क्या बांग्लादेश टी20 विश्व कप के लिए भारत नहीं आ रहा?
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेश ने टी20 विश्व कप 2026 से बाहर होने का निर्णय लिया है।
- सुरक्षा चिंताओं के कारण बांग्लादेश ने भारत में न खेलने का फैसला किया।
- बीसीसीआई अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
- बांग्लादेश ने आईसीसी से मैचों को श्रीलंका में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था।
- बांग्लादेश के क्रिकेट बोर्ड और बीसीसीआई के बीच तनाव बढ़ा है।
रायपुर, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। टी20 विश्व कप 2026 से बांग्लादेश ने अपने को बाहर कर लिया है। बांग्लादेश अब विश्व कप के मैच खेलने भारत नहीं आना चाहता। इसी कारण उसने विश्व कप से अपना नाम वापस ले लिया। इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने बचने की कोशिश की।
स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर में गुरुवार को मिथुन मन्हास से बांग्लादेश के टी20 विश्व कप से बाहर होने पर सवाल पूछा गया। उन्होंने इसका कोई स्पष्ट जवाब न देते हुए कहा कि मैं रायपुर में दूसरे टी20 मैच के लिए आया हूं। इतना कहने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए बात को टाल दिया।
इधर, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, सरकार और नेशनल टीम के कुछ खिलाड़ियों के बीच गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक आईसीसी की ओर से दिए गए अंतिम डेडलाइन के दिन हुई, जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि यदि बांग्लादेश टीम इस टूर्नामेंट में भाग नहीं लेती है तो किसी अन्य टीम को शामिल किया जा सकता है। बैठक के बाद बांग्लादेश सरकार के स्पोर्ट्स एडवाइजर आसिफ नजरुल ने स्पष्ट किया कि भारत में न खेलने का निर्णय सुरक्षा चिंताओं के कारण लिया गया है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नजरुल ने कहा कि बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने के लिए कड़ी मेहनत की है, लेकिन भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा जोखिम अब भी बरकरार है। उनके अनुसार, यह चिंता मौजूदा क्षेत्रीय और राजनीतिक हालात से जुड़ी हुई है।
नजरुल ने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशंसकों और पत्रकारों को जोखिम भरी स्थिति में डालने के बजाय न खेलने के नुकसान को तौलना महत्वपूर्ण है, और यह निर्णय पूरी तरह से सरकारी जिम्मेदारी के अंतर्गत लिया गया है।
तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से हटाने के बाद बीसीबी और बीसीसीआई के बीच तनाव बढ़ गया है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित हमलों को लेकर सोशल मीडिया पर उठे गुस्से के बाद यह कदम उठाया गया था। इसके अलावा, 2024 में बांग्लादेश में हुए बड़े विद्रोह और तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटाए जाने के बाद से दोनों देशों के राजनीतिक रिश्ते भी कमजोर हुए हैं।
बांग्लादेश ने विश्व कप के अपने मैच भारत में न खेलने और श्रीलंका में शिफ्ट करने का अनुरोध आईसीसी से किया था, जिसे आईसीसी ने अस्वीकार कर दिया।