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जो रूट को फिर मिली इंग्लैंड टेस्ट कप्तानी, सेलेक्टर नॉर्थ ने बताया — ब्रूक पर क्यों नहीं डाला तीनों फॉर्मेट का बोझ

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जो रूट को फिर मिली इंग्लैंड टेस्ट कप्तानी, सेलेक्टर नॉर्थ ने बताया — ब्रूक पर क्यों नहीं डाला तीनों फॉर्मेट का बोझ

सारांश

बेन स्टोक्स के संन्यास के बाद इंग्लैंड ने हैरी ब्रूक को बढ़ावा देने के बजाय जो रूट को टेस्ट कप्तानी लौटाई। सेलेक्टर मार्कस नॉर्थ की दलील साफ है — ब्रूक पर तीनों फॉर्मेट का बोझ नहीं, वर्ल्ड कप पर फोकस बनाए रखो।

मुख्य बातें

जो रूट को बेन स्टोक्स के संन्यास के बाद इंग्लैंड टेस्ट टीम की कमान दोबारा सौंपी गई है।
रूट ने पहले 64 टेस्ट मैचों में कप्तानी की और 28 जीत दर्ज कीं; अप्रैल 2022 में कप्तानी छोड़ी थी।
हैरी ब्रूक (27 वर्ष) फिलहाल वनडे और टी20 दोनों टीमों की कप्तानी कर रहे हैं।
नेशनल सेलेक्टर मार्कस नॉर्थ ने कहा — तीनों फॉर्मेट की कप्तानी एक साथ किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ा बोझ होगी।
नॉर्थ ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ब्रूक के टेस्ट कप्तानी पर विचार की संभावना बनी रहेगी।

बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने जो रूट को एक बार फिर टेस्ट टीम की कमान सौंपने का फैसला किया है। 6 अगस्त को इंग्लैंड के नेशनल सेलेक्टर मार्कस नॉर्थ ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए इस निर्णय के पीछे की रणनीति का खुलासा किया। बोर्ड ने 27 वर्षीय हैरी ब्रूक को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी का अतिरिक्त बोझ देने से बचने के लिए 35 वर्षीय रूट के अनुभव पर भरोसा जताया है।

रूट का कप्तानी रिकॉर्ड

जो रूट ने सबसे पहले 2017 में इंग्लैंड टेस्ट टीम की कमान संभाली थी। उन्होंने इंग्लैंड के लिए रिकॉर्ड 64 टेस्ट मैचों में कप्तानी की और 28 जीत दर्ज कीं। हालांकि, अप्रैल 2022 में वेस्टइंडीज से 10 विकेट की करारी हार के बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी। अब उनकी वापसी को बोर्ड एक परिपक्व और सुचिंतित कदम के रूप में पेश कर रहा है।

ब्रूक पर क्यों नहीं डाला भार

नेशनल सेलेक्टर मार्कस नॉर्थ ने स्पष्ट किया कि हैरी ब्रूक फिलहाल वनडे और टी20 दोनों टीमों की कप्तानी कर रहे हैं और उनका ध्यान अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी पर केंद्रित है। नॉर्थ के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी के लिए तीनों फॉर्मेट में एक साथ नेतृत्व करना असाधारण रूप से कठिन होता है, और इस स्थिति में ब्रूक पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डालना उचित नहीं होता।

नॉर्थ के शब्दों में

नॉर्थ ने कहा, 'मुझे लगता है कि हैरी ब्रूक हमारे लिए तीनों फॉर्मेट में शानदार खिलाड़ी रहे हैं। वह टीम का बहुत अहम हिस्सा बने हुए हैं। मुझे लगता है कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उनकी लीडरशिप हर सीरीज के साथ बेहतर हो रही है। हमने देखा है कि गर्मियों के दौरान हमारी टी20 टीम दुनिया में नंबर 1 रैंकिंग पर पहुंच गई थी। वह अगले साल के आखिर में होने वाले वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए ब्रेंडन मैकुलम के साथ मिलकर वहां शानदार काम कर रहे हैं। और किसी भी कप्तान के लिए तीनों फॉर्मेट संभालना बहुत बड़ी बात है।'

ब्रूक का भविष्य बंद नहीं

नॉर्थ ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय ब्रूक के टेस्ट कप्तानी के भविष्य को समाप्त नहीं करता। उन्होंने कहा, 'मुझे कोई शक नहीं है कि हैरी का भी समय आएगा, लेकिन हम बहुत खुशकिस्मत हैं कि हमारे पास जो जैसा अनुभवी खिलाड़ी है।' यह टिप्पणी संकेत देती है कि बोर्ड ब्रूक को दीर्घकालिक टेस्ट नेतृत्व के लिए तैयार कर रहा है, फिलहाल रूट के अनुभव का उपयोग करते हुए।

आगे क्या

रूट की कप्तानी में वापसी इंग्लैंड के टेस्ट ढाँचे को स्थिरता देने का प्रयास है, जबकि ब्रूक व्हाइट-बॉल क्रिकेट में मैकुलम के साथ मिलकर वर्ल्ड कप की तैयारी जारी रखेंगे। यह दोहरी नेतृत्व संरचना इंग्लैंड क्रिकेट की नई रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक अंतर्निहित जोखिम है — रूट की दूसरी पारी उनकी पहली जितनी प्रभावशाली नहीं रही, और 35 की उम्र में खिलाड़ी-कप्तान की भूमिका निभाना दोहरा दबाव है। ब्रूक को 'भविष्य का कप्तान' कहकर टालना एक अस्थायी समाधान है, स्थायी योजना नहीं। असली सवाल यह है कि क्या इंग्लैंड क्रिकेट के पास टेस्ट नेतृत्व के लिए कोई दीर्घकालिक उत्तराधिकार रणनीति है, या यह हर बार संकट में पड़ने पर परिचित नामों पर निर्भर रहेगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जो रूट को दोबारा इंग्लैंड टेस्ट कप्तान क्यों बनाया गया?
नेशनल सेलेक्टर मार्कस नॉर्थ के अनुसार, हैरी ब्रूक पहले से वनडे और टी20 दोनों टीमों की कप्तानी कर रहे हैं, इसलिए उन पर तीनों फॉर्मेट का बोझ डालना उचित नहीं था। रूट के व्यापक अनुभव को देखते हुए बोर्ड ने उन्हें टेस्ट कमान सौंपने का फैसला किया।
जो रूट का पहले का टेस्ट कप्तानी रिकॉर्ड कैसा रहा?
रूट ने 2017 से 2022 के बीच इंग्लैंड के लिए रिकॉर्ड 64 टेस्ट मैचों में कप्तानी की और 28 जीत दर्ज कीं। अप्रैल 2022 में वेस्टइंडीज से 10 विकेट की हार के बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी।
हैरी ब्रूक भविष्य में टेस्ट कप्तान बन सकते हैं?
सेलेक्टर मार्कस नॉर्थ ने स्पष्ट किया है कि ब्रूक के टेस्ट कप्तानी के भविष्य को नकारा नहीं गया है। नॉर्थ ने कहा कि 'हैरी का समय भी आएगा', यानी यह निर्णय स्थायी नहीं, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार लिया गया है।
हैरी ब्रूक अभी किन टीमों की कप्तानी कर रहे हैं?
हैरी ब्रूक फिलहाल इंग्लैंड की वनडे और टी20 दोनों टीमों के कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड की टी20 टीम गर्मियों के दौरान विश्व में नंबर 1 रैंकिंग पर भी पहुंची।
बेन स्टोक्स के संन्यास का इंग्लैंड टेस्ट टीम पर क्या असर पड़ा?
बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय संन्यास के बाद इंग्लैंड को टेस्ट कप्तान की तलाश करनी पड़ी। बोर्ड ने ब्रूक पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डालने के बजाय अनुभवी जो रूट को टेस्ट कमान सौंपने का फैसला किया, जो पहले भी यह भूमिका निभा चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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