विराट कोहली का कैच छोड़ा, चेज में भारी पड़ा: KKR कोच अभिषेक नायर का बड़ा खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के हेड कोच अभिषेक नायर ने स्वीकार किया कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 14 मई को रायपुर में खेले गए मैच में विराट कोहली का कैच छूटना सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। कोहली की 60 गेंदों में नाबाद 105 रनों की शतकीय पारी की बदौलत RCB ने KKR को 6 विकेट से हराकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।
मैच का निर्णायक मोड़
जब कोहली महज 21 रन पर बल्लेबाज़ी कर रहे थे, KKR के बल्लेबाज़ रोवमैन पॉवेल ने उनका कैच टपका दिया। यह चूक टीम को बेहद महंगी पड़ी। नायर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'जब आप विराट कोहली का कैच ड्रॉप करते हैं, खासकर रनों का पीछा करने के दौरान, तो यह बहुत मुश्किल हो जाता है। बहुत सी चीज़ें हैं जो बेहतर हो सकती थीं। विराट का कैच बहुत मुश्किल था।' गौरतलब है कि कोहली पिछली दो पारियों में शून्य पर आउट हुए थे, लेकिन इस मैच में वे शुरुआत से ही लय में दिखे।
वरुण चक्रवर्ती की गैरमौजूदगी का असर
नायर ने मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की अनुपस्थिति को भी हार का एक अहम कारण बताया। उन्होंने कहा, 'हमने सुनील (नरेन) और वरुण की जोड़ी के साथ बहुत अच्छा किया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस सीज़न में हमने उन्हें बहुत मिस किया है — यह दूसरी बार है जब उन्हें फ्रैक्चर हुआ है। वरुण की जगह लेना मुश्किल है।' बीच के ओवरों में उनकी अनुपस्थिति से गेंदबाज़ी आक्रमण में एक बड़ा खालीपन स्पष्ट दिखा।
KKR की बल्लेबाज़ी: रोशनी में चमके रघुवंशी और रिंकू
KKR के बल्लेबाज़ों ने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया। अंगकृष रघुवंशी ने 46 गेंदों में 71 रन की दमदार पारी खेली, जबकि रिंकू सिंह ने 29 गेंदों में 49 रन जोड़े। RCB ने 193 रनों के लक्ष्य को 19.1 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल किया, जिसमें कोहली की पारी में 11 चौके और 3 छक्के शामिल रहे।
पिच और रणनीति पर कोच का नज़रिया
नायर ने पिच को लेकर कहा, 'पिच शुरू से आखिर तक अच्छी थी। बारिश के बाद पहले कुछ ओवरों में स्विंग और सीम की उम्मीद थी, जो हुई भी, लेकिन हमें लगा कि 180-200 के बीच का स्कोर पर्याप्त होगा।' उन्होंने माना कि अगर अतिरिक्त 10-15 रन होते, कैच लिए जाते या वरुण मैदान पर होते, तो नतीजा अलग हो सकता था।
आगे KKR की राह
यह हार KKR के लिए प्लेऑफ की दौड़ में दबाव बढ़ाती है। वरुण चक्रवर्ती के बिना बीच के ओवरों में गेंदबाज़ी संतुलन बनाना टीम की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। आने वाले मैचों में KKR को इस कमज़ोरी का समाधान खोजना होगा।