जो रूट को फिर मिली इंग्लैंड टेस्ट कप्तानी, सेलेक्टर नॉर्थ ने बताया — ब्रूक पर क्यों नहीं डाला तीनों फॉर्मेट का बोझ
सारांश
मुख्य बातें
बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने जो रूट को एक बार फिर टेस्ट टीम की कमान सौंपने का फैसला किया है। 6 अगस्त को इंग्लैंड के नेशनल सेलेक्टर मार्कस नॉर्थ ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए इस निर्णय के पीछे की रणनीति का खुलासा किया। बोर्ड ने 27 वर्षीय हैरी ब्रूक को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी का अतिरिक्त बोझ देने से बचने के लिए 35 वर्षीय रूट के अनुभव पर भरोसा जताया है।
रूट का कप्तानी रिकॉर्ड
जो रूट ने सबसे पहले 2017 में इंग्लैंड टेस्ट टीम की कमान संभाली थी। उन्होंने इंग्लैंड के लिए रिकॉर्ड 64 टेस्ट मैचों में कप्तानी की और 28 जीत दर्ज कीं। हालांकि, अप्रैल 2022 में वेस्टइंडीज से 10 विकेट की करारी हार के बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी। अब उनकी वापसी को बोर्ड एक परिपक्व और सुचिंतित कदम के रूप में पेश कर रहा है।
ब्रूक पर क्यों नहीं डाला भार
नेशनल सेलेक्टर मार्कस नॉर्थ ने स्पष्ट किया कि हैरी ब्रूक फिलहाल वनडे और टी20 दोनों टीमों की कप्तानी कर रहे हैं और उनका ध्यान अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी पर केंद्रित है। नॉर्थ के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी के लिए तीनों फॉर्मेट में एक साथ नेतृत्व करना असाधारण रूप से कठिन होता है, और इस स्थिति में ब्रूक पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डालना उचित नहीं होता।
नॉर्थ के शब्दों में
नॉर्थ ने कहा, 'मुझे लगता है कि हैरी ब्रूक हमारे लिए तीनों फॉर्मेट में शानदार खिलाड़ी रहे हैं। वह टीम का बहुत अहम हिस्सा बने हुए हैं। मुझे लगता है कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उनकी लीडरशिप हर सीरीज के साथ बेहतर हो रही है। हमने देखा है कि गर्मियों के दौरान हमारी टी20 टीम दुनिया में नंबर 1 रैंकिंग पर पहुंच गई थी। वह अगले साल के आखिर में होने वाले वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए ब्रेंडन मैकुलम के साथ मिलकर वहां शानदार काम कर रहे हैं। और किसी भी कप्तान के लिए तीनों फॉर्मेट संभालना बहुत बड़ी बात है।'
ब्रूक का भविष्य बंद नहीं
नॉर्थ ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय ब्रूक के टेस्ट कप्तानी के भविष्य को समाप्त नहीं करता। उन्होंने कहा, 'मुझे कोई शक नहीं है कि हैरी का भी समय आएगा, लेकिन हम बहुत खुशकिस्मत हैं कि हमारे पास जो जैसा अनुभवी खिलाड़ी है।' यह टिप्पणी संकेत देती है कि बोर्ड ब्रूक को दीर्घकालिक टेस्ट नेतृत्व के लिए तैयार कर रहा है, फिलहाल रूट के अनुभव का उपयोग करते हुए।
आगे क्या
रूट की कप्तानी में वापसी इंग्लैंड के टेस्ट ढाँचे को स्थिरता देने का प्रयास है, जबकि ब्रूक व्हाइट-बॉल क्रिकेट में मैकुलम के साथ मिलकर वर्ल्ड कप की तैयारी जारी रखेंगे। यह दोहरी नेतृत्व संरचना इंग्लैंड क्रिकेट की नई रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है।