मनीष नरवाल ने एशियन पैरा गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 में जीता सिल्वर, LA 2028 पैरालंपिक कोटा पक्का
सारांश
मुख्य बातें
दो बार के पैरालंपिक पदक विजेता पैरा शूटर मनीष नरवाल ने 20 अक्टूबर 2026 को नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच 1 स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने लॉस एंजिल्स पैरालंपिक्स 2028 के लिए भारत का कोटा भी सुनिश्चित कर लिया, जो इस प्रदर्शन को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
मुख्य घटनाक्रम
नरवाल ने फाइनल में 233.7 का स्कोर दर्ज करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। दक्षिण कोरिया के जियोंगडू जो ने 241.3 के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता। आठ खिलाड़ियों के फाइनल में एक अन्य भारतीय शूटर रुद्रांश खंडेलवाल 127.3 के स्कोर के साथ सातवें स्थान पर रहे।
क्वालिफिकेशन राउंड में खंडेलवाल 571-21x के स्कोर के साथ दूसरे और नरवाल 570-15x के स्कोर के साथ पाँचवें स्थान पर रहे थे, जिससे दोनों ने फाइनल में जगह बनाई। निहाल सिंह 560-9x के स्कोर के साथ क्वालिफिकेशन में 12वें स्थान पर रहे और फाइनल में प्रवेश से चूक गए।
नरवाल का शानदार पैरालंपिक सफर
नरवाल ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था। इससे पहले टोक्यो 2020 में उन्होंने मिक्स्ड SH1 50 मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर पैरालंपिक में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष शूटर बनने का ऐतिहासिक कारनामा किया था।
गौरतलब है कि पिस्टल इवेंट्स में SH1 स्पोर्ट्स क्लास उन एथलीटों के लिए होती है जिनके ऊपरी या निचले अंगों में कोई शारीरिक अक्षमता होती है। यह तीसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है जो नरवाल ने इस श्रेणी में जीता है।
महिला वर्ग में भारत की स्थिति
महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 क्वालिफिकेशन में सुमेधा पाठक (561-18x) पहले और सृष्टि अरोड़ा (560-8x) पाँचवें स्थान पर रहीं, जिससे दोनों ने फाइनल में जगह बना ली। हालाँकि, पेरिस पैरालंपिक 2024 की ब्रॉन्ज मेडल विजेता रुबीना फ्रांसिस 558-16x के स्कोर के साथ 10वें स्थान पर रहीं और फाइनल में प्रवेश से चूक गईं।
मोना और अवनि की ऐतिहासिक उपलब्धि
इससे एक दिन पहले, सोमवार को मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में 250.0 के स्कोर के साथ नया एशियाई पैरा गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए इन खेलों में भारत का पहला गोल्ड मेडल जीता था। दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि लेखरा 249.6 के स्कोर के साथ रजत पर रहीं, और भारत ने आइची-नागोया में पहली बार किसी स्पर्धा में शीर्ष दोनों स्थानों पर कब्जा किया।
भारत की समग्र तैयारी और पृष्ठभूमि
भारत हांगझोऊ 2023 एशियन पैरा गेम्स के अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ अभियान के बाद आइची-नागोया पहुँचा है। पिछले संस्करण में भारत ने रिकॉर्ड 111 मेडल जीते थे — जिनमें 29 गोल्ड, 31 सिल्वर और 51 ब्रॉन्ज शामिल थे — और टीम समग्र तालिका में पाँचवें स्थान पर रही थी। आइची-नागोया में भारतीय दल उसी या बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के साथ उतरा है, और शुरुआती नतीजे उस दिशा में आशाजनक संकेत दे रहे हैं।