जीत झाबख ने रचा इतिहास: APRC के 38 साल में टू-व्हील-ड्राइव से ओवरऑल खिताब जीतने वाले पहले ड्राइवर
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के भारतीय रेसर जीत झाबख ने 2026 एफआईए एशिया-पैसिफिक रैली चैंपियनशिप (APRC) का खिताब अपने नाम करके मोटरस्पोर्ट इतिहास में एक अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है। वे इस प्रतियोगिता के 38 वर्षों के इतिहास में टू-व्हील-ड्राइव (2WD) कार के साथ ओवरऑल चैंपियनशिप जीतने वाले पहले ड्राइवर बन गए हैं — एक ऐसी उपलब्धि जो तकनीकी दृष्टि से भी उतनी ही उल्लेखनीय है जितनी प्रतिस्पर्धात्मक।
ऐतिहासिक भारतीय जोड़ी
सह-चालक मूसा शरीफ के साथ मिलकर झाबख एशिया-पैसिफिक रैली चैंपियनशिप जीतने वाली पहली पूर्णतः भारतीय ड्राइवर-को-ड्राइवर जोड़ी बन गए हैं। इस उपलब्धि को और विशेष बनाते हुए, मूसा शरीफ ने 2026 APRC को-ड्राइवर्स चैंपियनशिप भी अपने नाम की, जिससे यह अभियान दोहरी जीत का गवाह बना।
चैंपियनशिप का सफर और आँकड़े
झाबख ने यह खिताब अपने पहले अंतरराष्ट्रीय रैली सीजन में ही हासिल किया — एक ऐसी उपलब्धि जो उनकी असाधारण परिपक्वता और निरंतरता को दर्शाती है। उन्होंने 73 चैंपियनशिप प्वाइंट्स के साथ सीजन समाप्त किया, जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 35 प्वाइंट्स अधिक थे। गौरतलब है कि उन्होंने हर राउंड में प्वाइंट्स अर्जित किए और एक भी बार रेस के बीच में रिटायर नहीं हुए — यही निरंतरता उनके खिताब की असली नींव बनी।
इस सीजन में उनके उल्लेखनीय परिणामों में न्यूजीलैंड की ओटागो रैली में अपनी कैटेगरी में दूसरा स्थान, चेन्नई की साउथ इंडिया रैली में ओवरऑल दूसरा स्थान, और रैली ऑफ इंडोनेशिया (दानाउ टोबा) में ओवरऑल जीत शामिल है।
APRC4 खिताब से दोहरी सफलता
झाबख ने 2026 एफआईए APRC4 चैंपियनशिप भी जीती, जिससे 2WD कैटेगरी में उनका दबदबा और पुख्ता हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय मोटरस्पोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने की लंबे समय से प्रतीक्षा थी।
करियर की पृष्ठभूमि
दो बार के भारतीय राष्ट्रीय रेसिंग चैंपियन झाबख ने 2016 में वेंटो कप और 2019 में अमियो कप जीते थे। उन्होंने लगातार तीन बार इंडियन टूरिंग कार्स टीम चैंपियनशिप भी अपने नाम की और अपने करियर में 50 से अधिक पोडियम फिनिश दर्ज किए हैं।
2024 में रैलिंग की ओर रुख करने के बाद, उन्होंने अपने पहले ही सीजन में INRC3 चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद 2025 में INRC3T चैंपियनशिप में भी रनर-अप रहे। इस प्रगति को देखते हुए उनका 2026 में APRC का खिताब जीतना किसी अचानक उछाल की नहीं, बल्कि सुनियोजित विकास की कहानी है।
आगे की राह
झाबख की यह जीत भारतीय रैलिंग के लिए एक नए युग का संकेत है। APRC जैसे प्रतिष्ठित मंच पर मिली यह सफलता भविष्य में और युवा भारतीय रेसरों को अंतरराष्ट्रीय रैली सर्किट की ओर प्रेरित कर सकती है।