क्या खिलाड़ी खेलो इंडिया बीच गेम्स में हिस्सा लेकर रोमांचित हैं? केंद्र सरकार का आभार?
सारांश
Key Takeaways
- खेलो इंडिया बीच गेम्स ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का प्लेटफॉर्म प्रदान किया।
- केंद्र सरकार का समर्थन खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण है।
- खिलाड़ियों ने अपने अनुभव को रोमांचक बताया।
- इस आयोजन ने खेलों के प्रति युवाओं का उत्साह बढ़ाया है।
- खेलो इंडिया का मंच युवा प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
दीव, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दीव के घोघला बीच पर खेलो इंडिया बीच गेम्स का भव्य आयोजन हो रहा है। इस कार्यक्रम में देशभर के खिलाड़ी भाग लेकर अपने-अपने राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दीव में पेंचक सिलाट और बीच वॉलीबॉल में भाग लेने वाले कुछ खिलाड़ियों ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में खेलो इंडिया के अनुभव को बेहद रोमांचक बताया और केंद्र सरकार का धन्यवाद किया।
पंजाब के आर्यन ने कहा, "मैंने पेंचक सिलाट में 55 से 50 किग्रा की श्रेणी में भाग लिया और स्वर्ण पदक जीता। खेलो इंडिया में भाग लेने का अनुभव शानदार रहा।"
आर्यन ने सुझाव दिया कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए कोच के मार्गदर्शन में कठोर परिश्रम करना चाहिए और किसी भी अनुचित तरीके का सहारा नहीं लेना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के आर्यवीर सिंह ने कहा, "मैंने पेंचक सिलाट में कांस्य पदक जीता है। अगले साल और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा। खेलो इंडिया हमारे लिए एक उत्कृष्ट प्लेटफॉर्म है। यह हमें आगे बढ़ने में सहायता करेगा। सरकार का समर्थन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।"
इशु भारती ने कहा कि चोट के कारण मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका। अगले साल बेहतर करने की कोशिश करूंगा। खेलो इंडिया के माध्यम से हमें अपने खेल में काफी सहायता मिल रही है। इसी मंच के माध्यम से मुझे उत्तराखंड पुलिस में नौकरी मिली है।
दिल्ली के कृष्णा ने कहा कि मैं पेंचक सिलाट में 60 किग्रा कैटेगरी में खेलता हूं। यह मेरा पहला मौका है बीच गेम्स में भाग लेने का। कांस्य पदक जीतकर मुझे खुशी हो रही है।
चंडीगढ़ के निखिल ने कहा, "मैंने 55 से 60 किग्रा में भाग लिया और कांस्य पदक जीता। स्वर्ण पदक के लिए और मेहनत करनी होगी। हम मैट पर खेले हैं, लेकिन इस बार बीच पर खेलने का अनुभव अद्भुत है।"
दादर नगर हवेली और दमन दीव का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रसन्ना बेंद्रे ने कहा, "मैंने गोल्ड मेडल जीता है। इसकी खुशी बहुत बड़ी है। मैं आगे भी पदक जीतने के लिए कोशिश करूंगा।"
ओडिशा के सोहिल गुरुंग ने कहा, "मैंने 55 से 60 किग्रा में भाग लिया और मुझे रजत पदक मिला। गोल्ड न जीतने का दुःख है। खेलो इंडिया बीच गेम में मेरा यह पहला अनुभव है।"
मणिपुर के याकिहुम रोहित मैतेयी ने कहा, "मैंने पेंचक सिलाट में भाग लिया और 52 से 55 किग्रा में रजत पदक जीता। खेलो इंडिया बीच गेम में भाग लेकर मुझे बहुत अच्छा लगा।"
वॉलीबॉल खिलाड़ी अमरदीप राणा ने कहा, "हम पहली बार बीच गेम्स में भाग ले रहे हैं। यहाँ आकर बहुत अच्छा लग रहा है। यहाँ की सुविधाएँ भी उत्कृष्ट हैं।"
मलिक कौसन ने कहा, "मैं पहली बार बीच गेम्स में शामिल हो रहा हूँ। बीच वॉलीबॉल खेलकर बहुत अच्छा लगा।"
चेन्नई के भरत ने कहा, "मैं तीसरी बार यहाँ आया हूँ। पहले मैंने गोल्ड और सिल्वर जीते हैं। इस बार भी अच्छी तैयारी के साथ आया हूँ और निश्चित रूप से पदक जीतूंगा।"
गुजरात की बीच वॉलीबॉल खिलाड़ी सोलंकी जान्हवी ने कहा, "बीच गेम थोड़ा मुश्किल होता है। इसमें शक्ति की अधिक आवश्यकता होती है। खेलो इंडिया के माध्यम से यहाँ उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है। रहने-खाने की उत्तम सुविधा है। हम अपने प्रदेश के लिए पदक जीतना चाहते हैं।"
गुजरात की दिव्या ने कहा, "मैंने पिछली बार दीव में वॉलीबॉल में पहला स्थान प्राप्त किया था। इस बार भी शुरुआत अच्छी रही है। हम अच्छी तैयारी के साथ आए हैं और इस बार भी जीतेंगे। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खेलो इंडिया के माध्यम से हमें अवसर और सुविधाएं देने के लिए धन्यवाद देना चाहती हूँ।"
आंध्र प्रदेश के कृष्णम राजु ने कहा, "मैं एक अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल और बीच वॉलीबॉल खिलाड़ी हूँ। हमें यहाँ टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए बुलाया गया है।"
उन्होंने कहा, "खेलो इंडिया युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान करता है और यह एक बेहद महत्वपूर्ण पहल है। खेलो इंडिया के माध्यम से सालभर खेलने का मौका मिलता है। यह निस्संदेह बहुत महत्वपूर्ण है। पहले की तुलना में खेलों में अवसर और सुविधाएं बढ़ी हैं।"
खेलो इंडिया बीच गेम्स का आयोजन 5 से 10 जनवरी तक होगा।