महिला क्रिकेट में बदलाव की कहानी: मिताली राज की नजर में बीसीसीआई का योगदान
सारांश
Key Takeaways
- महिला क्रिकेट में बदलाव: बीसीसीआई की भूमिका महत्वपूर्ण है।
- मिताली राज का योगदान: 23 साल के करियर में कई उपलब्धियां।
- जय शाह की प्रशंसा: महिला क्रिकेट की पहचान को बढ़ाने में योगदान।
- सफलता का गर्व: भारतीय क्रिकेट का दबदबा बढ़ा।
- प्रेरणा स्रोत: सचिन और राहुल से मिली प्रेरणा।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत की प्रसिद्ध बल्लेबाज मिताली राज ने हाल ही में आयोजित सालाना नमन अवॉर्ड समारोह में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की सराहना की है, जिसने महिला क्रिकेट में महत्वपूर्ण बदलाव लाने में मदद की।
मिताली ने 2022 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया था और उस समय वह महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं। उन्होंने अपने 23 साल के करियर में भारत के लिए 12 टेस्ट, 232 वनडे और 89 टी20 मैच खेले।
बीसीसीआई द्वारा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए वीडियो में मिताली ने कहा, "मेरे करियर में कई लोगों का योगदान रहा है, न सिर्फ मेरे माता-पिता का। मुझे अन्य कोच, खिलाड़ियों और कई मेंटर्स से भी महत्वपूर्ण समर्थन मिला है।"
मिताली ने महिला क्रिकेट में आए बदलावों के लिए बीसीसीआई की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "महिला क्रिकेट के स्तर में जो परिवर्तन आया है, वह अद्भुत है और इसके पीछे कई महत्वपूर्ण लोग हैं। बीसीसीआई ने इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। बीसीसीआई और जय शाह ने इसमें काफी समर्थन दिया है। पिछले चार से पांच वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, और यह सब एक व्यक्ति की वजह से संभव हुआ है।"
मिताली ने जय शाह की प्रशंसा करते हुए कहा, "उनकी दृष्टि और प्रतिबद्धता ने न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महिला क्रिकेट की पहचान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी मेहनत का परिणाम सबके सामने है।"
मिताली ने आगे कहा कि भारतीय क्रिकेट की हालिया सफलताएँ उनके लिए गर्व की बात हैं। पिछले दो-तीन वर्षों में, चाहे वह पुरुष हों, महिलाएं हों, या अंडर-19 के खिलाड़ी, सभी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। एक पूर्व क्रिकेटर के रूप में भारतीय क्रिकेट की प्रगति देखना मेरे लिए गर्व की बात है। मैंने हमेशा चाहा कि भारतीय क्रिकेट का दबदबा हो, और वह समय अब आ गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब वह सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ से मिलती थीं, तो उनसे प्रेरणा लेती थीं। उन्होंने कहा, "महिला क्रिकेट का भी अपना सफर रहा है, लेकिन हमने पुरुष क्रिकेटरों से काफी प्रेरणा ली है।"