क्या चुनाव आयोग ने गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस को मान्यता दी है?

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क्या चुनाव आयोग ने गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस को मान्यता दी है?

सारांश

काठमांडू में चुनाव आयोग ने गगन थापा की समिति को मान्यता दी, जबकि देउबा गुट ने विरोध की चेतावनी दी। यह घटनाक्रम नेपाली राजनीति में एक नई ध्रुवीकरण की ओर इशारा कर रहा है। जानिये इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभाव।

Key Takeaways

  • चुनाव आयोग ने गगन थापा की समिति को मान्यता दी।
  • देउबा गुट ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।
  • नेपाली राजनीति में ध्रुवीकरण की संभावना बढ़ी।
  • विशेष आम अधिवेशन की वैधता पर आयोग ने निर्णय लिया।
  • आयोग ने देउबा गुट को नई पार्टी बनाने की अनुमति दी।

काठमांडू, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नेपाली कांग्रेस के औपचारिक रूप से बंटने के दो दिन बाद, चुनाव आयोग ने विशेष आम अधिवेशन के माध्यम से चुनी गई समिति को आधिकारिक पार्टी के रूप में मान्यता दे दी। इस निर्णय पर जहाँ गगन थापा गुट ने खुशी व्यक्त की, वहीं देउबा गुट ने राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।

'द काठमांडू पोस्ट' के अनुसार, कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी की अध्यक्षता में आयोग की बैठक में, नए चुने गए गगन थापा के नेतृत्व वाली समिति के दावे को मान्यता देने का फैसला लिया गया। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह निर्णय बहुमत से लिया गया, क्योंकि एक आयुक्त ने विशेष अधिवेशन के जरिए चुनी गई टीम को वैधता देने का विरोध किया था।

पार्टी की जानकारी को अपडेट करने के लिए आयोग ने तीन मुख्य आधारों पर ध्यान केंद्रित किया।

पहला, नेपाली कांग्रेस का संविधान 40 प्रतिशत आम अधिवेशन प्रतिनिधियों को विशेष आम अधिवेशन बुलाने की अनुमति देता है, और आयोग ने पाया कि ऐसा अधिवेशन अनिवार्य रूप से आयोजित किया गया था। आयोग ने निष्कर्ष निकाला कि जब केंद्रीय कार्य समिति पार्टी संविधान के अनिवार्य प्रावधान का पालन करने में आनाकानी कर रही थी, तो महासचिव थापा और विश्व प्रकाश शर्मा के लिए विशेष अधिवेशन बुलाना वैध था।

दूसरा, संविधान स्पष्ट रूप से आम अधिवेशन प्रतिनिधियों को पार्टी का सर्वोच्च अधिकार मानता है, जिससे उनके फैसले बाध्यकारी हो जाते हैं।

तीसरा, आयोग ने पाया कि विशेष आम अधिवेशन की मांग पर कोई दर्ज असहमति नहीं थी, जिससे यह पुष्टि होती है कि इसे संविधान के अनुसार बुलाया गया था।

कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार, आयोग देउबा गुट को एक नई पार्टी रजिस्टर करने की अनुमति देगा यदि वे नए चुने गए नेतृत्व के तहत नहीं आना चाहते हैं। आयोग के इस निर्णय से आम तौर पर राष्ट्रीय राजनीति और विशेष रूप से कांग्रेस में और ध्रुवीकरण होने की उम्मीद है।

अगर शेर बहादुर देउबा गुट इस निर्णय का विरोध करता है और कानूनी रास्ते अपनाता है, तो इससे मार्च के चुनाव भी बाधित हो सकते हैं। इस गुट ने शनिवार सुबह सनेपा, ललितपुर में पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय कार्य समिति की बैठक बुलाई है।

इस बीच, थापा ने शुक्रवार शाम को एक बयान जारी कर चुनाव आयोग के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने सभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की और कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी लेंगे।

उन्होंने आयोग के निर्णय के तुरंत बाद एक बयान में कहा, “विशेष आम अधिवेशन कोई विवाद का मामला नहीं था। चुनाव आयोग ने संविधान, मौजूदा कानूनों और पार्टी के संविधान के अनुसार अपना निर्णय लिया है। हम इसके लिए आभारी हैं।”

थापा ने देउबा के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया और पार्टी के सभी वर्गों से समर्थन और सहयोग मांगा। दूसरी ओर, देउबा गुट ने कमीशन के निर्णय पर निराशा जताई है और शुक्रवार को पहले ही ऐलान कर दिया था कि अगर थापा के नेतृत्व वाले गुट को मान्यता मिलती है तो वे पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करेंगे।

Point of View

यह कहना उचित होगा कि चुनाव आयोग का यह निर्णय नेपाली कांग्रेस को एक नई दिशा देने का प्रयास है। राजनीतिक ध्रुवीकरण की यह स्थिति भविष्य में और चुनौतियों का सामना कर सकती है। हमें सभी पक्षों के विचारों को समझना होगा और राजनीति में स्थिरता के लिए एकजुट होकर काम करना होगा।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

चुनाव आयोग ने किसको मान्यता दी है?
चुनाव आयोग ने गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस की नई समिति को मान्यता दी है।
देउबा गुट का क्या रुख है?
देउबा गुट ने आयोग के निर्णय पर नाराजगी व्यक्त की है और विरोध प्रदर्शन की धमकी दी है।
क्या यह निर्णय नेपाली राजनीति में बदलाव लाएगा?
हां, यह निर्णय नेपाली राजनीति में ध्रुवीकरण को बढ़ा सकता है।
विशेष आम अधिवेशन का क्या महत्व है?
विशेष आम अधिवेशन पार्टी के संविधान के अनुसार महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रिया है।
क्या देउबा गुट एक नई पार्टी बनाने की योजना बना रहा है?
हां, आयोग ने देउबा गुट को एक नई पार्टी रजिस्टर करने की अनुमति देने की बात कही है।
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