निहाल सरीन ने ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप 2026 के शतरंज इवेंट के लिए क्वालीफाई किया, भारत के दूसरे खिलाड़ी बने
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ग्रैंडमास्टर निहाल सरीन ने चैंपियंस चेस टूर (CCT) 2025-26 लीडरबोर्ड में 139 अंक अर्जित कर ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप (EWC) 2026 के शतरंज मुख्य इवेंट के लिए क्वालीफिकेशन सुनिश्चित कर ली है। S8UL ई-स्पोर्ट्स का प्रतिनिधित्व कर रहे निहाल, अरविंद चिदंबरम के बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
क्वालीफिकेशन का रास्ता
CCT 2025-26 सीज़न में दो प्रमुख इवेंट आयोजित हुए — स्पीड चेस चैंपियनशिप (SCC) 2025 और Chess.com ओपन (CCO) 2026। इन दोनों टूर्नामेंट में टॉप-3 खिलाड़ियों को EWC 2026 में सीधा प्रवेश मिला। SCC में पाँचवें से नौवें स्थान के बीच रहे खिलाड़ियों और CCO के शेष प्रतिभागियों ने प्रदर्शन के आधार पर CCT लीडरबोर्ड अंक अर्जित किए। इसके अतिरिक्त, टाइटल्स ट्यूसडे ग्रैंड प्रिक्स (TTGP) सर्किट के ज़रिए भी अंक हासिल करने का अवसर था।
टाइटल्स ट्यूसडे सर्किट की भूमिका
TTGP सर्किट को शरद, शीत और वसंत — तीन हिस्सों में विभाजित किया गया था, जिनमें से प्रत्येक में 13 टाइटल्स ट्यूसडे टूर्नामेंट शामिल थे। खिलाड़ियों ने पूरे सीज़न के दौरान हर इवेंट में लीडरबोर्ड अंक जोड़े। सीज़न की समाप्ति पर अंतिम CCT लीडरबोर्ड रैंकिंग में शीर्ष-9 खिलाड़ियों — जो पहले से क्वालीफाई नहीं हुए थे — ने EWC 2026 में अपनी जगह पक्की की।
निहाल का अंक-संग्रह
CCO 2026 में चौथे स्थान पर रहने के कारण निहाल सीधे क्वालीफिकेशन से चूक गए, लेकिन उन्होंने इस इवेंट से 100 महत्वपूर्ण लीडरबोर्ड अंक हासिल किए। TTGP सर्किट में निरंतर प्रदर्शन के ज़रिए उन्होंने 'शरद' में 1 अंक और 'शीत' में 4 अंक जोड़े। 'वसंत' में शानदार दूसरा स्थान हासिल करने से उन्हें 34 अंक और मिले, और कुल 139 अंकों के साथ उन्होंने EWC 2026 में अपनी सीट सुनिश्चित की।
पिछले साल का प्रदर्शन और आगे की राह
गौरतलब है कि EWC 2025 में निहाल ने लास्ट चांस क्वालीफायर (LCQ) के ज़रिए प्रवेश पाया था और क्वार्टरफाइनल तक का सफर तय किया था, जहाँ उन्हें अंततः चैंपियन बने मैग्नस कार्लसन के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इस बार लीडरबोर्ड के ज़रिए सीधा क्वालीफिकेशन उनके बढ़ते कद और निरंतरता का प्रमाण है। EWC 2026 में निहाल और अरविंद चिदंबरम की जोड़ी भारत की शतरंज उपस्थिति को और मज़बूत करेगी।