क्या लालचंद राजपूत ने यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल की तारीफ की?
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मुंबई, 21 जून (राष्ट्र प्रेस)। इंग्लैंड दौरे के पहले दिन टीम इंडिया की बल्लेबाजी से पूर्व भारतीय क्रिकेटर और अनुभवी कोच लालचंद राजपूत ने काफी संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल की जमकर तारीफ की।
लालचंद राजपूत ने पहले दिन के खेल की सराहना करते हुए राष्ट्र प्रेस से कहा, "मैं बहुत खुश हूं। टॉस हारने के बावजूद नए खिलाड़ियों के साथ जिस तरह से हमने पहले दिन का समापन किया, वह बहुत ही बढ़िया था। यशस्वी जायसवाल और कप्तान शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी की।"
उन्होंने कहा, "केएल राहुल दुर्भाग्यवश 42 पर आउट हो गए, लेकिन उन्होंने अच्छा किया। ओपनिंग साझेदारी बेहद अहम होती है। किसी भी टीम को जब ओपनिंग साझेदारी अच्छी मिलती है, तो बड़ा स्कोर होता है। शुक्रवार को हमारे साथ भी यही हुआ। दोनों ओपनर ने अच्छी शुरुआत दी और बाद में गिल और पंत के बीच साझेदारी हुई। कप्तान के ऊपर जिम्मेदारी थी। पंत के ऊपर भी जिम्मेदारी थी। मुझे लगता है कि यह और भी लंबा खेलेंगे। हर एक टीम चाहती है कि लेफ्ट और राइट हैंड बैट्समैन का कॉम्बिनेशन हो, क्योंकि इससे गेंदबाजों को दिक्कत आती है।"
उन्होंने आगे कहा, "जिस तरह से जायसवाल पिछले एक साल से खेल रहे हैं, आपने देखा है कि उन्होंने अभी तक पांच शतक जड़े हैं। वह काफी पॉजिटिव खिलाड़ी हैं। स्पिनर्स को बहुत अच्छा खेलते हैं। आईपीएल के बाद टेस्ट खेलना और खुद को एडजस्ट करना मुश्किल है। दोनों खिलाड़ियों ने एडजस्ट किया। बाहर की बॉल छोड़ी। ये अच्छी बात है कि वह इंग्लैंड में टेस्ट खेलने के लिए मानसिक रूप से तैयार थे। मुझे लगता है कि यह लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन लंबा चलेगा, जो भारतीय टीम के लिए अच्छा होगा।"
लालचंद राजपूत ने कहा, "आपने देखा होगा पिच बहुत फ्लैट थी। कुछ घास भी नहीं था, लेकिन इंग्लैंड की गेंदबाजी भी पहले जैसी नहीं थी। क्रिस वोक्स और ब्रायडन कार्स को छोड़कर बाकी गेंदबाज साधारण थे। अगर आप इस बॉलिंग अटैक से पहले वाली इंग्लैंड के बॉलिंग अटैक से तुलना करेंगे, तो यह बहुत ही अलग है। इसका हमने पूरा फायदा उठाया है। उन्हें हावी नहीं होने दिया, जो बहुत बड़ी बात है। हमने देखा कि पहली बार बेन स्टोक्स ने अटैकिंग के बजाय सेफ फील्डिंग लगाई, जिससे पता चलता है कि हमारे बल्लेबाजों ने कितना डॉमिनेट किया है।"
लालचंद राजपूत ने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए कहा, "विराट कोहली-रोहित शर्मा बहुत दिग्गज खिलाड़ी हैं, उनकी जगह भरना बहुत मुश्किल है, लेकिन यह एक अच्छा मौका है, जिसे इन युवा खिलाड़ियों को लपकना चाहिए। यशस्वी जायवाल और गिल शतक जड़ चुके हैं। पंत, करुण नायर के पास इंग्लैंड में रन बनाने का शानदार मौका है। हर एक खिलाड़ी की इच्छा होती है कि वह लॉर्ड्स में जाकर खेले। यहां की मुश्किल पिच पर रन बनाने से आपका मनोबल ऊंचा उठता है।
भारत के इस पूर्व क्रिकेटर ने हेड कोच को सराहा है। उन्होंने आगे कहा, "गौतम गंभीर काफी जगह खेले हैं। वह 2007 और 2011 में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। वह इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया में खेले हैं। उनको काफी अनुभव है। मुझे लगता है कि वह अपने अनुभव को युवा खिलाड़ियों के साथ साझा करते होंगे। इसलिए जायसवाल समेत काफी युवा अच्छा खेल रहे हैं। गौतम गंभीर जहां भी गए, अच्छा किया है। उन्होंने केकेआर को बतौर कोच खिताब जिताया है। इससे पहले बतौर कप्तान भी ट्रॉफी जीतीं। उन्हें पता है कि मैच जीतने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है।"
टीम इंडिया ने लीड्स में जारी पहले टेस्ट के शुरुआती दिन तीन विकेट खोकर 359 रन बनाए। यशस्वी जायसवाल के अलावा शुभमन गिल भी अपना शतक जड़ चुके हैं।