार इस साल मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी — जो भक्तों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। भारतीय परंपरा में हाथी शक्ति, स्थिरता, वैभव और समृद्धि का प्रतीक रहा है।

हाथी वाहन का धार्मिक महत्व

धार्मिक दृष्टि से देवी का हाथी पर आगमन अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है। कुछ मान्यताओं में इसे अच्छी वर्षा और कृषि समृद्धि के लिए भी अनुकूल बताया गया है। गौरतलब है कि हाथी प्रजनन और धन-धान्य की वृद्धि से जोड़ा जाता है, इसलिए इस वर्ष का नवरात्र आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से मंगलकारी माना जा रहा है।

विजयादशमी और प्रस्थान वाहन

नवरात्र के समापन के बाद 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। देवी के प्रस्थान का वाहन उस दिन के वार पर आधारित होता है। मान्यता के अनुसार मंगलवार या शनिवार को देवी की विदाई मुर्गे (चरणायुध अर्थात कुक्कुट) पर होती है।

धार्मिक परंपराओं में देवी के इस प्रस्थान वाहन को अपेक्षाकृत कम शुभ माना जाता है और इसे चुनौतियों, चिंता या सामाजिक अशांति जैसे संकेतों से जोड़ा जाता है।

वाहन निर्धारण की परंपरा

नवरात्र के आगमन के लिए हाथी के अलावा घोड़ा, नौका और डोली जैसे वाहनों की भी अलग-अलग धार्मिक मान्यताएँ प्रचलित हैं। किस वर्ष देवी का कौन-सा वाहन होगा, यह नवरात्र की शुरुआत और समापन के दिन पड़ने वाले वार के आधार पर निर्धारित होता है। यह परंपरा सदियों पुरानी है और विभिन्न पंचांगों एवं ज्योतिष ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है।

इस वर्ष नवरात्र में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों — शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक — की पूजा-अर्चना करेंगे, व्रत रखेंगे और देवी से सुख, शांति व समृद्धि की कामना करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पीढ़ियों से चली आ रही है। हाथी का शुभ और मुर्गे का कम शुभ होना — यह वर्गीकरण समाज में आशा और सावधानी दोनों का सामूहिक भाव जगाता है। यह उल्लेखनीय है कि ऐसी मान्यताएँ कृषि-आधारित समाज की मौसमी चिंताओं का प्रतिबिंब हैं — हाथी का वर्षा से जुड़ाव और मुर्गे का अशांति से संबंध, दोनों ही लोकस्मृति में गहरे पैठे हैं। मुख्यधारा की खबरें इन्हें महज धार्मिक सूचना की तरह पेश करती हैं, जबकि यह परंपरा सांस्कृतिक मनोविज्ञान और सामुदायिक आस्था की जटिल परतें समेटे हुए है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शारदीय नवरात्र 2026 कब से शुरू हो रहा है?
शारदीय नवरात्र 2026 का शुभारंभ 11 अक्टूबर 2026, रविवार से हो रहा है। यह पर्व नौ दिनों तक चलेगा और 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के साथ समाप्त होगा।
इस साल मां दुर्गा का आगमन वाहन क्या है?
इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन वाहन हाथी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब नवरात्र रविवार या सोमवार से शुरू होता है, तो देवी का वाहन हाथी माना जाता है, जो शक्ति, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक है।
मां दुर्गा का प्रस्थान वाहन 2026 में क्या होगा?
इस साल विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को है। मान्यता के अनुसार मंगलवार या शनिवार को देवी की विदाई मुर्गे (कुक्कुट) पर होती है। इस वाहन को धार्मिक परंपराओं में चुनौतियों और चिंता के संकेत से जोड़ा जाता है।
नवरात्र में देवी के वाहन का निर्धारण कैसे होता है?
नवरात्र के पहले दिन (प्रतिपदा) और अंतिम दिन (दशमी) पड़ने वाले वार के आधार पर देवी के आगमन और प्रस्थान वाहन का निर्धारण होता है। हाथी, घोड़ा, नौका और डोली — ये प्रमुख आगमन वाहन हैं जो अलग-अलग वारों से जुड़े हैं।
हाथी पर देवी का आगमन क्यों शुभ माना जाता है?
हाथी को भारतीय परंपरा में शक्ति, वैभव और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। कुछ धार्मिक मान्यताओं में हाथी पर देवी का आगमन अच्छी वर्षा और कृषि के लिए अनुकूल संकेत भी माना गया है, इसलिए इसे विशेष रूप से शुभ समझा जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले