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चेतेश्वर पुजारा ने खोला राज: क्यों नहीं खेलते थे रिवर्स स्वीप, शास्त्री के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में बात

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चेतेश्वर पुजारा ने खोला राज: क्यों नहीं खेलते थे रिवर्स स्वीप, शास्त्री के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में बात

सारांश

पुजारा की रूढ़िवादी बैटिंग दर्शन के पीछे का कारण: रिवर्स स्वीप जैसे आधुनिक शॉट उनके खेल के लिए अनुपयुक्त थे। शास्त्री के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में इस राज को खोलते हुए पुजारा ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरों की महत्ता को भी रेखांकित किया।

मुख्य बातें

चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि रिवर्स स्वीप उनके बैटिंग स्टाइल के लिए सही नहीं था।
पुजारा ने भारत के लिए 103 टेस्ट मैच खेले, 43.60 की औसत से 7,195 रन बनाए।
2018–19 ऑस्ट्रेलिया दौरे में पुजारा ने 521 रन बनाए, प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए।
भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट सीरीज जीती, पुजारा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
2020–21 में भी पुजारा की धैर्य और दबाव झेलने की क्षमता भारत की दूसरी ऐतिहासिक जीत में महत्वपूर्ण रही।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने 30 अप्रैल को खुलासा किया कि रिवर्स स्वीप जैसे आधुनिक आक्रामक शॉट उनके रूढ़िवादी बैटिंग स्टाइल के अनुरूप नहीं थे। जियो हॉटस्टार पर भारत के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री के साथ एक बातचीत में पुजारा ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में ऐसे जोखिम भरे शॉट खेलने से उनके विकेट का खतरा बढ़ जाता था।

पुजारा की बैटिंग दर्शन

दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने भारत की ओर से 103 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 43.60 की औसत से 7,195 रन बनाए। उनके खाते में 19 शतक और 35 अर्धशतक दर्ज हैं। पुजारा ने 5 वनडे भी भारत के लिए खेले। उनकी बैटिंग रणनीति धैर्य और दबाव झेलने की क्षमता पर आधारित थी, न कि आक्रामकता पर।

शास्त्री के साथ जोरदार मजाक

शास्त्री ने मजाक में पूछा,

संपादकीय दृष्टिकोण

पुजारा की ताकत यह थी कि उन्होंने अपनी ताकत को समझा और उसी पर निर्भर रहे। ऑस्ट्रेलिया में उनकी सफलता इसी दर्शन का प्रमाण है। शास्त्री की टिप्पणी भी महत्वपूर्ण है — एशियाई टीमों के लिए ऑस्ट्रेलिया में जीत हमेशा एक अलग मायने रखती है, और पुजारा उस ऐतिहासिक उपलब्धि के मूल स्तंभ थे।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेतेश्वर पुजारा ने रिवर्स स्वीप क्यों नहीं खेला?
पुजारा के अनुसार, रिवर्स स्वीप उनके बैटिंग स्टाइल के अनुकूल नहीं था। टेस्ट क्रिकेट में ऐसा शॉट खेलने से उन्हें विकेट गंवाने का जोखिम रहता था, इसलिए उन्होंने इस शॉट को अपने खेल का हिस्सा नहीं बनाया।
पुजारा का टेस्ट क्रिकेट रिकॉर्ड क्या है?
चेतेश्वर पुजारा ने भारत के लिए 103 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 43.60 की औसत से 7,195 रन बनाए। उन्होंने 19 शतक और 35 अर्धशतक बनाए। इसके अलावा, उन्होंने 5 वनडे भी खेले।
2018–19 ऑस्ट्रेलिया दौरे में पुजारा की क्या भूमिका थी?
पुजारा ने 2018–19 के ऑस्ट्रेलिया दौरे में 521 रन बनाए, जिसमें 3 शतक शामिल थे। वह सीरीज के सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुने गए। उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट सीरीज जीती।
रवि शास्त्री ने पुजारा की क्या तारीफ की?
शास्त्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भारत की जीत वर्ल्ड कप जीतने जैसी थी, क्योंकि किसी भी एशियन टीम ने ऑस्ट्रेलिया को अपनी धरती पर टेस्ट सीरीज में कभी नहीं हराया था। उन्होंने पुजारा को 'सैनिक' बताया और कहा कि उनके बिना यह संभव नहीं होता।
राष्ट्र प्रेस
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