क्या यूपी वॉरियर्ज ने लड़कियों की शिक्षा के लिए मुंबई इंडियंस के खिलाफ दिया खास संदेश?
सारांश
Key Takeaways
- महिला प्रीमियर लीग 2026 में यूपी वॉरियर्ज का खास कदम।
- लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल।
- फ्री शिक्षा के महत्व को उजागर करना।
- एजुकेट गर्ल्स के साथ सहयोग।
- पारंपरिक स्कूलिंग से परे शिक्षा के अवसर।
मुंबई, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महिला प्रीमियर लीग 2026 में यूपी वॉरियर्ज ने लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष मैच समर्पित किया है। टीम का यह प्रयास मुफ्त शिक्षा के महत्व को उजागर करने के लिए किया गया है। शनिवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ होने वाला मैच इस विश्वास पर आधारित है कि हर लड़की मैदान पर और जीवन में अपने पल की हकदार है।
यह पहल 'एजुकेट गर्ल्स' के साथ साझेदारी पर केंद्रित है, जो पिछड़े समुदायों में लड़कियों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए कार्यरत है। इसके तहत ओपन स्कूलिंग के माध्यम से लड़कियां 10वीं और 12वीं कक्षा पूरी कर सकती हैं, जिससे उन्हें पारंपरिक स्कूलिंग की बाधाओं से बाहर शिक्षा का अवसर और आत्मविश्वास मिलता है। इस मॉडल के माध्यम से एथलीट, केयरगिवर और पहली पीढ़ी के लर्नर्स जैसी कई लड़कियों को पढ़ाई करने का एक और मौका मिलता है।
'एजुकेट गर्ल्स' 12 राज्यों में कार्यरत है और 10 वर्षों में 10 मिलियन लर्नर्स तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है। यूपी वॉरियर्ज महिला प्रीमियर लीग की पहुंच और स्टेडियम के अनुभव का उपयोग करते हुए इस महत्वपूर्ण चर्चा को मुख्यधारा में लाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
मैच से पहले, टीम विशेष लिमिटेड-एडिशन जर्सी पहनकर मैदान पर उतरती है, जिसे आर्टिस्ट हारुन रॉब के साथ मिलकर तैयार किया गया है। जर्सी में एजुकेट गर्ल्स से जुड़ी लड़कियों के हाथों लिखे पत्रों के अंश शामिल हैं, जो सपनों और महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक हैं।
'एजुकेट गर्ल्स' की फाउंडर सफीना हुसैन ने कहा, "महिला प्रीमियर लीग जैसे मंच पर लड़कियों के सपनों को देखने का अनुभव उन्हें यह संदेश देता है कि उनकी आवाज और आशाएं मायने रखती हैं। इस साझेदारी से शिक्षा को एक बार की घटना नहीं, बल्कि जीवनभर का वादा बनाया जा सकता है।"
इस विशेष मैच के माध्यम से यूपी वॉरियर्ज ने खेल को सकारात्मक बदलाव के एक साधन के रूप में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और यह दिखाया है कि महिला क्रिकेट का प्रभाव सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में भी इसका योगदान है।