एशियन जूनियर चैंपियनशिप 2026: भारत ने पिकलबॉल में जीते 3 मेडल, स्तुति-अंजलि को गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
एशियन पिकलबॉल जूनियर ओपन / एशियन जूनियर चैंपियनशिप 2026 में भारतीय युवा खिलाड़ियों ने 8 अगस्त 2026 को थाईलैंड के नाखोन पाथोम में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज — कुल तीन मेडल अपने नाम किए। एशिया फेडरेशन ऑफ पिकलबॉल (AFP) द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप माहिडोल यूनिवर्सिटी, नाखोन पाथोम में खेली जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम: किसने जीता कौन-सा मेडल
भारत के लिए सबसे पहली सफलता स्तुति और अंजलि की जोड़ी ने दिलाई, जिन्होंने अंडर-18 गर्ल्स डबल्स में गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाया। इसके बाद अंजलि पोल ने अंडर-18 गर्ल्स सिंगल्स में सिल्वर मेडल हासिल कर भारत की मेडल टैली में इज़ाफा किया। आद्या और कीर्ति की जोड़ी ने अंडर-12 गर्ल्स डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इस उपलब्धि को पूरा किया।
टूर्नामेंट का महत्व
यह चैंपियनशिप एशिया के उभरते जूनियर पिकलबॉल खिलाड़ियों के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसमें कई आयु वर्गों — लड़के और लड़कियाँ दोनों — में प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं। टूर्नामेंट का केंद्रीय उद्देश्य खिलाड़ियों के दीर्घकालिक विकास, कड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा और उभरती प्रतिभाओं के लिए स्थायी रास्ते तैयार करना है। गौरतलब है कि पिकलबॉल हाल के वर्षों में भारत में तेज़ी से लोकप्रिय हुआ है, और जूनियर स्तर पर इस तरह की उपलब्धियाँ खेल के विस्तार की दिशा में सकारात्मक संकेत हैं।
विशेषज्ञ की प्रतिक्रिया
अरविंद प्रभु ने इस प्रदर्शन पर कहा, 'एशियन जूनियर चैंपियनशिप में हमारे युवा भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन बहुत उत्साहजनक है। अलग-अलग आयु वर्गों में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतना भारत में जूनियर पिकलबॉल की बढ़ती क्षमता और गहराई को दर्शाता है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'इन खिलाड़ियों के विकास के लिए इस स्तर पर अंतरराष्ट्रीय अनुभव बहुत ज़रूरी है। इस तरह के प्रदर्शन से हमें भारतीय पिकलबॉल के भविष्य के प्रति काफी भरोसा मिलता है।'
आम जनता और खेल जगत पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में पिकलबॉल तेज़ी से एक संगठित खेल के रूप में उभर रहा है और देशभर में जूनियर अकादमियों की संख्या बढ़ रही है। कॉन्टिनेंटल स्तर पर तीन मेडल की यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देगी और अभिभावकों तथा कोचों का इस खेल में भरोसा और मज़बूत करेगी।
क्या होगा आगे
चैंपियनशिप के शेष दिनों में भारतीय खिलाड़ी अन्य आयु वर्गों में भी प्रतिस्पर्धा करेंगे। इस प्रदर्शन से उत्साहित भारतीय दल से और मेडल की उम्मीद बनी हुई है। AFP के मंच पर मिले इस अनुभव से भारतीय जूनियर पिकलबॉल का भविष्य और अधिक उज्जवल दिखता है।