3 नवंबर 2026
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जीत झाबख ने रचा इतिहास: APRC के 38 साल में टू-व्हील-ड्राइव से ओवरऑल खिताब जीतने वाले पहले ड्राइवर

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जीत झाबख ने रचा इतिहास: APRC के 38 साल में टू-व्हील-ड्राइव से ओवरऑल खिताब जीतने वाले पहले ड्राइवर

सारांश

हैदराबाद के जीत झाबख ने APRC के 38 साल के इतिहास में पहली बार टू-व्हील-ड्राइव कार से ओवरऑल चैंपियनशिप जीती — और यह कारनामा उनके पहले ही अंतरराष्ट्रीय सीजन में हुआ। सह-चालक मूसा शरीफ के साथ मिलकर वे यह खिताब जीतने वाली पहली पूर्णतः भारतीय जोड़ी बने।

मुख्य बातें

जीत झाबख ने 2026 एफआईए APRC जीती — 38 वर्षों में टू-व्हील-ड्राइव कार से ओवरऑल खिताब जीतने वाले पहले ड्राइवर।
सह-चालक मूसा शरीफ के साथ मिलकर वे APRC जीतने वाली पहली पूर्णतः भारतीय जोड़ी बने; शरीफ ने APRC को-ड्राइवर्स चैंपियनशिप भी जीती।
झाबख ने 73 चैंपियनशिप प्वाइंट्स के साथ सीजन समाप्त किया — निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 35 पॉइंट्स की बढ़त के साथ।
रैली ऑफ इंडोनेशिया (दानाउ टोबा) में ओवरऑल जीत; ओटागो रैली (न्यूजीलैंड) और साउथ इंडिया रैली में दूसरा स्थान।
2026 APRC4 चैंपियनशिप भी झाबख के नाम — 2WD कैटेगरी में दोहरा खिताब।
यह उपलब्धि उनके पहले अंतरराष्ट्रीय रैली सीजन में मिली; करियर में 50 से अधिक पोडियम फिनिश ।

हैदराबाद के भारतीय रेसर जीत झाबख ने 2026 एफआईए एशिया-पैसिफिक रैली चैंपियनशिप (APRC) का खिताब अपने नाम करके मोटरस्पोर्ट इतिहास में एक अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है। वे इस प्रतियोगिता के 38 वर्षों के इतिहास में टू-व्हील-ड्राइव (2WD) कार के साथ ओवरऑल चैंपियनशिप जीतने वाले पहले ड्राइवर बन गए हैं — एक ऐसी उपलब्धि जो तकनीकी दृष्टि से भी उतनी ही उल्लेखनीय है जितनी प्रतिस्पर्धात्मक।

ऐतिहासिक भारतीय जोड़ी

सह-चालक मूसा शरीफ के साथ मिलकर झाबख एशिया-पैसिफिक रैली चैंपियनशिप जीतने वाली पहली पूर्णतः भारतीय ड्राइवर-को-ड्राइवर जोड़ी बन गए हैं। इस उपलब्धि को और विशेष बनाते हुए, मूसा शरीफ ने 2026 APRC को-ड्राइवर्स चैंपियनशिप भी अपने नाम की, जिससे यह अभियान दोहरी जीत का गवाह बना।

चैंपियनशिप का सफर और आँकड़े

झाबख ने यह खिताब अपने पहले अंतरराष्ट्रीय रैली सीजन में ही हासिल किया — एक ऐसी उपलब्धि जो उनकी असाधारण परिपक्वता और निरंतरता को दर्शाती है। उन्होंने 73 चैंपियनशिप प्वाइंट्स के साथ सीजन समाप्त किया, जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 35 प्वाइंट्स अधिक थे। गौरतलब है कि उन्होंने हर राउंड में प्वाइंट्स अर्जित किए और एक भी बार रेस के बीच में रिटायर नहीं हुए — यही निरंतरता उनके खिताब की असली नींव बनी।

इस सीजन में उनके उल्लेखनीय परिणामों में न्यूजीलैंड की ओटागो रैली में अपनी कैटेगरी में दूसरा स्थान, चेन्नई की साउथ इंडिया रैली में ओवरऑल दूसरा स्थान, और रैली ऑफ इंडोनेशिया (दानाउ टोबा) में ओवरऑल जीत शामिल है।

APRC4 खिताब से दोहरी सफलता

झाबख ने 2026 एफआईए APRC4 चैंपियनशिप भी जीती, जिससे 2WD कैटेगरी में उनका दबदबा और पुख्ता हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मोटरस्पोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने की लंबे समय से प्रतीक्षा थी।

करियर की पृष्ठभूमि

दो बार के भारतीय राष्ट्रीय रेसिंग चैंपियन झाबख ने 2016 में वेंटो कप और 2019 में अमियो कप जीते थे। उन्होंने लगातार तीन बार इंडियन टूरिंग कार्स टीम चैंपियनशिप भी अपने नाम की और अपने करियर में 50 से अधिक पोडियम फिनिश दर्ज किए हैं।

2024 में रैलिंग की ओर रुख करने के बाद, उन्होंने अपने पहले ही सीजन में INRC3 चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद 2025 में INRC3T चैंपियनशिप में भी रनर-अप रहे। इस प्रगति को देखते हुए उनका 2026 में APRC का खिताब जीतना किसी अचानक उछाल की नहीं, बल्कि सुनियोजित विकास की कहानी है।

आगे की राह

झाबख की यह जीत भारतीय रैलिंग के लिए एक नए युग का संकेत है। APRC जैसे प्रतिष्ठित मंच पर मिली यह सफलता भविष्य में और युवा भारतीय रेसरों को अंतरराष्ट्रीय रैली सर्किट की ओर प्रेरित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मशीन की ताकत को भी परास्त कर सकती है। सवाल यह है कि क्या भारतीय मोटरस्पोर्ट संस्थाएँ इस सफलता को एक एकल उपलब्धि मानकर भूल जाएंगी, या इसे व्यवस्थित ढाँचे में बदलेंगी — युवा रैली प्रतिभाओं के लिए फंडिंग, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र के रूप में।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीत झाबख ने APRC 2026 में क्या ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की?
जीत झाबख एफआईए एशिया-पैसिफिक रैली चैंपियनशिप के 38 वर्षों के इतिहास में टू-व्हील-ड्राइव (2WD) कार के साथ ओवरऑल खिताब जीतने वाले पहले ड्राइवर बने। सह-चालक मूसा शरीफ के साथ वे यह चैंपियनशिप जीतने वाली पहली पूर्णतः भारतीय जोड़ी भी बने।
जीत झाबख ने 2026 APRC में कितने पॉइंट्स के साथ खिताब जीता?
झाबख ने 73 चैंपियनशिप प्वाइंट्स के साथ सीजन पूरा किया, जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 35 पॉइंट्स अधिक थे। उन्होंने हर राउंड में पॉइंट्स अर्जित किए और एक भी बार बीच रेस में रिटायर नहीं हुए।
मूसा शरीफ ने 2026 APRC में क्या उपलब्धि हासिल की?
मूसा शरीफ ने 2026 APRC को-ड्राइवर्स चैंपियनशिप अपने नाम की। जीत झाबख के साथ मिलकर वे एशिया-पैसिफिक रैली चैंपियनशिप जीतने वाली पहली पूर्णतः भारतीय ड्राइवर-को-ड्राइवर जोड़ी बने।
जीत झाबख का रैलिंग से पहले का करियर कैसा रहा है?
झाबख दो बार के भारतीय राष्ट्रीय रेसिंग चैंपियन हैं, जिन्होंने 2016 में वेंटो कप और 2019 में अमियो कप जीता। उन्होंने लगातार तीन बार इंडियन टूरिंग कार्स टीम चैंपियनशिप भी जीती और करियर में 50 से अधिक पोडियम फिनिश हासिल किए हैं।
जीत झाबख ने रैलिंग में कब कदम रखा और उनकी प्रगति कैसी रही?
झाबख ने 2024 में रैलिंग शुरू की और पहले ही सीजन में INRC3 चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल किया। 2025 में INRC3T चैंपियनशिप में भी रनर-अप रहे, और 2026 में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय सीजन में ही APRC का ओवरऑल खिताब जीत लिया।
राष्ट्र प्रेस
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