लवलीना बोरगोहेन के नाम पर असम में बनेगी बॉक्सिंग अकादमी, कैबिनेट ने दी मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
असम सरकार के मंत्रिमंडल ने 9 अक्टूबर 2026 को एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट और ओलंपिक पदक विजेता बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन के नाम पर एक समर्पित बॉक्सिंग अकादमी स्थापित करने को हरी झंडी दे दी। सरकार ने अकादमी के लिए मात्र ₹1 के टोकन प्रीमियम पर जमीन आवंटित करने का निर्णय लिया है, जो राज्य में खेल अवसंरचना के प्रति एक असाधारण प्रतिबद्धता दर्शाता है।
अकादमी की रूपरेखा
नई अकादमी गुवाहाटी के निकट पलासबारी रेवेन्यू सर्कल क्षेत्र में 4 बीघा भूमि पर बनाई जाएगी। यह सुविधा प्रदेश के उभरते बॉक्सिंग खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं अत्याधुनिक उपकरण मुहैया कराने के उद्देश्य से तैयार की जाएगी। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस निर्णय की आधिकारिक घोषणा की।
सरमा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि कैबिनेट ने गुवाहाटी के पास लवलीना बॉक्सिंग अकादमी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस अकादमी से देश का नाम और ऊँचा करने वाले खिलाड़ी तैयार होंगे।
पृष्ठभूमि: लवलीना की ऐतिहासिक उपलब्धि
लवलीना बोरगोहेन ने 2 अक्टूबर 2026 को जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 75 किलोग्राम बॉक्सिंग कैटेगरी के फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से पराजित कर स्वर्ण पदक जीता। उल्लेखनीय यह है कि यह जीत उनके जन्मदिन पर आई, जिसने इसे और भी यादगार बना दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब लवलीना एशियन गेम्स 2023 (हांग्जो) में इसी वेट कैटेगरी में रजत पदक जीत चुकी हैं और टोक्यो ओलंपिक में भी उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था। इस स्वर्ण के साथ वह एम.सी. मैरी कॉम (2014) के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली केवल दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं।
सम्मान और पुरस्कार
असम लौटने पर गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बोरगोहेन का भव्य स्वागत हुआ। इस अवसर पर खेल और युवा कल्याण मंत्री बिस्वजीत दैमारी, असम भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष दिलीप सैकिया, परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित थे। सीनियर नेता प्रणति फुकन के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी हवाई अड्डे पर बॉक्सर का सम्मान किया।
6 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री सरमा ने लोक सेवा भवन में लवलीना को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर ₹50 लाख का चेक प्रदान किया। सरमा ने इस जीत को देश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।
आम जनता और युवा खिलाड़ियों पर असर
गौरतलब है कि असम पूर्वोत्तर भारत में बॉक्सिंग प्रतिभाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, लेकिन अब तक राज्य में कोई समर्पित अंतरराष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग अकादमी नहीं थी। लवलीना के नाम पर यह अकादमी न केवल असम बल्कि समूचे पूर्वोत्तर के युवा खिलाड़ियों को एक ठोस आधार देगी। यह पहल राज्य सरकार की खेल-केंद्रित नीति का हिस्सा है, जो हाल के वर्षों में और मजबूत हुई है।
आगे क्या
अकादमी निर्माण की समयसीमा और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। राज्य सरकार से अपेक्षा है कि शीघ्र ही बजट आवंटन और निर्माण प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। लवलीना बोरगोहेन की यह विरासत आने वाले दशकों तक असम में बॉक्सिंग के विकास की दिशा तय करेगी।