मैट रेनशॉ ने 94 गेंदों में 109 रन ठोके, जिम्बाब्वे में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बने
सारांश
मुख्य बातें
मैट रेनशॉ ने 15 सितंबर 2026 को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे में 94 गेंदों पर 109 रन की धमाकेदार पारी खेलकर इतिहास रच दिया। बाएँ हाथ के इस बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे की धरती पर किसी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे बड़ी वनडे पारी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनकी इस शतकीय पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 294 रन का स्कोर खड़ा किया।
मुश्किल हालात में रेनशॉ का मोर्चा
जब रेनशॉ क्रीज पर उतरे, तब ऑस्ट्रेलिया का स्कोर महज 107 रन पर 4 विकेट था और टीम संकट में दिख रही थी। लेकिन रेनशॉ ने संयम और आक्रामकता का शानदार मेल दिखाया। उन्होंने पहले एलेक्स कैरी के साथ 72 रन की साझेदारी निभाई और फिर ओलिवर पीक के साथ 75 रन जोड़कर पारी को मज़बूत आधार दिया। इन दोनों अहम साझेदारियों ने ऑस्ट्रेलिया को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
रेनशॉ के ऐतिहासिक रिकॉर्ड
रेनशॉ ने अपना शतक केवल 86 गेंदों में पूरा कर दिया, जिससे वह जिम्बाब्वे-ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इस कारनामे के साथ उन्होंने महान विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2004 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 89 गेंदों पर शतक जड़ा था। रेनशॉ की पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे — यह पारी रणनीतिक भी थी और तेवरदार भी।
अन्य ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों का योगदान
कूपर कोनोली ने 46 गेंदों में 4 चौके और 3 छक्के की मदद से 51 रन की धुआँधार अर्धशतकीय पारी खेली। मिचेल मार्श ने 28 गेंदों में 36 रन जोड़े, जबकि ओलिवर पीक ने 30 रन का उपयोगी योगदान दिया। एलेक्स कैरी 27 रन बनाकर आउट हुए। दूसरी ओर, ट्रेविस हेड (4 रन), जोश इंग्लिस और जेवियर बार्टलेट बल्ले से कोई उल्लेखनीय योगदान नहीं दे सके।
जिम्बाब्वे की गेंदबाज़ी में न्याम्हुरी चमके
जिम्बाब्वे की ओर से न्यूमैन न्याम्हुरी ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 62 रन देकर 5 विकेट झटके और खुद एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। वह जिम्बाब्वे की तरफ से वनडे क्रिकेट में एक पारी में 5 विकेट लेने वाले सबसे युवा गेंदबाज बन गए, जिससे उन्होंने ल्यूक जोंगवे का रिकॉर्ड तोड़ा। ब्रैड इवांस ने 9 ओवर में 51 रन देकर 2 विकेट लिए।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह मैच अभी जारी है और जिम्बाब्वे को जीत के लिए 295 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करना है। न्याम्हुरी की फाइव-विकेट हॉल ने जिम्बाब्वे के लिए उम्मीद ज़रूर जगाई है, लेकिन रेनशॉ की पारी ने ऑस्ट्रेलिया को पहले मुकाबले में ड्राइविंग सीट पर बैठा दिया है।