तुमकुर में नेशनल अंडर-20 एथलेटिक्स: 1,059 एथलीट्स करेंगे मुकाबला, एशियन चैंपियनशिप की राह भी तय होगी
सारांश
Key Takeaways
- तुमकुर (कर्नाटक) के महात्मा गांधी स्टेडियम में 23 अप्रैल 2025 से तीन दिवसीय नेशनल जूनियर (अंडर-20) एथलेटिक्स प्रतियोगिता शुरू हुई।
- कुल 1,059 एथलीट्स भाग ले रहे हैं, जिनमें 709 पुरुष ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ी शामिल हैं।
- यह प्रतियोगिता हांगकांग एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए आधिकारिक क्वालीफाइंग इवेंट है।
- झारखंड के स्प्रिंटर पार्थ सिंह और ओडिशा के प्रतीक महाराणा 100 मीटर में आमने-सामने होंगे।
- ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय धावक बापी हांसदा चोट से उबरकर 400 मीटर में वापसी कर रहे हैं।
- केरल के मोहम्मद अशफाक 400 मीटर में एशियन टीम में जगह बनाने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।
तुमकुर (कर्नाटक), 23 अप्रैल। कर्नाटक के तुमकुर स्थित महात्मा गांधी स्टेडियम में शुक्रवार से तीन दिवसीय नेशनल जूनियर (अंडर-20) एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आगाज हो गया। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में देशभर से कुल 1,059 एथलीट्स शिरकत कर रहे हैं, जिनमें 709 पुरुष ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ी शामिल हैं। यह आयोजन न केवल जूनियर एथलीट्स के लिए राष्ट्रीय पहचान का मंच है, बल्कि अगले महीने हांगकांग में आयोजित होने वाली एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम चयन का अवसर भी है।
एशियन चैंपियनशिप की राह तुमकुर से होकर गुजरती है
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने हांगकांग में होने वाली एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स मीट के लिए क्वालिफिकेशन मानक पहले ही जारी कर दिए हैं। तुमकुर में आयोजित यह प्रतियोगिता आधिकारिक रूप से क्वालीफाइंग इवेंट के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसका अर्थ यह है कि यहां जो एथलीट निर्धारित मानक पूरा करेंगे, उन्हें भारतीय जर्सी पहनकर एशियाई मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
भारत में जूनियर एथलेटिक्स का यह स्तर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से उन्नत हुआ है। AFI की नीति रही है कि राष्ट्रीय जूनियर प्रतियोगिताओं को अंतरराष्ट्रीय चयन प्रक्रिया से जोड़ा जाए, जिससे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों को सीधा और पारदर्शी रास्ता मिले।
स्टार एथलीट्स की नजर पदक और राष्ट्रीय टीम पर
झारखंड के होनहार स्प्रिंटर पार्थ सिंह उद्घाटन दिवस पर पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में अपनी श्रेष्ठता साबित करने उतरेंगे। 2025 सीजन में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में ओडिशा के प्रतीक महाराणा का नाम सबसे आगे है। 100 मीटर स्पर्धा में कुल 79 एथलीट्स मैदान में हैं, जो इसे अत्यंत प्रतिस्पर्धी बनाता है।
ओडिशा के अनुभवी अंतरराष्ट्रीय 400 मीटर धावक बापी हांसदा के लिए यह प्रतियोगिता विशेष महत्व रखती है। वे 2025 में उत्तराखंड में आयोजित नेशनल गेम्स के दौरान लगी चोट के बाद लंबे अंतराल से वापसी कर रहे हैं। उनकी वापसी जूनियर एथलेटिक्स जगत में चर्चा का विषय है।
केरल के उभरते क्वार्टर-माइलर मोहम्मद अशफाक ने भी अपनी प्रविष्टि की पुष्टि की है। अशफाक का लक्ष्य हांगकांग एशियन अंडर-20 मीट के लिए राष्ट्रीय दल में जगह बनाना है।
पहले दिन के प्रमुख मुकाबले और प्रतिभागी संख्या
उद्घाटन दिवस का पहला मेडल इवेंट पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 5,000 मीटर ट्रैक रेस होगी। पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में 93 प्रतिभागी शीर्ष तीन स्थानों के लिए भिड़ेंगे, जबकि 400 मीटर में 89 पुरुष एथलीट्स अपनी काबिलियत दिखाएंगे।
महिलाओं की 100 मीटर दौड़ में 37 एंट्रीज आई हैं और पहले ही दिन सबसे तेज महिला धावक का फैसला हो जाएगा। इसके अलावा महिलाओं की पोल वॉल्ट और डिस्कस थ्रो स्पर्धाओं में भी पदक वितरण होगा।
भारतीय जूनियर एथलेटिक्स का बदलता परिदृश्य
गौरतलब है कि भारत में जूनियर एथलेटिक्स पिछले एक दशक में तेजी से परिपक्व हुई है। AFI ने राज्य स्तरीय अकादमियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से जोड़कर एक मजबूत पाइपलाइन तैयार की है। ओडिशा, झारखंड, केरल और कर्नाटक जैसे राज्य अब जूनियर एथलेटिक्स में बड़े नाम उभार रहे हैं — यह प्रतियोगिता उसी प्रयास का जीवंत उदाहरण है।
तुमकुर में तीन दिनों तक चलने वाली यह प्रतियोगिता रविवार को समापन समारोह के साथ खत्म होगी। इसके बाद हांगकांग एशियन अंडर-20 चैंपियनशिप के लिए भारतीय दल की घोषणा की जाएगी — जो देश के सर्वश्रेष्ठ जूनियर एथलीट्स के लिए अगली बड़ी परीक्षा होगी।