जोस मोरिन्हो की रियल मैड्रिड में वापसी: '13 साल बाद मिशन पर लौटा हूं'
सारांश
मुख्य बातें
जोस मोरिन्हो ने 14 जुलाई 2026 को रियल मैड्रिड के मुख्य कोच के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत की, जब उन्होंने वाल्देबेबास ट्रेनिंग सेंटर में प्री-सीजन ट्रेनिंग का नेतृत्व किया। जून 2013 में क्लब छोड़ने के करीब 13 साल बाद लौटे मोरिन्हो ने स्पष्ट किया कि उनकी तैयारियां बहुत पहले से शुरू हो चुकी थीं।
मोरिन्हो का 'मिशन': ट्रॉफियों से परे सोच
रियल मैड्रिड टीवी से बात करते हुए मोरिन्हो ने कहा, "मेरे लिए यह एक मिशन की तरह है। मैं यहां सिर्फ अपनी सफलता या ट्रॉफियों के बारे में सोचने नहीं आया हूं। मेरा लक्ष्य खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और क्लब से जुड़े हर व्यक्ति को पहले से बेहतर बनाना है।" उन्होंने यह भी कहा, "रियल मैड्रिड में काम करना और रियल मैड्रिड के लिए काम करना, दोनों अलग बातें हैं। मैं यहां क्लब के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आया हूं।"
उन्होंने मेहनत, जिम्मेदारी और बड़े लक्ष्यों को केंद्र में रखकर एक मज़बूत कार्य-संस्कृति स्थापित करने की बात कही — जो उनके पहले कार्यकाल (2010–2013) की आक्रामक प्रबंधन शैली से एक परिपक्व बदलाव की ओर संकेत करता है।
विश्व कप के कारण अधूरी टीम, फिर भी सकारात्मक रुख
टीम के कई प्रमुख खिलाड़ी — जिनमें जूड बेलिंगहम और किलियन एम्बाप्पे शामिल हैं — फिलहाल विश्व कप में व्यस्त हैं, जिससे मोरिन्हो को शुरुआती हफ्तों में पूरे दस्ते के साथ काम करने का अवसर नहीं मिलेगा। हालांकि उन्होंने इसे कमज़ोरी नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखा।
उन्होंने कहा, "बेशक मैं चाहता हूं कि सभी खिलाड़ी यहां मौजूद हों, लेकिन फिलहाल मेरे पास उन खिलाड़ियों को करीब से जानने का मौका है, जिनके साथ मैं काम करूंगा।" गौरतलब है कि यह स्थिति असाधारण नहीं — बड़े क्लबों में विश्व कप वर्षों में प्री-सीजन हमेशा विभाजित दस्ते के साथ शुरू होता है।
पहले ट्रेनिंग सत्र का ब्यौरा
मेडिकल जांच के बाद टीम ने सियुदाद रियल मैड्रिड परिसर में पहला अभ्यास सत्र किया। ट्रेनिंग जिम से शुरू हुई, जिसके बाद मैदान पर फिजिकल और बॉल एक्सरसाइज़ हुईं। इसमें दबाव में गेंद नियंत्रण, छोटे गोलपोस्ट पर फिनिशिंग ड्रिल्स और छोटे मैदान पर अभ्यास मैच शामिल रहे।
मोरिन्हो ने इन शुरुआती सत्रों में रियल मैड्रिड कास्तिया (क्लब की बी टीम) के कई युवा खिलाड़ियों को भी शामिल किया, जो उनकी युवा प्रतिभाओं पर नज़र बनाए रखने की नीति को दर्शाता है।
13 साल बाद वापसी का संदर्भ
मोरिन्हो ने अपने पहले कार्यकाल (2010–2013) में रियल मैड्रिड को ला लीगा खिताब दिलाया था और क्लब के इतिहास में एक यादगार दौर लिखा था। उनकी यह वापसी ऐसे समय में हुई है जब रियल मैड्रिड नई तकनीकी पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ यूरोपीय फुटबॉल में अपना दबदबा बनाए रखना चाहता है।
आने वाले हफ्तों में विश्व कप से लौटने वाले सितारों के साथ मोरिन्हो की पहली पूर्ण ट्रेनिंग बेहद अहम होगी — तभी उनकी रणनीति और दस्ते की असली तस्वीर सामने आएगी।