विराट कोहली का कैच छोड़ना पड़ा महंगा, अभिषेक नायर बोले — चेज में ऐसी गलती बर्दाश्त नहीं होती
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के हेड कोच अभिषेक नायर ने स्वीकार किया कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 14 मई को रायपुर में खेले गए मैच में विराट कोहली का कैच छूटना ही वह क्षण था जिसने मैच का रुख पलट दिया। कोहली की 60 गेंदों में नाबाद 105 रनों की विस्फोटक पारी के दम पर RCB ने 193 रनों के लक्ष्य को 19.1 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल किया और KKR को 6 विकेट से हराया।
मैच का टर्निंग पॉइंट
जब कोहली महज 21 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, KKR के बल्लेबाज रोवमैन पॉवेल ने उनका कैच टपका दिया। यह चूक टीम को बेहद महंगी पड़ी। नायर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'जब आप विराट कोहली का कैच ड्रॉप करते हैं, खासकर रनों का पीछा करने के दौरान, तो यह बहुत मुश्किल हो जाता है। बहुत सी चीजें हैं जो बेहतर हो सकती थीं। विराट का कैच बहुत मुश्किल था।'
कोहली पिछली दो पारियों में शून्य पर आउट हुए थे, लेकिन इस मैच में वे शुरुआत से ही आक्रामक मुद्रा में दिखे। उनकी पारी में 11 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। इस जीत के साथ RCB एक बार फिर अंक तालिका में शीर्ष पर पहुँच गई है।
वरुण चक्रवर्ती की गैरमौजूदगी का असर
नायर ने मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की अनुपस्थिति को भी हार का एक अहम कारण बताया। उन्होंने कहा, 'वरुण की बात करें तो हमने सुनील नरेन और वरुण की जोड़ी के साथ बहुत अच्छा किया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने इस सीजन में उन्हें बहुत मिस किया है — यह दूसरी बार है जब उन्हें फ्रैक्चर हुआ है। वरुण की जगह लेना मुश्किल है।' बीच के ओवरों में उनकी कमी साफ खलती दिखी और RCB के बल्लेबाज़ों ने इसी दौर में मैच अपने पक्ष में कर लिया।
KKR की बल्लेबाजी — रोशनी में कुछ उम्मीद
हालाँकि हार के बावजूद KKR के बल्लेबाजों ने संघर्ष किया। अंगकृष रघुवंशी ने 46 गेंदों में 71 रन की दमदार पारी खेली, जबकि रिंकू सिंह ने 29 गेंदों में 49 रन जोड़े। नायर ने कहा कि टीम को लगा था कि 180-200 रन का स्कोर पर्याप्त होगा, खासकर बारिश के बाद की पिच पर जहाँ शुरुआती ओवरों में स्विंग और सीम की उम्मीद थी।
कोच का आत्म-विश्लेषण
नायर ने खुलकर माना कि कई 'क्या होता अगर' इस मैच में निर्णायक रहे। उनके शब्दों में, 'आखिर में, क्रिकेट ऐसे ही चलता है। अगर हमारे पास और 10-15 रन होते, तो शायद गेम बदल जाता। अगर वे कैच लिए जाते, तो शायद गेम बदल जाता। वरुण चक्रवर्ती खेलते, तो शायद गेम बदल सकता था।' यह बयान KKR की उन तीन कमज़ोरियों को एक साथ उजागर करता है जो इस सीजन में बार-बार सामने आई हैं।
KKR के लिए आगे की राह आसान नहीं है — वरुण की वापसी की समयसीमा अनिश्चित है और अंक तालिका में दबाव बढ़ता जा रहा है।