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प्रीति डिमरी: मां के सपने से शुरू हुआ सफर, इंग्लैंड में टेस्ट डेब्यू पर 5 विकेट की दमदार छाप

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प्रीति डिमरी: मां के सपने से शुरू हुआ सफर, इंग्लैंड में टेस्ट डेब्यू पर 5 विकेट की दमदार छाप

सारांश

5 साल की उम्र में क्रिकेट अकादमी, 12 साल में यूपी सीनियर टीम, और 2006 में इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट डेब्यू पर 5 विकेट — प्रीति डिमरी का सफर माँ के एक सपने से शुरू हुआ था और भारतीय महिला क्रिकेट की एक प्रेरणादायक कहानी बन गया।

मुख्य बातें

प्रीति डिमरी का जन्म 18 अक्टूबर 1986 को आगरा, उत्तर प्रदेश में हुआ; माँ के प्रोत्साहन पर 5 वर्ष की आयु में क्रिकेट शुरू किया।
मात्र 12 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश की सीनियर टीम के लिए खेला और केरल के खिलाफ 5 विकेट लिए।
2006 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू में 5 विकेट चटकाए; उसी साल आयरलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू।
अंतरराष्ट्रीय करियर में 2 टेस्ट (5 विकेट), 23 वनडे (28 विकेट), और 1 टी20 (1 विकेट) शामिल।
सर्वश्रेष्ठ वनडे प्रदर्शन: 14 रन देकर 3 विकेट ।
2007 में टीम से बाहर; 2010 में सफल वापसी की।

भारत की पूर्व महिला क्रिकेटर प्रीति डिमरी का अंतरराष्ट्रीय करियर उपलब्धियों और संघर्ष दोनों से भरा रहा। 18 अक्टूबर 1986 को उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्मी प्रीति महज 5 साल की उम्र में क्रिकेट अकादमी पहुँच गई थीं — अपनी माँ के उस सपने की बदौलत जो उन्होंने अपनी बेटी को एक दिन भारत के लिए खेलते देखने का देखा था। 2006 में इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट डेब्यू में 5 विकेट चटकाकर उन्होंने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा, हालांकि करियर के दौरान वह टीम से बार-बार अंदर-बाहर होती रहीं।

बचपन से क्रिकेट तक का सफर

प्रीति की माँ को खेलों से गहरा लगाव था और उन्होंने अपनी बेटी को केवल 5 वर्ष की आयु में ही क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिला दिया। एकलव्य मैदान से शुरू हुए इस सफर में प्रीति ने शुरुआती दौर में तेज गेंदबाजी भी आजमाई, ताकि उनके कंधे मजबूत हो सकें। बाद में अपनी सीनियर खिलाड़ी दयालन हेमलता की सलाह पर उन्होंने स्पिन गेंदबाजी को अपना मुख्य हथियार बनाने का निर्णय लिया। यह फैसला आगे चलकर उनकी पहचान बना।

घरेलू क्रिकेट में शानदार दस्तक

प्रीति ने मात्र 12 साल की आयु में उत्तर प्रदेश की सीनियर टीम की ओर से पहला मैच खेला। केरल के खिलाफ खेले गए उस मुकाबले में उन्होंने 5 विकेट झटककर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बाद उनका चयन चैलेंजर ट्रॉफी के लिए भी हुआ। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते जल्द ही उन्हें भारतीय सीनियर कैंप में जगह मिली, जहाँ भारत-ए टीम की ओर से खेलते हुए उन्होंने सभी को प्रभावित किया।

अंतरराष्ट्रीय करियर: डेब्यू से वापसी तक

प्रीति का अंतरराष्ट्रीय डेब्यू 2006 में आयरलैंड के खिलाफ हुआ, जहाँ उन्होंने 8 ओवर के स्पेल में केवल 18 रन खर्च कर 1 विकेट लिया। इसी वर्ष उनका टेस्ट डेब्यू और भी शानदार रहा — इंग्लैंड की सरजमीं पर उन्होंने पहले ही टेस्ट में 5 विकेट चटकाए, जो किसी भी डेब्यूटेंट के लिए असाधारण उपलब्धि है। 2007 के बाद वह टीम से बाहर हो गईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 2010 में एक बार फिर भारतीय टीम में वापसी की।

आंकड़ों में करियर

प्रीति ने भारतीय महिला टीम के लिए 2 टेस्ट मैच खेले, जिनमें कुल 5 विकेट लिए। 23 वनडे मुकाबलों में उन्होंने 28 विकेट चटकाए, जबकि उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 14 रन देकर 3 विकेट रहा। इसके अलावा उन्होंने भारत के लिए 1 टी20 मुकाबला भी खेला, जिसमें 1 विकेट अपने नाम किया।

विरासत और प्रेरणा

प्रीति डिमरी की कहानी केवल क्रिकेट के आँकड़ों तक सीमित नहीं है — यह उस माँ की कहानी भी है जिसने अपनी बेटी को पाँच साल की उम्र में मैदान पर उतारा और उस बेटी की जिजीविषा की कहानी है जिसने बार-बार टीम से बाहर होने के बावजूद वापसी की। गौरतलब है कि उस दौर में भारतीय महिला क्रिकेट अभी अपनी पहचान बना रहा था, और प्रीति जैसे खिलाड़ियों के प्रयासों ने उस नींव को मजबूत किया जिस पर आज की पीढ़ी खड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न स्थिरता — और इसीलिए बार-बार टीम से अंदर-बाहर होना किसी एक खिलाड़ी की विफलता नहीं, बल्कि उस चयन प्रणाली की सीमा थी जो प्रतिभा को निरंतर पोषण नहीं दे पाई। डेब्यू टेस्ट में 5 विकेट लेने वाली गेंदबाज का महज तीन साल बाद टीम से बाहर होना यह सवाल उठाता है कि क्या उन्हें जो अवसर मिले वे उनकी क्षमता के अनुरूप थे। आज जब भारतीय महिला क्रिकेट BCCI के पूर्ण समर्थन, बड़े अनुबंधों और वैश्विक प्रतिष्ठा का दावा करता है, तो प्रीति जैसे खिलाड़ियों की कहानी उस बदलाव की याद दिलाती है जो देर से आया।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रीति डिमरी कौन हैं?
प्रीति डिमरी भारत की पूर्व महिला क्रिकेटर हैं, जिनका जन्म 18 अक्टूबर 1986 को आगरा, उत्तर प्रदेश में हुआ। वह एक स्पिन गेंदबाज रहीं और 2006 से 2010 के बीच भारतीय महिला टीम का हिस्सा रहीं।
प्रीति डिमरी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कितने विकेट लिए?
प्रीति डिमरी ने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 34 विकेट लिए — 2 टेस्ट में 5, 23 वनडे में 28, और 1 टी20 में 1 विकेट। उनका सर्वश्रेष्ठ वनडे प्रदर्शन 14 रन देकर 3 विकेट रहा।
प्रीति डिमरी का टेस्ट डेब्यू कैसा रहा?
प्रीति डिमरी ने 2006 में इंग्लैंड की धरती पर अपना टेस्ट डेब्यू किया और पहले ही मैच में 5 विकेट चटकाए। यह किसी भी डेब्यूटेंट के लिए उल्लेखनीय प्रदर्शन था और उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींचा।
प्रीति डिमरी क्रिकेटर कैसे बनीं?
प्रीति डिमरी की माँ को खेलों से गहरा लगाव था और उन्होंने प्रीति को मात्र 5 साल की उम्र में क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिला दिया। एकलव्य मैदान से शुरुआत कर उन्होंने सीनियर खिलाड़ी दयालन हेमलता की सलाह पर स्पिन गेंदबाजी अपनाई और 12 साल की आयु में उत्तर प्रदेश की सीनियर टीम के लिए खेलने लगीं।
प्रीति डिमरी 2007 में टीम से बाहर क्यों हुईं और वापसी कब की?
2007 के बाद प्रीति डिमरी को भारतीय महिला टीम से बाहर कर दिया गया, हालांकि इसके विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने हार नहीं मानी और 2010 में एक बार फिर भारतीय टीम में वापसी की।
राष्ट्र प्रेस
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