मार्क बुचर की चेतावनी: सैम करन के लिए इंग्लैंड की पेस चौकड़ी न तोड़ें
सारांश
मुख्य बातें
इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर मार्क बुचर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऑलराउंडर सैम करन को टेस्ट एकादश में जगह देने के लिए ओली रॉबिन्सन, जोफ्रा आर्चर, जोश टोंग और गस एटकिंसन की मजबूत पेस चौकड़ी को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब टेस्ट कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के संन्यास के बाद इंग्लैंड क्रिकेट उनकी ऑलराउंड भूमिका की भरपाई के लिए उपयुक्त विकल्प तलाश रहा है।
बुचर की मुख्य दलील
विस्डन के अनुसार, बुचर ने कहा, 'आप जानते हैं, चौकड़ी के मामले में, उनके पास अलग-अलग तरह की पिच के लिए जरूरी सभी स्किल्स मौजूद हैं। इसलिए, आप सैम करन जैसे किसी खिलाड़ी को लाकर उस चौकड़ी को तोड़ना नहीं चाहेंगे, ताकि बल्लेबाजी मजबूत हो सके, क्योंकि ऐसा करने से आपकी गेंदबाजी कमजोर होगी और आप एक ऐसे स्पिनर को ले आएंगे जिसके आठ विकेट लेने या पुछल्ले बल्लेबाजों को जल्दी आउट करने की संभावना कम है।'
गौरतलब है कि लीड्स में पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट मुकाबलों की सीरीज के पहले मैच में इसी पेस चौकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को पारी और 103 रनों की बड़ी जीत दिलाई थी।
बुचर का वैकल्पिक सुझाव
बुचर ने चार सीमर्स को हमेशा 'प्लान ए' में रखने की वकालत की। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि चार सीमर्स को हमेशा प्लान ए में रखना चाहिए। मेरा मतलब है, इसी तरह हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। उन्हें शोएब बशीर के किसी दूसरे खिलाड़ी को देखना चाहिए — कोई ऐसा व्यक्ति जो सातवें या आठवें नंबर पर बल्लेबाजी कर सके और स्पिनर भी हो। लाइनअप में स्पेशलिस्ट स्पिनर को शामिल करने का एकमात्र तरीका यही है कि वह बल्लेबाजी भी कर सके और 11वें नंबर पर न खेले।'
इंग्लैंड के सामने उपलब्ध विकल्प
इंग्लैंड के नंबर-1 टेस्ट स्पिनर शोएब बशीर नंबर 7 के बल्लेबाज नहीं हैं और वे आमतौर पर तभी खेलते हैं जब टीम एक स्पिनर के साथ उतरती है। ऐसे में डैन लॉरेंस एक विकल्प के रूप में उभरते हैं, जो मिडिल-ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हैं और कभी-कभी ऑफ-स्पिन भी करते हैं।
विल जैक्स भी एक संभावित नाम हैं, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट मुकाबलों में लॉरेंस की वजह से उन्हें जगह नहीं मिल पाई। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के एक बयान के अनुसार, तीसरे टेस्ट तक जैक्स के पूरी तरह फिट होने की संभावना कम है — बोर्ड सितंबर में होने वाली श्रीलंका व्हाइट-बॉल सीरीज से पहले उनकी उपलब्धता का आकलन करेगा।
स्टोक्स के बाद इंग्लैंड की चुनौती
बेन स्टोक्स के संन्यास ने इंग्लैंड के टेस्ट ढाँचे में एक बड़ा शून्य छोड़ा है। स्टोक्स न केवल निचले क्रम में बल्लेबाजी को गहराई देते थे, बल्कि अहम मौकों पर तेज गेंदबाजी भी करते थे। बुचर की राय में, इस शून्य को एक बल्लेबाजी-सक्षम स्पिनर से भरना अधिक व्यावहारिक है, बजाय इसके कि मौजूदा पेस आक्रमण की संरचना को बदला जाए। इंग्लैंड की टीम चयन रणनीति पर आगे की सीरीज में नजर रहेगी।