मोनफिल्स का फ्रेंच ओपन में आखिरी मैच: गैस्टन ने 5 सेट में दी मात, 40-18 के करियर रिकॉर्ड के साथ विदाई
सारांश
मुख्य बातें
गेल मोनफिल्स का फ्रेंच ओपन 2025 में करियर का आखिरी सफर पहले ही दौर में खत्म हो गया, जब फ्रांस के युवा खिलाड़ी ह्यूगो गैस्टन ने पेरिस के प्रतिष्ठित कोर्ट फिलिप-चैटियर पर उन्हें 3 घंटे 22 मिनट के रोमांचक मुकाबले में हराया। 39 वर्षीय मोनफिल्स, जो एक समय विश्व के शीर्ष-10 खिलाड़ियों में शुमार थे, ने अपना रोलैंड गैरोस करियर 40-18 के प्रभावशाली रिकॉर्ड के साथ समाप्त किया।
मैच का घटनाक्रम
मोनफिल्स ने पहले दो सेट 6-2, 6-3 से जीतकर शानदार शुरुआत की और ऐसा लगा कि वे विदाई मैच को जीत के साथ यादगार बना देंगे। लेकिन गैस्टन ने अदम्य साहस दिखाते हुए अगले दो सेट 3-6, 2-6 से अपने नाम किए। निर्णायक पाँचवें सेट में 25 वर्षीय गैस्टन पूरी तरह हावी रहे और 6-0 से जीत दर्ज की, जिसमें मोनफिल्स केवल 8 पॉइंट ही जुटा सके।
मोनफिल्स की जुझारू वापसी
तीसरे और चौथे सेट के दौरान मोनफिल्स ने लगातार आठ गेम जीतकर कमाल की वापसी की। तीसरे सेट में 3-3 और 30-30 के स्कोर पर उनके एक शानदार ऐस ने स्टेडियम में मौजूद 15,000 दर्शकों में जबरदस्त जोश भर दिया। यह दृश्य 2024 की उस यादगार वापसी की याद दिलाता था, जब उन्होंने ह्यूगो डेलियन के खिलाफ दो सेट पीछे रहने के बावजूद मैच जीता था। पाँचवें सेट में उनके पास पहले सर्विस गेम में 1-1 बराबरी का मौका था, लेकिन वे थकान के कारण उसे भुना नहीं सके।
करियर की झलक
एटीपी विन/लॉस इंडेक्स के अनुसार, मोनफिल्स का रोलैंड गैरोस करियर रिकॉर्ड 40-18 रहा। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2008 में आया था, जब वे सेमीफाइनल तक पहुँचे और रोजर फेडरर से हारे। इसके अलावा वे टूर्नामेंट में तीन बार क्वार्टरफाइनल तक भी पहुँचे। रिचर्ड गैस्केट, सेबेस्टियन ग्रोसजीन, पॉल-हेनरी मैथ्यू और यानिक नोआ जैसे दिग्गजों की मौजूदगी में उनका यह सफर और भी भावनात्मक हो गया।
भावभीनी विदाई
मैच के बाद आयोजित एक विशेष ट्रिब्यूट वीडियो में राफेल नडाल, रोजर फेडरर, नोवाक जोकोविच, जैनिक सिनर, कार्लोस अल्काराज़ और स्टेन वावरिंका के संदेश शामिल थे। फ्रांस के उनके साथी गैस्केट, नोआ, गाइल्स साइमन, जो-विल्फ्रेड सोंगा और आर्थर फिल्स ने भी उन्हें सम्मान दिया। इसके बाद मोनफिल्स अपने 'मस्केटियर्स' साथियों के साथ एक बार फिर कोर्ट पर नजर आए।
गैस्टन की प्रतिक्रिया
विजेता ह्यूगो गैस्टन ने मीडिया से बात करते हुए मोनफिल्स की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोनफिल्स हमेशा दूसरों की मदद और सलाह देने के लिए तैयार रहते थे, और इस ऐतिहासिक मुकाबले का हिस्सा बनना उनके लिए एक यादगार अनुभव रहा। फ्रेंच टेनिस के इस युग के अंत के साथ, मोनफिल्स की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।