नाहिद राणा की साइड स्ट्रेन चोट दुर्भाग्यपूर्ण, ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज से बाहर: हबीबुल बशर
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश क्रिकेट के मुख्य चयनकर्ता हबीबुल बशर ने 27 जुलाई को स्वीकार किया कि तेज गेंदबाज नाहिद राणा का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर होना 'दुर्भाग्यपूर्ण' है। बशर के अनुसार, टीम प्रबंधन ने राणा के वर्कलोड की निगरानी में पूरी सतर्कता बरती थी, फिर भी उन्हें साइड स्ट्रेन की चोट हो गई, जिसने उनका दौरा बीच में ही समाप्त कर दिया।
चोट की पृष्ठभूमि और वर्कलोड प्रबंधन
बशर ने बताया कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) अपने तेज गेंदबाजों के वर्कलोड की निगरानी आधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम से करता है। इसी डेटा के आधार पर तय किया जाता है कि कोई गेंदबाज किस सीरीज में और कितने मैच खेलेगा। जून में ढाका में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज के दौरान भी राणा को सभी मुकाबलों में नहीं खिलाया गया था, ताकि वह ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए पूरी तरह फिट रह सकें।
इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ एकमात्र टेस्ट से भी उन्हें आराम दिया गया। हालाँकि, वनडे विश्व कप की तैयारियों को देखते हुए उन्हें बाद की वनडे सीरीज में खिलाना ज़रूरी समझा गया। बशर ने स्पष्ट किया कि किसी भी तेज गेंदबाज को लंबे समय तक मैचों से पूरी तरह दूर नहीं रखा जा सकता, क्योंकि मैच फिटनेस बनाए रखने के लिए नियमित गेंदबाजी आवश्यक होती है।
नाहिद राणा का शानदार फॉर्म और चोट का क्षण
23 वर्षीय नाहिद राणा इस साल अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में थे। उन्होंने सभी प्रारूपों में 44 विकेट हासिल किए, जिनमें चार बार पाँच विकेट लेने का कारनामा शामिल है। जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में उन्होंने 21 रन देकर 6 विकेट लिए — जो बांग्लादेश के किसी तेज गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ वनडे प्रदर्शन है।
दूसरे टी20 मुकाबले के दौरान उन्हें साइड स्ट्रेन हो गई और उनका दौरा अधूरा रह गया। उनकी तेज गति और अतिरिक्त उछाल उन्हें बांग्लादेश के अन्य तेज गेंदबाजों से अलग पहचान देती है। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश एक चुनौतीपूर्ण ऑस्ट्रेलिया दौरे की तैयारी कर रहा था।
बाहरी दबाव के आरोपों से इनकार
बशर ने इस बात से स्पष्ट रूप से इनकार किया कि जिम्बाब्वे के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज में राणा को खिलाने के लिए कोई बाहरी दबाव था। उन्होंने यह भी कहा कि जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट में हार का कारण गेंदबाजी नहीं, बल्कि बेहद खराब बल्लेबाजी थी।
ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए नई गेंदबाजी जिम्मेदारी
राणा की अनुपस्थिति में अब तस्कीन अहमद, हसन महमूद, खालिद अहमद और एबादोट हुसैन पर तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी होगी। बशर ने भरोसा जताया कि यदि तस्कीन पूरी तरह फिट रहते हैं, तो वह टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।
गौरतलब है कि चयन समिति ने टेस्ट टीम में सौम्य सरकार की भी वापसी कराई है, जिन्होंने आखिरी टेस्ट 2021 में खेला था। बशर के अनुसार, घरेलू क्रिकेट में फिलहाल कोई ऐसा नया ओपनर तैयार नहीं है जिसे सीधे ऑस्ट्रेलिया जैसे चुनौतीपूर्ण माहौल में भेजा जा सके। सौम्य के पास तेज गेंदबाजी खेलने का अनुभव है, इसीलिए चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया। आने वाले हफ्तों में यह देखना होगा कि राणा की कमी को नई गेंदबाजी इकाई किस हद तक पूरा कर पाती है।