12 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शारदीय नवरात्रि 2026: भाग्यश्री ने मंदिर में लिया आशीर्वाद, मां के नौ स्वरूपों का बताया गहरा अर्थ

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शारदीय नवरात्रि 2026: भाग्यश्री ने मंदिर में लिया आशीर्वाद, मां के नौ स्वरूपों का बताया गहरा अर्थ

सारांश

अभिनेत्री भाग्यश्री ने शारदीय नवरात्रि 2026 पर मंदिर पहुँचकर माँ का आशीर्वाद लिया और इंस्टाग्राम के ज़रिए नवदुर्गा के नौ स्वरूपों का गहरा आध्यात्मिक अर्थ प्रशंसकों से साझा किया — संदेश था कि कोमलता और साहस साथ-साथ चल सकते हैं।

मुख्य बातें

अभिनेत्री भाग्यश्री ने 12 अक्टूबर 2026 को मुंबई के एक मंदिर में शारदीय नवरात्रि पर माता रानी का आशीर्वाद लिया।
उन्होंने इंस्टाग्राम पर मां के नौ स्वरूपों — शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक — का विस्तृत आध्यात्मिक महत्व साझा किया।
भाग्यश्री का संदेश: 'दयालु होने का मतलब कमजोर होना नहीं — कोमलता और साहस एक साथ हो सकते हैं।' शारदीय नवरात्रि 2026 का आरंभ 11 अक्टूबर को हुआ, समापन 19 अक्टूबर को होगा और 20 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।
नवरात्रि के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है; सफेद या पीला रंग पहनना शुभ माना जाता है।

अभिनेत्री भाग्यश्री ने शारदीय नवरात्रि 2026 के अवसर पर मुंबई में एक मंदिर पहुँचकर माता रानी का आशीर्वाद लिया और अपने करोड़ों प्रशंसकों के साथ मां दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों का आध्यात्मिक महत्व साझा किया। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को उन्होंने इंस्टाग्राम पर मंदिर की तस्वीरें पोस्ट करते हुए प्रशंसकों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।

मां के नौ रूप और उनका संदेश

भाग्यश्री ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में नवदुर्गा के प्रत्येक स्वरूप का विशद वर्णन किया। उन्होंने लिखा, 'नवरात्रि की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। मां के नौ रूप, नौ रस।' उनके अनुसार शैलपुत्री अटूट स्थिरता, पवित्रता और प्रकृति से गहरे जुड़ाव का प्रतीक हैं, जबकि ब्रह्मचारिणी गहरी भक्ति, साधना और दृढ़ता का प्रतीक हैं।

चंद्रघंटा को उन्होंने शांत साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक बताया, और कूष्मांडा को ब्रह्मांडीय रचनात्मकता तथा जीवन को प्रकाशित करने वाली ऊर्जा का स्रोत।

ममता, साहस और सिद्धि के स्वरूप

अभिनेत्री ने स्कंदमाता को बिना शर्त ममता और सुरक्षा-भरे प्रेम का प्रतीक बताया, तो कात्यायनी को धर्म की रक्षा के लिए जागृत क्रोध, अदम्य साहस और बुराई पर विजय का प्रतीक। कालरात्रि को उन्होंने अंधकार, अज्ञान और नकारात्मकता को निर्भयता से समाप्त करने वाली शक्ति के रूप में वर्णित किया।

महागौरी परम पवित्रता, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक नवीनीकरण की देवी हैं, जबकि सिद्धिदात्री परम ज्ञान, आध्यात्मिक सिद्धि और दिव्य पूर्णता का प्रतिनिधित्व करती हैं। भाग्यश्री ने जोड़ा, 'मां दुर्गा में दिव्य गर्मजोशी और ममता है, लेकिन जब सुरक्षा और न्याय की जरूरत होती है तो वे सत्य के शस्त्र भी धारण करती हैं।'

कोमलता और साहस एक साथ

भाग्यश्री ने नवदुर्गा के स्वरूपों से एक व्यापक जीवन-दर्शन का संदेश निकाला। उन्होंने लिखा, 'माता रानी हमें सिखाती हैं कि दयालु होने का मतलब कमजोर होना नहीं है। कोमलता और साहस एक साथ हो सकते हैं।' यह संदेश नवरात्रि के आध्यात्मिक सार को आधुनिक जीवन से जोड़ता है।

शारदीय नवरात्रि 2026 का कार्यक्रम

वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हुई है और इसका समापन 19 अक्टूबर को होगा। इसके अगले दिन 20 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) मनाई जाएगी। गौरतलब है कि नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है और इस दिन सफेद या पीला रंग पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है, जो शांति और पवित्रता का प्रतीक है। इस वर्ष करोड़ों श्रद्धालु पूरे देश में नौ दिनों तक उपवास, पूजा-अर्चना और जागरण के माध्यम से माँ शक्ति की आराधना कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसकी व्यापक पहुँच को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, क्योंकि करोड़ों फॉलोअर्स तक यह आध्यात्मिक संदेश पहुँचता है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिनेत्री भाग्यश्री ने नवरात्रि 2026 पर क्या किया?
भाग्यश्री ने 12 अक्टूबर 2026 को मुंबई के एक मंदिर में जाकर माता रानी का आशीर्वाद लिया और इंस्टाग्राम पर मां के नौ स्वरूपों का आध्यात्मिक महत्व साझा किया। उन्होंने प्रशंसकों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
मां दुर्गा के नौ स्वरूप कौन-कौन से हैं?
नवदुर्गा के नौ स्वरूप हैं — शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। प्रत्येक स्वरूप एक विशेष दिव्य गुण — स्थिरता, साहस, ममता, ज्ञान आदि — का प्रतिनिधित्व करता है।
शारदीय नवरात्रि 2026 कब से कब तक है?
शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर को हुई है और समापन 19 अक्टूबर को होगा। इसके अगले दिन 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।
नवरात्रि के दूसरे दिन किस देवी की पूजा होती है और कौन-सा रंग शुभ है?
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इस दिन सफेद या पीला रंग पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है, जो शांति और पवित्रता का प्रतीक है।
भाग्यश्री ने नवरात्रि पर क्या आध्यात्मिक संदेश दिया?
भाग्यश्री ने कहा कि माता रानी हमें सिखाती हैं कि दयालु होने का मतलब कमजोर होना नहीं है। उनका मुख्य संदेश था कि कोमलता और साहस एक साथ हो सकते हैं — यह नवदुर्गा के विभिन्न स्वरूपों से प्रेरित जीवन-दर्शन है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. कल
  5. 3 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले