ऐतिहासिक! प्राची गायकवाड़ ने आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में जीता गोल्ड, भारत मेडल टैली में नंबर-1
सारांश
Key Takeaways
- प्राची गायकवाड़ ने काहिरा में 50 मीटर राइफल 3पी इवेंट में 354.6 के स्कोर से गोल्ड मेडल जीता।
- फाइनल में प्राची ने एआईएन की डारिया चुप्रीस को मात्र 0.2 अंक के अंतर से पराजित किया।
- नारायण प्रणव ने जूनियर पुरुष 10 मीटर एयर राइफल में 229.5 के स्कोर से ब्रॉन्ज मेडल जीता।
- शिवा नरवाल के बाद यह भारत का दूसरा गोल्ड है; 21 अप्रैल को नरवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण जीता था।
- भारत 2 गोल्ड, 4 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज के साथ मेडल टैली में पहले स्थान पर है।
- वंशिका चौधरी, सेजल कांबले और कनक ने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में टॉप-3 क्वालिफाइंग स्थान हासिल किए हैं।
काहिरा (मिस्र), 23 अप्रैल। भारतीय निशानेबाज प्राची गायकवाड़ ने गुरुवार, 24 अप्रैल को मिस्र की राजधानी काहिरा में आयोजित इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) जूनियर वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल/शॉटगन प्रतियोगिता में जूनियर महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन (3पी) स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने फाइनल में 354.6 का शानदार स्कोर दर्ज करते हुए व्यक्तिगत तटस्थ एथलीट (एआईएन) डारिया चुप्रीस को मात्र 0.2 अंक के अंतर से पराजित किया, जिनका स्कोर 354.4 रहा। इस जीत के साथ भारत 2 गोल्ड, 4 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज सहित कुल 9 पदकों के साथ मेडल टैली में पहले स्थान पर काबिज है।
प्राची का संघर्षपूर्ण और रोमांचक फाइनल
प्राची गायकवाड़ ओलंपिक इंटरनेशनल सिटी शूटिंग रेंज में जूनियर महिलाओं के 3पी फाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाली एकमात्र भारतीय निशानेबाज थीं। क्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने 578 के स्कोर के साथ छठा स्थान हासिल किया था।
फाइनल की शुरुआत नीलिंग पोजीशन के पहले 10 शॉट के बाद प्राची पांचवें स्थान पर थीं। इसके बाद प्रोन राउंड में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया और उस समय अग्रणी डारिया चुप्रीस से केवल 0.6 अंक पीछे थीं।
स्टैंडिंग पोजीशन के पहले पांच शॉट में 50+ का रिटर्न देते हुए प्राची पहली बार मुकाबले में आगे निकलीं। हालांकि डारिया ने अगले पांच शॉट में 51.0 का स्कोर दर्ज कर वापसी की, जबकि प्राची चार बार 10-रिंग से चूक गईं और कुछ समय के लिए तीसरे स्थान पर खिसक गईं।
लेकिन इस अस्थायी झटके ने भारतीय खिलाड़ी का मनोबल नहीं तोड़ा। सबसे निर्णायक क्षण में प्राची ने 10-रिंग में चार बार सटीक निशाना साधा, जिसमें दो हाई-10 भी शामिल थे और अंततः 0.2 अंक के रोमांचक अंतर से स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
नारायण प्रणव ने भी दिलाया कांस्य पदक
नारायण प्रणव ने जूनियर पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में 229.5 के फाइनल स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। क्वालिफिकेशन में नारायण ने 630.9 का स्कोर दर्ज करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया था।
इसी इवेंट में अभिनव शॉ ने 630.0 के साथ चौथा और दिव्यांशु देवांगन ने 626.8 के साथ सातवां क्वालिफाइंग स्थान हासिल किया। फाइनल में दिव्यांशु 12 शॉट के बाद 122.4 के स्कोर के साथ आठवें स्थान पर रहकर बाहर हुए।
फाइनल के अंतिम चरण में नारायण ने 10.7 और फिर 10.9 का परफेक्ट स्कोर किया। उज्बेकिस्तान के जावोहिर सोखिबोव ने 251.2 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि साइप्रस के अकिलियास सोफोक्लियस को सिल्वर मिला। 22वें शॉट के बाद नारायण ग्रीक खिलाड़ी से 0.4 अंक पीछे रहे और ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा।
शिवा नरवाल के बाद भारत का दूसरा स्वर्ण
प्रतियोगिता के पहले दिन मंगलवार, 21 अप्रैल को शिवा नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में भारत को पहला गोल्ड दिलाया था। प्राची का यह स्वर्ण पदक इस टूर्नामेंट में भारत का दूसरा गोल्ड है।
अब तक के प्रदर्शन के आधार पर भारत 2 गोल्ड, 4 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज के साथ मेडल टैली में शीर्ष पर है — जो भारतीय जूनियर निशानेबाजी की बढ़ती ताकत का प्रमाण है।
महिला पिस्टल में भी भारत का दबदबा
वंशिका चौधरी, सेजल कांबले और कनक ने जूनियर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट के फाइनल में जगह बनाई है। इन तीनों ने क्रमशः 579, 577 और 576 के स्कोर के साथ लीडरबोर्ड की टॉप-3 पोजीशन पर कब्जा जमाया है, जिससे इस इवेंट में भी भारत के पदक की उम्मीद प्रबल है।
यह प्रदर्शन केवल एक टूर्नामेंट की सफलता नहीं है — यह भारतीय निशानेबाजी के उस मजबूत पाइपलाइन को दर्शाता है जो 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक और उससे आगे के लिए तैयार हो रही है। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) की प्रशिक्षण नीतियों का यह फल अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्पष्ट दिख रहा है।